Ola in Trouble Again | Govt Ends EV Subsidy | Yamaha Aerox Electric | Tesla vs Waymo | EVTALKS #462

वेलकम टू EV talks. Yama ने दिखाए अपने दो नए इलेक्ट्रिक स्कूटर। एक होगा Aerox इलेक्ट्रिक। Ola के ऊपर सेल टेक्नोलॉजी चुराने के लगे आरोप। आखिर क्या है सच? E ने EV में मिलने वाली सब्सिडी गवर्नमेंट करेगी अब खत्म। Herova ने ल्च किया अपना एक नया वेरिएंट। एंड और भी बहुत कुछ इस वीडियो में आज आपको पता लगने वाला है क्योंकि ये है अपना EV टॉक्स। EV टॉक्स के अंदर हम पूरे हफ्ते की तगड़ी-तगड़ी ईवी न्यूज़ आपके लिए लेके आते हैं। कौन सी गाड़ी ल्च हो रही है, कौन सी बाइक ल्च हो रही है? EV बैटरी इनोवेशन कहां पे जा रही है? EV की दुनिया में क्या लफड़ेबाजी हो रही है? और भी बहुत कुछ जो कि सुनके देख के आपको मजा भी आता है। तो स्टार्ट करते हैं न्यूज़ नंबर वन से। Yamaha aerox इलेक्ट्रिक फाइनली Yamaha ने रिवील कर दिया है जो कि दिखने दिखाने में। काफी सिमिलर हो जाता है इनके पेट्रोल वेरिएंट से। लेकिन हां, थोड़े बहुत चेंजेस फिर भी किए गए हैं। जैसे कि सबसे पहले नाम में ही चेंज हो गया है। इसे बुलाया जाएगा एरोक्स ई। बाकी जो डिस्प्ले है, व्हील है, ओवरऑल जो डिजाइन है वो सिमिलर ही हो जाता है इनके पेट्रोल वाले वेरिएंट से। इंजन की जगह आप यहां पे मिड ड्राइव मोटर ने ले ली है जो कि 9.5 kवाट की है। 48 न्यूट मीटर का ये टॉर्क जनरेट करती है। बैटरी पैक यहां पे दो हैं। रिमूवेबल है। निकाल के भी चार्ज किए जा सकते हैं। एक है 1.5 किलो आर का। दोनों मिलाके 3 किलो वाट आर। जिससे सर्टिफाइड रेंज मिलेगी 106 कि.मी. की जो कि मुझे कम लग रही है। भाई इतना धांसू स्कूटर और रेंज सर्टिफाइड वाली इतनी है। मैं कह रहा हूं सर्टिफाइड इतनी है तो रियल वाली 90 के आसपास ही हो सकती है। बाकी इसके अंदर तीन राइडिंग मोड मिलेंगे। इको स्टैंडर्ड और पावर। साथ ही में एक बूस्ट मोड भी होगा जो कि क्विक ओवरटेकिंग के लिए है। फ्रंट में डिस्क ब्रेक है विद एबीएस, रियर में डिस्क ब्रेक। अभी इसकी प्राइजिंग नहीं आई है। इसे फ्यूचर में लाया जाएगा अगले साल के फर्स्ट क्वार्टर से या फिर मिड 2026 तक। बाकी स्कूटर देखने दिखाने में यहां पे सिमिलर ही हो जाता है। दूसरा Yamaha का इलेक्ट्रिक स्कूटर है यहां पे रिवर इंडी बेस्ड EC06 जो कि कुछ टाइम पहले बताया गया था कई मीडिया हाउसेस द्वारा कि भाई रिवर इंडी को ही रिबैच करके थोड़े बहुत चेंजेस करके उसके अंदर yama ल्च करेगा। तो फाइनली यह वो स्कूटर हो जाता है। स्कूटर मैकेनिकली एग्जैक्टली सेम है। अंदर जो पावर ट्रेन है, अंदर जो बैटरी है, चार्जिंग कैपेसिटी, रेंज वगैरह सब एग्जैक्टली सेम हो जाता है रिवर इंडिकेट स्कूटर की तरह। लेकिन चेंजेस यहां पे डिजाइन को लेके किए गए हैं। जैसे कि आप फ्रंट देखोगे बिल्कुल अलग हो जाता है। रिवर इंडी के मुकाबले यह थोड़ा सा और शार्प लग रहा है। पीछे की तरफ आओगे तो यहां भी आपको डिजाइन जो है थोड़ा सा कॉम्पैक्ट और एजाइल टाइप देखने को लगता है। लेकिन एक यहां पे गड़बड़ भी हो गई है। जो मुझे कहूंगा एक रिवर इंडी की जो खासियत थी वो यहां पे छीन चुकी है। बूट स्पेस यहां पे बहुत ज्यादा कम हो चुका है। वो है अब 24.5 लीटर का। मेरे हिसाब से जो एक एडवांटेज थी ना रिवर इंडिके स्कूटर पे वो यहां पे कम हो गई है। अब डिपेंड करता है भाई किसी को मे बी जरूरत ना हो लेकिन ज्यादा बूट स्पेस होना हमेशा अच्छी चीज होती है। तो वो इस वाले स्कूटर में हमें देखने को नहीं मिलेगी। बाकी प्राइसिंग जो है इन दोनों स्कूटर की चाहे वो एरोस इलेक्ट्रिक हो या फिर यह वाला EC06 हो दोनों की नहीं आई है। अगले साल इन्हें ल्च किया जाएगा पहले क्वार्टर से सेकंड क्वार्टर के बीच में। यानी कि अगले साल मिड से पहले पहले इन्हें ल्च कर दिया जाएगा। पैसा एक्सपेक्टेड है और जो रिवर इंड वाला स्कूटर है उसे रिवर इंडी की ही फैक्ट्री में बनाया जाएगा। उसके ऊपर अपने डिज़ाइन पैनल वगैरह लगा लेंगे और Yamaha की बैजिंग कर देंगे। आप इनसे इंप्रेस हुए हो। कितने आपको ये अच्छे लगे हैं या फिर नहीं अच्छे लगे हैं। क्या कमियां लगी है आप कमेंट में बता सकते हो। लेकिन मेन फैक्टर जो होता है वो होता है प्राइिंग और मुझे ऐसा लगता है कि Yamaha वाले स्कूटर की प्राइिंग डेफिनेटली रिवर इंडी से थोड़ी तो ज्यादा होगी और एरोक्स भी मान के चलो 2 लाख से नीचे तो मेरे हिसाब से नहीं आएगा। ठीक है? बाकी आप बताओ कमेंट में आपको ये दोनों स्कूटर कैसे लगे? दोस्तों फेन थ्री सब्सिडी अब जाने वाली है। गवर्नमेंट ने यहां पे क्लियर कर दिया है कि ये बिल्कुल आखिरी बार है कि हम आपको सब्सिडी दे रहे हैं। इसके बाद से हमारी तरफ से कोई भी सब्सिडी एक्सपेक्ट मत करना। ये जो फिक्सल ईयर चल रहा है फिक्सल ईयर बोले तो जो मार्च से अप्रैल चलता है सॉरी अप्रैल से मार्च चलता है। तो यानी कि अगले साल का जो मार्च होगा मार्च 31 तक आखिरी सब्सिडी हमें देखने को मिलेगी फेम वाली इलेक्ट्रिक टू व्हीलर, थ्री व्हीलर और कार्स के ऊपर। यह गवर्नमेंट ने क्लियर कर आई थिंक कार के ऊपर तो मिलती भी नहीं है। कुछ सेलेक्टिव केसेस में मिलती है। जिन्हें मैं आगे बताता हूं। तो यहां पे ये आखिरी बार होने वाला है। अब इस चीज को लेके बहुत से लोग खुश भी हो रहे हैं, बहुत से नहीं हो रहे हैं। गवर्नमेंट का कहना यह है कि भाई देखो हमने तो इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर के अंदर 30% की पेनिट्रेशन कर ली है। लेकिन टू व्हीलर में अभी भी हम 10% से नीचे ही हैं। इवन कार में तो हम अराउंड 5% के ही हैं या फिर उससे कम ही हैं। यहां पे गवर्नमेंट का ये कहना है कि भाई कस्टमर साइड पे जो हमें फोकस करना था ना सब्सिडी से वो हम ऑलरेडी कर चुके हैं। हमारा फोकस अब कस्टमर से उठ के चार्जिंग इंफ्रा के ऊपर आ रहा है या फिर जो बाकी चीजें होती है पूरे इकोसिस्टम वाली उस पे हम ज्यादा जा रहे हैं। जैसे कि इन्होंने बताया कि एंबुलेंस हो गए, बस हो गई, इलेक्ट्रिक वाली इन सबको तो हम सब्सिडी 2028 तक देंगे। लेकिन यह जो पर्सनल वाली सब्सिडी है जो इलेक्ट्रिक टू व्हीलर, थ्री व्हीलर व्हील थी उसे हम बंद करने वाले हैं। और इन्होंने यह भी बताया कि अब हमारा फोकस चार्जिंग इंफ्रा प्लस बैटरी स्वाइपिंग पे भी होगा। जो कि अगर हम थोड़ा दूर से देखें तो एक अच्छी चीज भी हो जाती है क्योंकि अगर ईवी इको सिस्टम नहीं है। बोले तो चार्जिंग इंफ्रा नहीं है तो फिर EV किस काम की? और अगर हम चार्जिंग इंफ्रा को बहुत ज्यादा सुधार देते हैं लेकिन ईवी इतनी वायबल नहीं हो पाती खरीदने में तो फिर चार्जिंग इंफ्रा किस काम का दोनों कंडीशन में मामला डामामडोल नजर आता है बैलेंस लेके हमें चलना पड़ेगा खैर यहां पे अगर मैं बताऊं इसके फायदे नुकसान क्या होंगे देखो बड़ी कंपनियां जो होंगी वो तो ईजीली से सर्वाइव कर लेंगी क्योंकि उन्हें लॉस में बेचने में भी कोई दिक्कत वाली बात नहीं है और उनके पास वॉल्यूम इतना सारा होता है कि वो पैसा कमा ही लेंगे लेकिन दिक्कत होगी यहां पे स्टार्टअप्स को स्टार्टअप्स जो हैं जो कि नए बंदे आना चाह रहे हैं इस फील्ड के अंदर उन्हें गवर्नमेंट सब्सिडी बहुत ज्यादा हेल्प करती थी। उन्हें दिक्कत हो सकती है और साथ ही में हमें भी थोड़ी दिक्कत हो सकती है क्योंकि आने वाले टाइम में जब सब्सिडी हट जाएगी तो मे बी स्कूटर्स की बाइक्स की प्राइस थोड़ी हमें बढ़ के दिखे क्योंकि सब्सिडी नहीं हटेगी तो शायद से कंपनी अपनी प्राइिंग को बढ़ा सकती है। तो आने वाले जो 12 से 18 महीने होंगे वो देखने लायक होंगे भाई कि कहानी किस तरफ जाती है ऊपर या फिर नीचे। बाकी आपको क्या लगता है कि सब्सिडी हटाना सही है या फिर अभी सब्सिडी थोड़े और टाइम के लिए चलनी चाहिए। जो भी आपको लगता है आप कमेंट में बता सकते हो। दोस्तों Ola Electric एक बार दोबारा से कंट्रोवर्सी में आ गया है और इस बार आया है अपने बैटरी सेल्स को लेके। तो इनके ऊपर आरोप लगाया गया है कि इन्होंने जो बैटरी सेल टेक्नोलॉजी है उसे चुराया है साउथ कोरिया से। तो साउथ कोरियन मीडिया के अनुसार LG कंपनी जो कि एक साउथ कोरियन कंपनी है वो अब अंडर इन्वेस्टिगेशन है। इनके ऊपर इन्वेस्टिगेशन चालू कर दी गई है। नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस और पुलिस के द्वारा। आरोप यह लगाया गया है LG के ऊपर कि इनका एक फॉर्मर एंप्लई था जिसने पाउच टाइप लिथियम आयन बैटरी के मैन्युफैक्चरिंग डाटा को पास करा है टू Ola इलेक्ट्रिक मतलब जो सेल होता है उसकी डिटेल कैसे बनता है क्या-क्या उसके कोड वगैरह होते हैं वो Ola इलेक्ट्रिक को इसने पास कर दिए हैं। अब सुनने में यह चीज़ आसान सी लग रही होगी कि भाई ठीक है डाटा ही तो ट्रांसफर कर रहा है लेकिन नहीं साउथ कोरिया के अंदर इसके ऊपर लॉ बने हुए हैं और यह जो टेक्नोलॉजी है यह आती है इनकी नेशनल कोर टेक्नोलॉजी के अंदर जिसे साउथ कोरिया में प्रोटेक्ट किया जाता है अंडर स्ट्रिक्ट एक्सपोर्ट रूल्स और उसके बाद तो इंडिया में बवाल मच गई कि भाई Ola का जो सेल है वो तो कॉपी है वगैरह वगैरह लेकिन फिर Ola की तरफ से रिप्लाई आता है इन्होंने बताया कि भाई जो पाउच सेल है ना यह हमारे लिए तो भाई एक डेटेड और ओल्ड टेक्नोलॉजी हो चुकी है क्योंकि जो हमारा खुद खुद का 4680 सेल है वो एंटायरली डिफरेंट सिलड्रिकल सेल टेक्नोलॉजी है जिसके अंदर ड्राई इलेक्ट्रोड प्रोसेस का यूज किया जाता है। इस सेल टेक्नोलॉजी को लेके ही Ola के पास 720 पेटेंट फाइलिंग्स हैं जिसमें से 124 तो ऑलरेडी ग्रांटेड हो चुकी है। साथ ही में यहां पे Ola ने टाइमिंग को लेके भी क्वेश्चन उठाए हैं कि देखो हमने जिस दिन अपने स्कूटर को डिलीवर करा है अपने 4680 सेल के साथ उसी टाइम यहां पे न्यूज़ सर्कुलेट हो जाती है कि इन्होंने सेल कॉपी किया है ताकि हमें डैमेज पहुंचाया जा सके। कंपनी ने यहां पे यह भी हिंट दिया है कि यह कोई फॉरेन राइवल कंपनी हो सकती है जो कि चाहती है कि इंडिया के अंदर बैटरी मैन्युफैक्चरिंग ना हो या फिर ढंग से फल फूल ना पाए उसमें हम कुछ ना कुछ गड़बड़ डाल दें। तो ये कुछ सीन हुआ था जो रिसेंट कंट्रोवर्सी हुई है इनकी सेल टेक्नोलॉजी पे। दोस्तों BMW अपनी फाइनली i5 लॉन्ग व्हील बेस इलेक्ट्रिक कार को लॉन्च करने वाला है इंडिया के अंदर पूरे 1 साल के डिले के बाद। तो इस कार को लाया जाने वाला था भाई 2025 के अंदर। इसे लाया जाएगा अगले साल 2026 के स्टार्टिंग में। अब ऐसा क्यों किया वो मैं आपको बता देता हूं। तो देखो BMW जो i5 है इसके अंदर काफी बड़ा बैटरी पैक होता है 97 kw का जिससे रेंज तो काफी अच्छी मिलती है लेकिन बड़ा बैटरी पैक ग्राउंड क्लीयरेंस का भी दुश्मन होता है। स्पेशली जब कार जो है लग्जरी सेडान टाइप की हो। यहां भी वही सीन हो रहा था। BMW ने इसके ऊपर काफी इंजीनियरिंग करी है। चेसी के ऊपर रिवर्क करा है ताकि इसके ग्राउंड क्रेंस को बढ़ाया जा सके और फाइनली जो अब इंडिया में आएगी उसके अंदर हमें ग्राउंड क्रेंस थोड़ा ज्यादा देखने को मिलेगा और चांसेस है कि इसे रियर व्हील ड्राइव के साथ लाया जाए जिसमें मोटर है 340 हॉर्स पावर की 430 न्यूट मीटर का टॉर्क 97 कि.मी. का बैटरी पैक है जिससे सीएलटीसी रेंज देखने को मिलेगी 713 कि.मी. की। प्राइिंग इसकी एक्सपेक्टेड है 1 करोड़ के आसपास और इसे लोकली असेंबल्ड किया जाएगा इंडिया के अंदर चेन्नई वाली फैसिलिटी में। अब देखो ये देखो कितनी विडंबना वाली बात है। एक जर्मन लग्जरी कार ब्रांड जो कि इंडिया में अच्छी खासी अपनी कारें सेल कर रहा है। उसे इंडिया में अपना एक स्पेसिफिक मॉडल लाने से पहले उस पे इतना काम करना पड़ता है कि उसका ग्राउंड क्लीयरेंस बनाना पड़ रहा है। जस्ट बिकॉज़ इंडिया के अंदर रोड कंडीशन इतनी अच्छी नहीं है और यहां पे कार को डिले भी करना पड़ा पूरे एक साल। अगर वीडियो में यहां तक आ चुके तो भाई वीडियो पसंद आ रही है। पसंद आ रही है तो इसे लाइक करो, चैनल को करो सब्सक्राइब और वीडियो को हाइप भी मारो। दोस्तों Hero Va का सितारा जो है आजकल काफी चमक रहा है। इनकी सेल काफी बढ़ती जा रही है। लोगों को इनके प्रोडक्ट भी बहुत पसंद आ रहे हैं। और इसी चमकते हुए टाइम के अंदर इन्होंने एक और स्कूटर अपना लॉन्च कर दिया है। मतलब और नहीं करा उसका वेरिएंट निकाल दिया है। तो Hero VD VX2 जो कि पहले सिर्फ दो वेरिएंट में आता था। एक था VD VX2 गो दूसरा था VX2 प्लस। इस वाले के अंदर 2 किलो वाटर की बैटरी। इस वाले के अंदर 3.4 K. की बैटरी इन दोनों का जो प्राइस डिफरेंस था वो इस प्रकार था। यह वाला था 85,000 यह था ₹1,000 बीच का मुद्दा इन्होंने ल्च कर दिया है जो कि है Hero VDA VX2 गो 3.4 kw यानी इसके अंदर ही इन्होंने दो बैटरी दे दी है। पहले सिर्फ सिंगल बैटरी थी। डिफरेंस क्या है? डिफरेंस बस बैटरी का है। बाकी सारे फीचर यहां पे सेम है। वही ड्रम ब्रेक है। वही एलसीडी डिस्प्ले है और सारी चीज़ बेसिक ही है यहां पे। लेकिन हां जो रेंज है वो बढ़ के अब हो चुकी है। रियल वाली 100 कि.मी. मैं 100 कि.मी. ना बोल के बोलूंगा कि 95 या 90 तो ये दे ही देगा। बाकी अब जो ऑप्शन क्रिएट हो गए लोगों के लिए एक्स्ट्रा कि आपको अब क्या लेना है तो एक ऑप्शन हो जाता है यहां पे 12000 के आसपास यह वाला vx2 बार-बार क्यों बोल रहा हूं गो 3.4 kh और दूसरा है vx2 प्लस इन दो की प्राइजिंग देख लो 8000 का अंतर है इस वाले में डिस्क ब्रेक मिल जाएगा अच्छी वाली डिस्प्ले मिल जाएगी प्लस यहां पे स्पीड भी थोड़ी ज्यादा है यहां 80 किमी पर आर है और एक्सलरेशन भी थोड़ा ज्यादा अच्छा है इस वाले में थोड़ी परफेंस को लिमिट किया गया है हालांकि दोनों में मोटर एक्सजेक्टली सेम है तो एक और वेरिएंट आ गया है और हां बीड़ा मुझे अब लग रहा है कि भाई कंपनी ना दबा के उठ रही है और इसका ना एक्सलरेशन ग्राफ सेल्स के मामले में भी अच्छा हो रहा है। इस वेरिएंट को लाने से भी आई थिंक इनकी सेल बढ़ेगी और इन्होंने कुछ टाइम बोला था कि जिस दिन हम 20 से 25,000 यूनिट सेल करना स्टार्ट कर देंगे हम ब्रेक इवन पे आ जाएंगे। ब्रेक इवन का मतलब होता है ना कंपनी लॉस में बेच रही है ना फायदे में बेच रही है। ब्रेक इवन उस स्टेज को कहते हैं। अभी अगर आप पूछोगे तो Vida अभी भी लॉस में है अपने स्कूटर्स को लेके। दोस्तों Tesla और Google दोनों ही एक नंबर के राइवल हो जाते हैं। अगर हम बात करते हैं रोबोटी की यूएस के अंदर दोनों ही अपनी रोबोटी को चला रहे हैं। Vimo जबकि पहले से चला रहा है Tesla ने रिसेंटली एंट्री ली है। तो VMO की सीईओ ने रिसेंटली तंज कसा था पिछले हफ्ते। आई डोंट नो हु इज ऑन द लिस्ट बिकॉज़ दे आर नॉट टेलिंग अस व्हाट्स हैपनिंग वि देयर प्लेट सेड बाय टिकड्रा मावकाना जो कि VMO की सीईओ हैं। बिना नाम लिए इन्होंने बोल दिया कि भाई हमें तो नहीं पता उनकी टैक्सी कैसे चल रही है क्या उसमें सेफ्टी वगैरह है। अब इस चीज से भाई Tes्ला को लग गया बुरा और ईलॉन मस्क ने अपनी जितनी भी गाड़ियां हैं जो इनकी filit में चल रही है। फ्लीट क्या जितनी भी गाड़ियां चल रही है चाहे वो कस्टमर वाली भी हो उन सभी का डाटा इन्होंने लाइव कर दिया है अपनी ही वेबसाइट पे एक अलग सेक्शन में। अब होगा क्या? आप वहां पे जाके देख सकते हो कि इनके जो फुल सेल ड्राइविंग सॉफ्टवेयर है उस पे डेली कितने किलोमीटर इनकी गाड़ियां चल रही हैं। और यह एक लाइव मीटर है जो कि यहां पे आपको चलता हुआ दिख रहा है। साथ ही में उन्होंने यह भी बता दिया है कि हमारी जो गाड़ियां हैं उनके अंदर हमें सात गुना कम मेजर कोजन देखने को मिले हैं। सात गुना कम माइनर कोलाजन देखने को मिले हैं और पांच गुना कम ऑफ हाईवे कोलाजन देखने को मिले हैं। क्योंकि उन गाड़ियों में फुल सेल्फ ड्राइविंग सॉफ्टवेयर यूज़ हो रहा था। थोड़ा नीचे आते हैं तो इन्होंने एक डाटा और दिखा रखा है कि ऑन एवरेज एक गाड़ी अपने मेजर और माइनर कोलाजन से पहले कितना चल लेती है। तो यहां पे साफ-साफ दिख रहा है कि भाई फुल सेल ड्राइविंग सॉफ्टवेयर जो है बहुत ज्यादा हेल्प कर रहा है एक्सीडेंट्स को रोकने में। हालांकि vo की जो गाड़ियां है वो भी काफी अच्छी खासी सेफ है। यहां पे आपको डाटा दिख रहा होगा कि इनके वजह से कितना गुना एक्सीडेंट कम हुए हैं। कुल मिला के यहां पे तंजबाजी तो हुई है लेकिन मेरे को एक चीज अच्छी लगी। इससे ना जो फुल सेल ड्राइविंग सॉफ्टवेयर यूज़ करेंगे उनके अंदर कॉन्फिडेंस आएगा। उनके सामने लाइव डाटा जब दिया जाएगा कि भाई देखो हमारी गाड़ियां इतने एक्सीडेंट बचा रही है या फिर यह इतने सेफर है। दोस्तों मसाती ने भी फाइनली अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार को लॉन्च कर दिया है जिसका नाम है gallel folgur। मुझे नहीं पता मैंने प्रोनाउंस सही करा है या गलत कमेंट बता दे रहा। खैर गाड़ी की जो प्राइिंग है वो तो मैं आपको आगे बताऊंगा लेकिन स्पेसिफिकेशन काफी अच्छी लगी। 105 कि.मी. का यहां पे बैटरी पैक है जिससे क्लेम्ड रेंज मिलेगी 501 कि.मी. की। ऑल व्हील ड्राइव के साथ यह आती है 550 हॉर्स पावर और 820 न्यूटन मीटर का टॉर्क और प्राइजिंग इसकी है 1.89 करोड़ नियरली ₹ करोड़ तो नजर रहती है कि अगर आपको पहली इलेक्ट्रिक कार खरीदनी है इंडिया के अंदर ₹ करोड़ आपके खर्च होंगे ही होंगे। दोस्तों Mahindra ने फाइनली अपना पहला डीसी फास्ट चार्जर वो भी 180 kवाट की पीक चार्जिंग वाला ओपन कर दिया है नीलकंठ स्टार मूरथल में। और इनकी जो खुद की एप्लीकेशन है Mi फॉर यू ऐप वहां पे भी आपको यह विज़िबल हो जाएगा। चार्जर जो यहां पे यूज़ हो रहे हैं वो एककॉम कंपनी के हैं। और अच्छी बात मुझे पता है क्या लगती है Mahindra की दोनों इलेक्ट्रिक कारों के बारे में कि दोनों ही गाड़ियां 180 kवा की पास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है और एक्चुअल में भी यह इतनी स्पीड पे काम कर जाती है। यह Tes्ला क्लब इंडिया ने शेयर करा था डाटा एक्चुअल में जहां पे 180 kवाट से भी ऊपर की पावर यह ले लेती है जो कि बहुत तगड़ी बात हो जाती है। और हां अच्छी अपडेट यह भी है कि अभी और भी चार्जर लाने वाले हैं। यह तो इनका भी पहला ही हुआ है। लेकिन एक गलती जो लोग करते हैं और मुझे बिल्कुल पसंद नहीं आती है। इवन मैं कमेंट सेक्शन में भी देख रहा था कि जहां पे लिख गया भाई Mahindra वहां पे जाके बंदे अपनी Thar या फिर Scorpio लगा देते हैं। उन्हें लगता है यह पार्किंग है भाई नहीं वो चार्जिंग स्टेशन होते हैं। ऐसा मत करना या फिर अदर कंपनी के ही बंदे जो होते हैं पार्किंग के चक्कर में गाड़ी लगा देते हैं और जो एक्चुअल में उस चार्जर को यूज़ करना चाहता है वो यूज़ नहीं कर पाता है। तो ऐसा मत किया करो। और अब बात करते हैं कुछ क्विक अपडेट्स की। Ferari अपनी इलेक्ट्रिक कार को सिर्फ एशिया में सेल करेगा। यूरोप में यह सेल नहीं होगी। Tata car की पेट्रोल और EV दोनों के अंदर हमें हेड्स अप डिस्प्ले देखने को मिलेगी। Xiaomi की YU 7 ने Tesla की मॉडल Y को बीट कर दिया है चाइना के अंदर जहां पे इन्होंने 33,000 से ज्यादा इलेक्ट्रिक कार सेल करी है। Ashok Leeland की EV कंपनी स्विच मोबिलिटी प्रॉफिटेबल हो गई है। साउथ कोरिया 20% तक की सब्सिडी बूस्ट देगा अपनी कंपनीज़ को 2026 में यूएस के टेरिफ से बचने के लिए। Bentley ने अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार का प्रोडक्शन चालू कर दिया है जो कि डेब्यू करेगी 2026 में। Tesle ने अपने सप्लायर्स को बोल दिया कि भाई जितनी भी हमारी अमेरिकन कार होंगी जो यूएसए में बेची जाएंगी उनके अंदर मेड इन चाइना वाले पार्ट हमें यूज़ नहीं करने हैं आने वाले एक-दो साल में। नमो भारत भी अपने ट्रैक पे सोलर पैनल का यूज करने वाला है। ऑलरेडी इन्होंने स्टार्ट कर दिया है दुहाई स्टेशन पे। रिवर इंडिया फाइनली आ चुका है जयपुर में। तो यह था इस हफ्ते का यह भी टॉप। पसंद आया, तो उसे लाइक करना।

Welcome back to EVTALKS #462 — your weekly dose of EV news, sarcasm, and global electric headlines!

This episode is loaded with big reveals and major controversies:
Yamaha finally reveals the Aerox Electric with a claimed 106 km range, and another e-scooter is on the horizon.
The Indian government confirms that EV subsidies will end this year, marking a major policy shift.
Meanwhile, Ola Electric finds itself in controversy again — South Korean media accuses Ola of stealing LG battery cell tech.
On the luxury side, BMW i5 LWB is coming to India in early 2026, Maserati launches its new all-electric SUV in India at ₹1.89 crore, and Hero Vida expands its portfolio with the new VX2 Go (3.4kWh) variant at ₹1.02 lakh.
Plus, the Tesla vs Waymo robotaxi fight heats up — Waymo calls out Tesla’s safety claims, and Mahindra quietly opens its first 180 kW charger in Murthal.
A jam-packed episode from start to finish — don’t miss a second.

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00:00 — Intro
00:36 — Yamaha Aerox Electric Revealed (106 km Range) + Another E-Scooter Incoming
03:18 — Indian Govt Confirms: No More EV Subsidy After This Year
05:38 — Ola in Trouble: Accused of Stealing LG Battery Cell Tech (South Korean Report)
07:33 — BMW i5 LWB India Launch Likely in Early 2026
08:59 — Hero Vida VX2 Go 3.4kWh Variant Launched at ₹1.02 Lakh
10:48 — Tesla vs Waymo: Robotaxi Safety War
12:30 — Maserati Launches Electric SUV in India at ₹1.89 Crore
13:40 — Mahindra Installs First 180kW Public EV Charger at Murthal
14:06 — Quick Update

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