SUPER Fast Hime Charging MG ZS EV in Hills – Charging Time, Cost, Range | Electric Vehicle Charging
और यहां पर आप देखेंगे ना चार्ज हमारा हो गया 100%। तो दोस्तों कल शाम आपने देखा कि हम इस गाड़ी को चार्ज लगा के चले गए थे और लगभग हम कल 8:00 बजे रात को हमने चार्ज लगाया था। अभी दिन के 12:00 बज रहे हैं अगले दिन के। दोस्तों वेलकम टू पावर रेस और मैं हूं आपका दोस्त हर्षित और अभी जो आप मेरे सामने गाड़ी देख रहे हैं ये MG की ZX EV है। आज हम आए हैं अल्मोड़ा में। ये जो नंबर आप देख रहे हैं ये गुड़गांव का नंबर है। ये गाड़ी को हम अल्मोड़ा लाए हैं। किस तरीके से हम इस गाड़ी को चार्ज कर पा रहे हैं ना। जैसे कि आप आसपास भी देख रहे हैं कि हम पहाड़ों के बीच में आ गए हैं और कोई भी ऐसा चार्जिंग स्टेशन अपने पास नहीं है। कुछ ऐसा फिक्स सिस्टम हमारे पास नहीं है कि हम इस गाड़ी को चार्ज कर पाए। तो आज की वीडियो में आपको दिखाते हैं किस तरीके से ना आप अपनी इलेक्ट्रिक कार को कोई भी इलेक्ट्रिक कार हो। Windsर EV Pro हो, Windsर EV हो। किसी भी इलेक्ट्रिक कार की बातचीत आप करिए जो इंडिया में 10 लाख से लेके 4 करोड़ तक आती है। आप किस प्रकार ना उसको घर पे चार्ज कर सकते हैं। या फिर आप कह सकते हैं आप अपने जहां भी होटल में आ रहे हैं या किसी मंदिर में आ रहे हैं। आप अपने अकॉर्डिंग गाड़ी को चार्ज कर पाते। तो मैं सारा सिस्टम आपको दिखाता हूं। बहुत मजा आएगा और कभी अगर आप ऐसी जगह फंसते हैं तो आपकी मदद जरूर होगी। अगर आप इस गाड़ी को ले रहे हैं या फिर पंचवी को लेंगे या windsर EV को लेंगे या windsर EV Pro को लेंगे उसके साथ आपको एक पोर्टेबल चार्जर मिलता है। अब वो चार्जर को यूज़ करना ना बड़ा ट्रिकी सा है क्योंकि उसको आप लगाएंगे कहां? आप घर में तो लगा सकते हैं। उससे आपको 300 400 जैसी भी गाड़ी की स्पेसिफिकेशन है उसके अकॉर्डिंग रेंज वैल्यू मिल जाएगी। मैं आपको एक प्रैक्टिकल दिखाता हूं। किस तरीके से हमने यहां पे ना आज हम अल्मोड़ा के टूर पे निकले हुए हैं। तो वहां पर बीच में हमें एक जगह मिली जहां पर हम इस गाड़ी को चार्ज कर रहे हैं। और ऐसी कुछ रोड थी जहां पर हमारा अभी गाड़ी का जो एसओसी है यानी कि स्टेट ऑफ चार्ज वो आ गया 30% पे। अब 30% आ गया तो रेंज कितनी बचती है? लगभग बच जाएगी। 60 70 कि.मी. के आसपास अगर हाईवे में चलोगे तो थोड़ा सा ना डाइसी मामला हो जाता है और पहाड़ों में वैसे ही थोड़ा सा रेंज को लेके हम थोड़ा सा इलेक्ट्रिक गाड़ियों के साथ शंका में रहते हैं कि कभी जाम लग गया, कभी खराब रास्ता आ गया तो क्या करेंगे। तो मैं आपको समझाता हूं किस तरीके से हमने ये जो पूरा ऑब्सकल है ना उसको कवर अप करा क्योंकि पहले तो ऐसी-ऐसी जगह आपको पहाड़ों में मिलेंगी जहां पर आपका पूरा-पूरा जो ड्राइविंग टेस्ट है वो पूरा हो जाएगा। आपको इतनी पतली सी जगह में गाड़ी को पार्क करना होगा। आप अगर उसको पार्क कर लेते हैं जिसमें आपकी गाड़ी कहीं से भी डैमेज ना हो। वो पहली कंडीशन है। फिर उसके बाद आपको चाहिए जो इसका चार्जर है वो अपने साथ हर वक्त मौजूद हो जो कि नॉर्मली कुछ इस तरीके के बॉक्स के अंदर कंपनियां देती है। आज हम चला रहे हैं MG की ZX EV उसके साथ एक प्रॉपर चार्जिंग सेटअप आता है जो कि फास्ट चार्जर है 13 एंपियर की वो मैक्सिमम वैल्यू लेता है। तो उसके लिए आपको 16 एंपियर का प्लग चाहिए और अच्छी खासी ना एक पावर रेटिंग वाला प्लग चाहिए जो कि गाड़ी को अकॉर्डिंगली चार्ज कर पाए। यहां पर आपको 50.3 kw की बैटरी मिलती है। अब अगर आप कंपटीशन में देखें तो बहुत सारी गाड़ियां है जिनकी अगर आप बैटरी कैपेसिटी देखें तो 50 प्लस kवाट जा चुकी है। WS EV Pro की भी 50 प्लस kवाट है। तो टाइमिंग यहां पर आपका 17 से लेके 20 घंटा लग सकता है। अगर आप इस पोर्टेबल चार्जर से इसको चार्ज करते हैं। अगर आप 0 टू 100 की बात करेंगे। वहीं अगर आप वैसे टॉप अप कर रहे हैं पहाड़ों में चल रहे हैं 10010 कि.मी. अगर आप रोज-रोज चल रहे हैं तो आपकी बैटरी परसेंटेज आ जाएगी 30% 35% वहां पर भी आपको 12 घंटे के आसपास की वैल्यू लगेगी इसको दोबारा से 100% चार्ज करने में। तो उसमें समझदारी ये है कि जैसे ही आप कहीं पहुंचते हैं अपने होटल में आते हैं किसी के रिश्तेदार के वहां आते हैं या फिर अपने पुराने घर में आना चाहते हैं तो आप पहुंचते ही गाड़ी को प्लग इन कर दीजिए चार्जर में। आपको अब दूसरा चैलेंज आएगा कि वो पावर सॉकेट आपको ढूंढना है जहां पर उस चार्जर को आप प्लग करेंगे। वैसे यह तीसरा चैलेंज है। पहला कि आपको प्रॉपर पार्क करना है। उसके बाद दूसरा चैलेंज है कि जो उसका चार्जर है अपने पास हमेशा रखना है। तीसरा है कि उसका जो पॉइंट है ना वो आपको ढूंढना है। अब वो आपको कैसे हमने ढूंढा वो दिखाते हैं। तो यहां पर आप जहां पर भी जाएंगे क्योंकि इंडिया में हर जगह आपको 230 वोल्ट एसी तो मिल ही जाती है। उसमें कंडीशन बस यह है कि वो अच्छे खासे एंपियर रेटिंग के हिसाब से हो। लगभग 2.5 एमm मोटा उसमें कॉपर वायर का यूज़ किया गया हो। यानी कि 2.5 mm स्क्वायर का आपको एक प्रॉपर कॉपर गेज का वायर यूज़ होता हुआ दिखे उसमें या फिर 4 स्क्वायर एमएम एलुमिनियम केबल आप यूज़ कर सकते हैं मिनिमम उससे ऊपर कितना भी चले जाइए। तो यहां पर देखिए हमने बहुत बढ़िया तरीके से गाड़ी को पार्क कर लिया है। उसके अलावा यहां पर जो इसका ये पोर्टेबल चार्जर आता है वो आपको मैं यहां पर दिखा दूं जो कि MG कुछ इस प्रकार का ऑफर करती है जिसमें आप देखेंगे जो मैक्सिमम करंट रेटिंग है आपको यहां पे 13 एम मेंशन होता हुआ दिखा है और टाइमिंग मैंने बताया कि ज़ीरो टू 100 होने में ये 17 से लेके 18 घंटे ले लेती है। लेकिन अच्छी बात यह है कि अगर 30% 40 50% है तो 12 घंटे में ये चार्ज हो जाने वाली है। तो यहां पर सिंपली जो इसका फ्रंट का लैच है उसको आपको ओपन करना है जो कि सिंपल सी बात है। उसके बाद इस गन को आप प्लग इन कर लीजिए और आपके सामने इसके दूसरे पॉइंट पे आ जाने वाली है कुछ ऐसी वाली जो एक पावर सर्किट वाली पिन यूनिट है। उसके बाद ऐसा कुछ आप एक्सटेंशन बना लीजिए। यह मैं बता रहा हूं। 4 स्क्वायर mm की जो एलुमिनियम केबल होती है लगभग ₹12 पर मीटर के हिसाब से इसकी कॉस्ट शुरू हो जाती है और मीडियम क्वालिटी की है। अगर आप हाई क्वालिटी के साथ जाएंगे तो 18 से लेके ₹20 पर मीटर की इसकी आपको कॉस्ट आने वाली है और यह अगर आप देखिए तो 100 ₹200 के आसपास अच्छी कंपनी का आप ले लीजिए किसी भी इंडियन या फिर किसी भी जैपनीज़ कंपनी का और इसको पहले बंद करिए और इसको यहां पर अच्छे से ऐसे करके प्लग इन कर लीजिए। आपको यह ध्यान रखना है कि आपको यह वाला जो सॉकेट है यह तो कंपनी दे रही है। इसमें इस तरीके का देना है जिसमें आप इसको आसानी से लगा पाए। लेकिन आपको ध्यान यह रखना है कि जो आप उस तरफ लगाएंगे यानी कि जहां पर आपको उसको इंस्टॉल करना है वो आपको छोटी पिन वाला करना है। थ्री पिन वाला ही करना है लेकिन छोटी पिन वाला करना है ताकि आप जो नॉर्मल 6 एंपियर वाला सॉकेट है ना उसमें भी उसको लगा पाए। लॉन्ग रन के लिए वो रिकमेंडेड नहीं है। लेकिन इन केस ऑफ इमरजेंसी वो ज्यादा आपको ऑप्शन मिलेंगे छोटी वाली प्लग को लगाने के। ये बड़े वाले के लिए थोड़े कम ऑप्शन रहते हैं इंडिया में क्योंकि लोग थोड़ा कॉस्ट कटिंग करते हैं उन चीजों को लगाने में भी। अब ये आपकी व्यवस्था पूरी हो गई। तो यहां से जो हमारा एक्सटेंशन वाला तार है वो हमारा जा रहा है जो फिर हमारा जो मेन गीज़ यूनिट लगती है या फिर जो भी ना पावर अप्लायंस लगते हैं वहां पर हम लगा देंगे जिससे पावर में कोई समस्या ना हो। तो ये वायर हमने देखिए अच्छे से राउटिंग कर ली और अंदर जहां भी हम उसको देना चाहते हैं वो अपना हर किसी का इंटरनल मामला है वो कहीं भी लगा सकते हैं। अब आपके पास चैलेंज रहा कि इसको चौथा चैलेंज है कि इसको आप सेव कैसे करेंगे क्योंकि यह भी चीज है खर्चीली चीज है। कोई रात को अगर इसको यहां से काट के चले गया दो पैसे कमाने के लिए तो आपके लिए समस्या हो सकती है। तो आपको अब इसको सेव गार्ड करना है। घर में गाड़ी खड़ी रहती है तो आप इसको ऐसे ही छोड़ दीजिए। वैसे ही जब यह गाड़ी चार्जिंग में आ जाती है ना तो यह आपका क्या कहते हैं कि लॉक हो जाता है। फिर कोई समस्या नहीं आती है। देखिए हम इसको यहां से ऑन भी कर देंगे तो यहां पर यह आपका चार्जिंग में थोड़ी देर में आ जाएगी जो कि हम अंदर से पावर सर्किट ऑन करेंगे। लेकिन इसको आप रखेंगे कहां? तो मैंने अपने हिसाब से एक सॉल्यूशन रूट है। कंपनी कहीं से भी ऐसा कुछ रिकमेंडेड नहीं करती और लॉन्ग रन में सेफ भी नहीं है। आपको इन केस ऑफ़ इमरजेंसी ऐसा करना है कि आपको इसका जो जो ये इंजन बे कहते हैं नॉर्मल पेट्रोल डीजल गाड़ियों में। तो यहां पर इसको ओपन करना है और बहुत स्मार्टली इसको यहां पर रख देना है ताकि यह किसी के विज़न में ना आए। यह मैं करके दिखाता हूं। आप देखिए। अब देखिए दोस्तों जो सबसे ज्यादा मेन पार्ट है ना कि जो आपके कॉस्टली आइटम है आप उनको किस तरीके से अननोन प्लेस में सेफ रख सकते हैं। यह रिकमेंडेड कहीं से भी नहीं है। सेफ भी नहीं है ऐसा करना और इन केस ऑफ़ इमरजेंसी जस्ट टू अवॉयड थेफ्ट। तब आपको ऐसी चीज करनी है ताकि आप गाड़ी को फ्री ऑफ़ माइंड हो के चार्ज कर पाए। तो यह जो आपकी ये 4 स्क्वायर mm की मिनिमम जो एलुमिनियम केबल है वो आ रही है और जो कि वहां पर एक्सटेंशन सॉकेट में है और वो सॉकेट से होती हुई आपकी जो कंपनी ने आपको गन दी है चार्जिंग गन उसमें आ जाएगी। तो आपको यह जो केबल आ रही है सबसे पहले यहां पर एक फेंडर रहता है नॉर्मली। किसी भी गाड़ी में आप देखेंगे नॉर्मली आपको ऐसा कुछ ना कुछ दिख ही रहा होगा। तो यह यहां तक आ चुका है। थोड़ा पीछे जाइए आप। यह तार मेरा ना बहुत ज्यादा लंबा सा है क्योंकि मैं बहुत सारे एडवेंचर करते रहता हूं। तो ये चीजें मैं ट्राई करते रहता हूं। इसमें आपको हर बार ट्राई करना है। जब भी आप इनको यूज़ करो तो कहीं पर कट ना हो या वैसी चीज़ ना हो। यह इन केस ऑफ़ इमरजेंसी ही आपको ऐसी चीज़ करनी है और मैं इसको काफ़ी बार कर चुका हूं। तो, इसमें मुझे तक अभी कोई ऐसा चैलेंज आया नहीं क्योंकि यह सारा जो इलेक्ट्रिकल कंपार्टमेंट वाला ही यूनिट है। तो, इसमें इलेक्ट्रिकल चीजों को तो कोई समस्या होनी नहीं चाहिए। सिर्फ आपको यह ध्यान रखना है जो रेडिएटर फैन है या फिर जो आपका मेन कंडेंसर फैन है उसकी प्रॉक्सिमिटी में यह चीजें नहीं होनी चाहिए। इसको आप बड़ी सावधानी से यहां पर विदाउट एनी डैमेज। इस तरीके से ऐसे कर दीजिए और इसको पार्ट को भी आप ऐसे यहां पर ले आइए। तो देखिए यह सारी चीजें सेफ गार्ड हो गई। कोई समस्या नहीं है। यहां से हमारा स्विच जो है वो ऑन है। अब हमें मेन वहां से सप्लाई देनी है और हमारी चार्जिंग यहां पर शुरू हो जाएगी। एक बार चार्जिंग शुरू होगी तो ये गन अपनी पोजीशन में लॉक हो जाएगी। इसको कोई छोड़ ही नहीं सकता है। और इसको हम आराम से बंद कर देंगे। ज्यादा प्रेशर से नहीं करेंगे। ईली-इजीली करेंगे ताकि यह चीजें डैमेज ना हो। यह चीज सिर्फ आपको इमरजेंसी में करनी है। डेली नहीं करनी है। लॉन्ग टर्म यूज़ करेंगे तो यहां पर कुछ ना कुछ वियर टेयर होके आपका वायर डैमेज हो सकता है। जब घर में है तो निश्चिंत होके छोड़िए अपनी एक्सटेंशन केबल्स और उन सबको कोई कहीं नहीं ले जाएगा। बस यहां पर जो इन केस ऑफ़ इमरजेंसी अननोन प्लेस में आप यह करिएगा। रोड साइज जब आप चार्जिंग कर रहे होंगे वो भी इस पोर्टेबल चार्जर से। और यहां पर आप देख रहे हैं जो हमारा मेन पावर सोर्स है जहां से आपको पावर लेनी है। इन केस ऑफ़ इमरजेंसी आप घर में चार्ज कर रहे हैं। किस प्रकार से आपका कोई भी जो पावर अपलाइन जहां पर आप लगाते हैं वहां पर मैंने कहा कि जो छोटा थ्री पिन वाला सॉकेट है ना वो आपको लगाना है। अब काफी ईवी के अंदर होता है कि आपको जो ग्राउंडिंग है वो कंपलसरी होती है। अर्थिंग करानी होती है। तो ये जो गाड़ी है आज हमारे साथ इसमें अर्थिंग की रिक्वायरमेंट कंपलसरी नहीं है। आपके पास बस सिंगल फेस सप्लाई होनी चाहिए विदाउट एनी अर्थिंग और वो और आप सिंपली इस चीज का आनंद यहां पर ले सकते हैं। को हम ऑन कर देंगे तो आपकी जो पावर है वह गाड़ी की ओर जा चुकी है। तो अब हम देखते हैं गाड़ी में किस प्रकार से चार्जिंग और वह सब चीजें चल रही है। और दोस्तों यहां पर फाइनली हमारा जो चार्जिंग सिस्टम है ना वो सक्सेस होता है। मतलब चार्जिंग शुरू हो गई है। इंडिकेशंस आप यहां पर देखेंगे। ग्रीन नियन इंडिकेशंस के साथ आपकी जो चार्जिंग है वो सफलता की ओर बढ़ रही है और जो आपका आगे का सफर है ना वह बिल्कुल सुनिश्चित हो जाता है कि आप आगे का सफर कर पाएंगे। ये सारी चीजें आपको अपना जो एक स्टेट ऑफ माइंड है ना उसको बिल्कुल एक्टिव रहते हुए करनी है। जो ब्रांड ने आपसे कहा है जो भी चीजें आपको बताई है कि ये इलेक्ट्रॉनिक गैजेट है उसको इस तरीके से संभाल के मतलब जो आपकी इंफॉर्मेशन और जो आपकी नॉलेज है ना उसको सब चीजों को यूज़ करना है। ये जो सारा मैंने फ्रूगल चीजें यहां पर करी है वो ब्रांड कभी भी रिकमेंड नहीं करेगा। लेकिन आपको जब भी सेफ्टी और उन सब चीजों को इंश्योर करना है ना अपना कि कहीं थफ्ट ना हो वो सब चीजें ना हो वो चीजें आपको बचा के चलेंगे। बाकी यह तार और यह सब चीजें अभी सेफ कंडीशन में इस तरीके से आपको करना है कि जो मेटल टू मेटल है यह पिंच ना हो और ज्यादा से ज्यादा जो प्लास्टिक कंपोनेंट है वहीं पर से उसको राउट करना है या फिर ज्यादा से ज्यादा आप एक कॉटन क्लॉथ उसके ऊपर रख दीजिए जिससे ये ईजीली आपका सेफ रहे। बाहर मैं छोड़ सकता था लेकिन ये रोड साइड है। कोई भी आके कट करके चले जाएगा तो बड़ी समस्या सी हो जाएगी। तो ब्रिक को बचाना जरूरी है। अब इस चीज को किसी के लिए भी ले जाना प्रॉफिटेबल नहीं होगा। तो वह उसमें हाथ भी नहीं डालेगा और सेफ्टी करनी है तो उसको कपड़े से आप ढक लीजिए। सिंपल सी बात है कि जो चार्जिंग टाइम लगता है जीरो टू 100 में अगर आप कैलकुलेट करेंगे तो 17 से लेके 18 घंटा 17 से 18 घंटे लग जाते हैं और जो नॉर्मल रनिंग रूट रहता है 150 कि.मी. वाला हाईवे में जो लोग चल रहे हैं उनके लिए 7 आठ घंटे में ये दोबारा से 150 कि.मी. की चार्जिंग आपके लिए रेडी रख देती है। तो उम्मीद है कि वीडियो आपको यहां तक पसंद आई होगी और बिल्कुल सेफ्टी के साथ करना है ये चीजें और कभी भी ऐसा मत सोचना कि मैंने ऐसे बता दिया तो आपको ऐसा करना है। कंपनी ऐसा कह रही है या आपको किस कंडीशन में आप हो उसके अकॉर्डिंग सोच समझ के ये सब चीजें करनी है। देखिए दोस्तों, हमारा चार्जिंग का सिस्टम तो चल रहा है ओवर द ग्रिड। और यहां पर भैया हमारा जो सिस्टम है ना, यहां पर आप देखिए चार्जिंग में क्या इंफॉर्मेशन शो कर रहा है। लगभग पौ:45 घंटे में आपकी गाड़ी फुल चार्ज हो सकती है। यानी कि 16 घंटे 44 मिनट में। अब इसमें ना धीरे-धीरे जैसे-जैसे टाइम जाता है ये थोड़ा डाटा और अपना थोड़ा थोड़ा रिकलैब करके टाइम कम भी हो जाता है। तो घबराने वाली बात नहीं है। लेकिन फिर भी लग जाएगा टाइम। तो क्योंकि 32% में हम आ चुके तो वह टाइम तो आपका लगना ही है। तो वो ईवी गाड़ी के साथ थोड़ा रहता है कि जब पहाड़ों में या फिर ऑफ बीट डेस्टिनेशन आपको ज्यादा ट्रैवल करना होता है या थोड़ा ऐसे एरिया में जाना होता है जहां चार्जिंग इंफ्रा नहीं है तो फिर भाई थोड़ा चैलेंजेस रहते हैं। बाकी गाड़ी चलाने में बहुत मजा आता है। ईवी गाड़ी है तो बिल्कुल लो एंड टॉर्क अच्छा सा मिलता है। रनिंग कॉस्ट बिल्कुल कम है। एनवायरमेंट को आप जीरो पोलशन से अपना सफर कर रहे हैं तो वो सारी सुविधाएं भी आपको मिलेंगी। और अच्छी बात ये है कि देखिए चार्जिंग में गाड़ी लगी है और आप कभी भी ऑन द गो इसके अंदर जो भी सिस्टम है और सारी चीजें है ना उसका लुफ्त आप उठा सकते हैं। एफएम सुन लीजिए या फिर जो भी आपको एंटरटेनमेंट है उसका आनंद लेना है आप सब कुछ ले सकते हैं। बस जो चार्जर कनेक्टेड है तो ड्राइव अन अवेलेबल रहेगी जो कि सेफ्टी के लिए भी है। आप ड्राइव मोड में इसको नहीं टॉगल कर पाएंगे जो कि बहुत जरूरी है। नहीं तो आप पूरी ग्रिड अपने साथ लेके जा सकते हैं और जो थोड़ा अनसेफ हो जाएगा आपके लिए भी और और लोगों के लिए भी। पार्किंग ब्रेक और वो सब इंगेज ही रहने वाले हैं। तो भैया इसको दोबारा पार्क मोड में डाल दो। सेफ्टी के लिए इसको आराम से चार्ज होने दीजिए। एसी भी आपका काम करेगा। तो एसी भी वर्किंग रहने वाला है। तो यह सही है। एसी भी काम कर रहा है। आप आराम से आनंद लीजिए। गाड़ी में थोड़ा रेस्ट कर लीजिए। 8:00 बज चुके हैं। तो यहीं तक रखते हैं आज की वीडियो। उम्मीद है कि आपको वीडियो पसंद आई होगी और मिलते हैं फिर से के साथ। एक बार चार्ज होने देते हैं इसको। देखिए जब चार्ज होता है तो ऐसा कुछ चार्जिंग का आइकॉन आता है। चार्जर कनेक्टेड है और बढ़िया चार्जिंग हो रही है और लगभग 16 घंटे तो लग ही जाने वाले हैं। 32% से 100% होने में। बहुत जल्दीबाजी में वीडियो बनी होगी ना क्योंकि अभी इस गाड़ी को मुझे दोबारा हटाना है क्योंकि यहां पर किसी और की गाड़ी पहले पार्क होगी। फिर मैं लगाऊंगा वो चैलेंजिस भी रहते हैं जब आप किसी और के वहां जाते हो या होटल है वैसे ही चैलेंजज़ रहते हैं। और दोस्तों चार्जिंग का तो आपने देख लिया लेकिन अब उसको आपको अनप्लक करना है बीच में ना वो आपको करके दिखाते हैं। तो देखिए जैसे हमने ना इसका बोननेट बंद किया हुआ था। तो अब आपको बोनेट को दोबारा वो करना होगा। इसको तो बंद कर लीजिए फॉर सेफ्टी रीज़ंस और एनर्जी सेविंग। तो यहां से आप बाहर निकलिए। देखिए ऐसा कुछ होता है पहाड़ों में आप जब आते हैं ना आराम आराम से आपको सारी चीजें देखनी होती है। उसको आप बंद कर लीजिए और अगेन इसके बोननेट को आपको देखिए ओपन करना है क्योंकि यहां से आपके लिए तो आपको जब भी दोबारा करना है इसको आप आराम से यहां पे बंद कर लीजिए। तब जो आपकी गन है यह बाहर निकलने वाली है। अभी भी नहीं निकलेगी। ये इसको थोड़ा सोचने का टाइम लगेगा। अब देखिए आवाज आई सोलन नॉट की अब निकल जाएगी तो अब गन निकलेगी नहीं तो नहीं निकल सकती तो अब इसके बाद दोबारा मैं इसको अनप्लक करता हूं गाड़ी पीछे लेता हूं कोई और यहां पार्क करेगा और फिर हम आराम से लगा लेंगे तो दोस्तों कल शाम आपने देखा कि हम इस गाड़ी को चार्ज लगा के चले गए थे और लगभग हम कल 8:00 बजे रात को हमने चार्ज लगाया था अभी दिन के 12:00 बज रहे हैं अगले दिन के अभी हम आ रहे हैं कितने घंटे बाद 12 और 4 16 घंटे के बाद हम यहां पे पहुंच रहे हैं कल हमारा चार्ज 32% के आसपास था 32% से अब चार्ज 99 100% हो चुका है। तो 32% से 100% आने में हमें 16 घंटे के आसपास का टाइम लग गया है। तो ये सारी बातचीत है। 50.3 kवाट आर की जो लिथियम आयन बैटरी इसमें मिलती है ना उसको इतना टाइम लगेगा जब आप इस चार्जर से इसको चार्ज करेंगे। बाकी इसके अंदर जो कुछ इंफॉर्मेशन और ये दिखा रहा है वो मैं आपको दिखा देता हूं। काफी सिंपल है। लेकिन टाइमिंग का जो मैंने आपको बताया कि 30% चार्ज के साथ ये गाड़ी आपको 100% होने में 16 घंटे के आसपास का टाइम लग रहा है। इसके अकॉर्डिंग अब हमारे आसपास जो वोल्टेज है उसका ज्यादा फ्लक्चुएशन हुआ नहीं है कल क्योंकि अच्छी खासी वोल्टेज भी थी। बारिश भी ऐसा कुछ नहीं थी। कोई पावर कट भी नहीं था। तो फिर भी 16 घंटे लग गया। तो ये पॉइंट आप रखिएगा। जैसे गाड़ी अगर आपकी सिंगल चार्ज में पहाड़ों में 250 कि.मी. के आसपास भी चल रही है अगर मैक्स टू मैक्स तो अगर आप वैसे पकड़े तो आपको फिर अगेन 250 कि.मी. की रेंज मिल गई है। 16 घंटे अगर आप चार्ज करे हो तो 70 ही% आपने पकड़ा है तो 200 के आसपास की रेंज आपको मिल जा रही है एक रात चार्ज करने में। तो पहाड़ों में सफर करना इलेक्ट्रिक कार से थोड़ा टाइम कंज्यूमिंग तो है। थोड़ा टाइम तो आपका जाएगा। रात का ही वैसे टाइम लग रहा है लेकिन फिर भी आपको थोड़ा यह प्लान करना है कि आप अगर स्टे कहीं ले रहे हैं तो उसके अकॉर्डिंग स्टे लेना है और चेक आउट का टाइम वो सब चीजें आप देख लीजिएगा। दोस्तों देखिए हम पहुंच चुके हैं आपकी MGZs EV के अंदर और यहां पर आप देखेंगे ना चार्ज हमारा हो गया 100% देखिए ये गन ना अभी नहीं निकलेगी। क्यों नहीं निकलेगी? क्योंकि यह अभी यहां से हमने कट आउट नहीं करा। इसको आप जैसे ही वहां से कट आउट कर देंगे तो ये गन निकल जाएगी। तो यह भी सेफ्टी फीचर है। इसको अंदर से कट आउट करिए। यहां से कट आउट करिए तब गन निकले। इसमें एक और है कि जैसे 100% हो जाती है ना तब ऑटोमेटिकली ये डिस्कनेक्ट वैसे हो जाता है। अगर मैंने तो इस समय दोबारा से लगाई थी तो उसने दोबारा लॉक कर दी। वैसे 100% हो गई तो यह गन निकलने को तैयार रहती है। लेकिन यह हमने अंदर रखा था तो कोई वैसे ले जा नहीं पाएगा। टाइम अभी लगभग 12 बजके 10 मिनट हो चुके हैं दिन के। कल रात 8:00 बजे हमने इसको चार्जिंग में लगाया था। तो 16 घंटे के आसपास इसने लिया है चार्ज होने में। अभी देखिए यहां पर जो रेंज है यह दिखा रहा है 404 कि.मी. की जो कि यह मुझे हद्वानी में भी दिखा रही थी और नोएडा में भी इसने यही दिखाई। लेकिन जैसे भी आप इसको चलाएंगे आगे तेज और या कम या स्पीड में जिस भी अकॉर्डिंग चलाएंगे आपका जो रेंज का वैल्यू है यह डिफर करते जाएगी। बाकी चार्जर कनेक्टेड है। ड्राइव हमारी अभी अनअवेलेबल रहेगी। आप शिफ्ट इसको नहीं कर पाएंगे। मैं चार्जर रिमूव कर लेता हूं और सारी जो आगे की वीडियोस है वो आपको दिखाता हूं। तो आज जो हमारा चार्जिंग वाला सिस्टम रहा ना बड़ा सही रहा। कल रात से शुरू करा था और वैसे हमें कोई भी दिक्कत नहीं हुई क्योंकि हम जितना भी हमने टाइम लिया सुबह हम थोड़ा ट्रैकिंग के लिए गए थे वह थोड़ा घूमे फिरे और जो रात को अपना सोने का 8 घंटे का टाइम है वह ऐड हो गया 4 घंटे हम थोड़ा इधर-उधर घूमे तो वो हमारा 12:00 बजे अब क्योंकि चेक आउट का टाइम होता है नॉर्मली तो वहां पर हमारा दोबारा से 100% हमें चार्ज मिल गई। बस यह ध्यान रखिएगा ना कि 30% होने तक आप इसको चार्जिंग में लगा देना ताकि इन केस अगर रात को चार्ज ना हो पाए तो थोड़ा आप आगे बढ़के कुछ और ऑप्शन ढूंढ पाए। तो यह रही वीडियो और कमेंट जरूर करना। मुझे बताना कैसी लगी यह गाड़ी आपको और बहुत सही गाड़ी है। चलने में बहुत मजेदार है। बाकी फिर मैं इसको हटा देता हूं। और जो मैंने सारा यह बनाया है ना सिस्टम वह आप भी बना सकते हैं। थोड़ा सेफ्टी के साथ करिएगा और कहीं अगर सेफ कंडीशन में आप है तो वो ब्रिक को आप बाहर भी रख सकते हैं। जिससे उसकी प्रॉपर कूलिंग और वो भी रहे ना हीट डिसिपिशन अच्छा रहे। उसके इंटरनली उसमें हीट ज्यादा ना हो। अगर आप अनसेफ कंडीशन रोड साइड है तो वह चीज़ आप थोड़ा सा अंदर रख लीजिए या कुछ और कर सकते हैं। वह एक अलग सा बॉक्स बनाने की भी मैं सोच रहा हूं कि वह बाहर से उसमें रहेगा। लेकिन वो बॉक्स फिर अलग से कैरी करना पड़ेगा। वो सब देखेंगे बाद में। बाकी अभी के लिए गुड बाय। और दोस्तों ऐसी एक्सट्रीम ऑफोडिंग के साथ हम आपको दिखाते हैं किस तरीके से ना आप इमरजेंसी में आप अपनी गाड़ी को चार्ज कर सकते हैं। जो इसका पोर्टेबल चार्जर मिलता है आपको। ये देखिए। तो यहां तक रखते हैं सीरीज को कंप्लीट करके। इन चीजों को आप आराम से निकाल लीजिए। देखिए कोई भी डैमेज नहीं होता। इसमें हल्का सा यही रहता है। यह ठीक हो जाता है। क्योंकि यह चीजें इसको उतना डैमेज नहीं करेगी। कोई भी ऐसा शार्प एज इसमें नहीं है। इस चीज़ को आप थोड़ा आराम से निकालिएगा। इसको भी कोई ऐसा डैमेज नहीं है। किसी ने खींचने की कोशिश भी नहीं करी है। ठीक है? तो हम इसको निकालते हैं और वीडियो को यहीं पर कंपाइल करते हैं। तो वीडियो को लाइक करना। ZXV क्या शानदार गाड़ी है। सारी वीडियोस मैंने बनाई है और बहुत बढ़िया गाड़ी चलाने में बहुत शानदार है। मिलते हैं फिर से नए वीडियो के साथ। तब तक के लिए जय हिंद जय भारत वंदे मातरम। गुड बाय।
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