Myths and Facts of Electric Cars Ft. Mahindra XEV 9e | Gagan Choudhary

देख गगन मेरे दिमाग में क्या चलता रहता है आजकल क्या चलता रहता है ईवी लूं पेट्रोल डीजल लूं ईवी लूं पेट्रोल डीजल लूं ईवी पेट्रोल डीजल ईवी पेट्रोल डीजल पेट्रोल डीजल ही ले लेता हूं मेरी चाबी छोड़ दे मैं तेरा कन्फ्यूजन ऐसे ही दूर भाई तू कर ही तो नहीं रहा कन्फ्यूजन दूर तुझे क्या लग रहा है मैं अजमेर से यहां पर तेरे से मिलने आया हूं मैं आया हूं अपना कन्फ्यूजन दूर करने ये भी ठीक है चल आज तेरा कन्फ्यूजन दूर करता हूं तेरे को बेसिकली गाड़ी लेनी है हां और तुम्हें ईवी लेनी है या नहीं लेनी ये डाउट है। यही तो है। यही तो बोल रहा हूं। ये भी है कि यार ईवी थोड़ा ना नया कांसेप्ट है। हां। तो दो-चार साल रुक के भी अगर ले तो थोड़ा ठीक रहेगा। हां वो भी डाउट ही हो गया एक तरीके का। हां मतलब वही मैंने ईवी के बेनिफिट्स सुने हैं। लेकिन नेगेटिव्स भी बहुत है यार मार्केट में। तो यूं लगता है कि यार अपन रह गए बिज़नेस वाले। तो भाई पानी पीना उसने ही अपन रह गए बिज़नेस वाले। तो यूं लगता है कि यार ले नहीं ले क्या करें? तो थोड़ा सा कंफ्यूजन और मार्केट में जिस चीज का नाम खराब हो तेरे को पता है अपन वैसे भी हाथ नहीं डालते उधर। मतलब नाम खराब है वो मोस्टली लेकिन ना वो इनिशियली जो टू व्हीलर फोर व्हीलर आए थे ना उनकी वजह से आजा तुझे गाड़ी में चलता हूं मैं समझाता हूं कुछ मिनट में कुछ वैसा तो नहीं करने वाला ना फिल्मों में जैसे गाड़ी दौड़ा के करते हैं वैसे तो कन्विंस नहीं करेगा ना मेरे को ये वाला दौड़ा के नहीं होगा ये वाला थोड़ा तसल्ली वाला काम हैl दरवाजा खोलूं ये नहीं नहीं नहीं नहीं नहीं यहीं खड़े-खड़ी करना है आज पैसेंजर सीट पे बैठ के जॉय राइड करवाऊंगा तेरे को गाड़ी तो यार गजब है एकदम फुल मॉडर्न फीचर्स और लोडेड बिल्कुल हां हां अरे मस्त चीज है बट मैं तेरे को फीचर दिखाने के लिए अंदर नहीं लेके आया हूं वो तो मेरी मेन वीडियो देख लेना अगर नहीं देखी है तो मैं तुझे एक वीडियो सीरीज दिखाने के लिए लाया हूं जो मैंने अभी पब्लिश नहीं की हुई है अभी तक मतलब लोगों को नहीं देखा अभी कंप्लीट नहीं हुई है मिथ्स एंड फैक्ट्स ऑफ ईवी ये तूने बनाई है ये मैंने बनाई है मैं ही हूं इसमें बट वीडियो देखना प्रॉपर्ली ऐसे बीच में टोकना मत ठीक है चलो नमस्ते जी इस वीडियो में जो है ईवीस से जुड़े हुए सबसे बड़े कंसर्न की बात करेंगे जो है रेंज देखो कंसर्न इशू कुछ भी कह लो इसको। मैंने 1 लाख कि.मी. के लगभग मतलब ऑलमोस्ट शायद 1 लाख हुए नहीं होंगे बट उतना मैंने ईवीज का अनुभव कर लिया। इतनी चला ली है मैंने। तो उसके बाद में जो है मेरे को ये चीज बखूबी समझ में आती है जब सवाल पूछा जाता है कि रेंज से रिलेटेड क्या चीजें हैं। आज से तीन-चार साल पहले शायद मैं ये बात जो है उतने दमखम के साथ में नहीं बोल सकता था। जितना आज बोल सकता हूं। अगर आप पहले कोई कार चला रहे हो या चला चुके हो पेट्रोल डीजल वाली। तो आपको एक फ्रीडम की आदत हो गई है कि मैं जब मेरी मर्जी करी तब मैंने जो है गाड़ी स्टार्ट करी और मैं निकल गया। मतलब लद्दाख वदाक के एक दो जगह छोड़ दो आप या कहीं जैसलमेर के भी कुछ एरियाज छोड़ दो। वहां पे जो है हर कुछ किलोमीटर में आपको पेट्रोल पंप नहीं मिलेगा। डीजल पेट्रोल व्हाटएवर पंप जो है वो नहीं मिलेगा। बट उसके अलावा इस देश के किसी भी कोने पे चले जाओ। आपको पेट्रोल डीजल हर कुछ किलोमीटर पे मिल ही जाएगा। कभी भी नहीं हुआ होगा कि आप प्लान करके चले होंगे। ओके मैं यहां पे जो है पेट्रोल या डीजल भरवाऊंगा और उसके बाद में जो है वहां भरवाऊंगा तो मेरा काम हो जाएगा। बट दिस इज नॉट द केस विथ इलेक्ट्रिक व्हीकल। हालांकि ये अलग बात है कि जो इलेक्ट्रिक व्हीकल ओनर है वो जब घर से निकलेगा तो हमेशा 100% चार्ज पे निकलेगा। तो उस हिसाब से तो कोई इशू होना ही नहीं चाहिए। एक्चुअली मुझे एक बात याद आती है कि मैंने मतलब लास्ट एक डेढ़ दो सालों में ये सीन मेजरली चेंज हुआ है। बिकॉज़ 2 साल पहले मैंने एक वीडियो बनाई थी जिसमें मैं ये बात कर रहा था कि कैसे इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के मार्केट में जो लग्जरी व्हीकल्स हैं वो एक तरीके की जिद पे अड़े हैं कि उनको 400 कि.मी. की रियल लाइफ रेंज निकालनी ही निकालनी है। वेल एस मास मार्केट वाले जो है वो ऑलमोस्ट 200 250 300 कि.मी. के आसपास ही जो है रेंज पे फोकस कर रहे हैं। बट दोनों साइड में फीचर्स वगैरह पे फोकस जो है वो किया जा रहा है। तो वो जो गैप था बीच में 250 कि.मी. वाला और वहां पे लग्जरी वालों की जिद्द जो है 400 वाली थी। एक तो उस गैप को ब्रिज करना मतलब उसको भरना जो है वो ज्यादा जरूरी था। और जो 200 250 वाला पार्ट है वहां पे कई लोगों को जेनुइनली कभी कबभार रेंज का कंसर्न आ जाता था जब उनको थोड़ा सा बाहर स्टेप आउट करना पड़ रहा था। उस टाइम पे एक डेढ़ साल पहले। अब सिचुएशन थोड़ी बदल गई है। Mahindra की इन बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का ही एग्जांपल आप ले लीजिए। वो लोग जिन लोगों को मतलब ये दो बैटरी पैक ऑप्शन के साथ में आती है। तो वो लोग जिनको 90% ऑफ द टाइम सिटी में चलना है या सिटी के आस मतलब बाहर अगर वो जाते हैं तो मैक्सिमम लेट्स से 150 1170 कि.मी. जाते हैं उन लोगों के लिए भी छोटा 59 kवाट आवर वाला बैटरी पैक जो है वो काफी है। बिकॉज़ उसकी प्रैक्टिकल रेंज रियल वर्ल्ड में जो है 370 से 390 आती है। और यह मैं कंपनी के क्लेम फिगर्स नहीं बता रहा हूं। यह मेरे टेस्टेड फिगर्स मैं बता रहा हूं। और अगर आप उन लोगों में से हो जिनको हाईवेज पे जाने का काम होता है या फिर आप रहते सिटी में हो बट जब भी मन किया कि चलो फ्रेंड्स और फैमिली के साथ में ट्रिप पे निकल जाया जाए उन लोगों के लिए 79 kw आर वाला बैटरी पैक जो है वो सफिशिएंट होगा। 480 कि.मी. की रेंज मैंने निकाली थी उसकी जब मैंने रेंज टेस्ट किया उसका वीडियो जो है वो ऑलरेडी मेरे चैनल पे लाइव है। तो काफी अच्छी रेंज जो है वो मेरे ख्याल से आती है। सो मोस्ट ऑफ द लोग मतलब मुझे आप बताओ कोई ऐसा बंदा है जो 400 कि.मी. से ज्यादा जो है एक गो में करता है। मोस्टली हम लोग ब्रेक लेते हैं और अगर आप वो ब्रेक जो है एक चार्जर पे प्लान कर लो तो आपकी रेंज जो है वो और ज्यादा हो जा सकती है। तो अनलेस आप उन लोगों में से हो जिनके घर पे चार्जर नहीं है या उन लोगों में से हो जो कश्मीर से कन्याकुमारी ही नापने का शौक रखते हो सीधा-सीधा तो बात अलग है। मुझे नहीं लगता उसके अलावा जो है रेंज कोई बहुत बड़ा इशू जो है वो अब रह गया है। स्पेशली ये जो अच्छे बैटरी पैक वाले व्हीकल्स आए हैं उनके साथ में। ये चार वीडियोस में से पहली वीडियो तो ये थी मेरी। अच्छा बैटरी पैक क्या होता है? अच्छा बैटरी पैक मतलब जो मैं वीडियो में बोल रहा हूं बेसिकली साइज रेफर कर रहा हूं कि 50 60 किलो वाट आर की कम से कम बैटरी साइज हो ना। ना वैसे। अबे वो तो मैं समझ गया रेंज। तो बट अच्छा मतलब अच्छा कैसे करेंगे रिलाई? मतलब इन टर्म्स ऑफ़ रिलायबिलिटी कौन सा बढ़िया है वैसे? वही। अ एक्चुअली तीसरी वीडियो उसी के बारे में है। बट चल मैं तेरे को पहले वो दिखाता हूं। दूसरी दिखाने से पहले। रिलायबिलिटी एक ऐसा कंसर्न है मेरे ख्याल से जो कि थोड़ा जायज है। एंड बोथ व्हीकल और चार्जर्स जो है उनके टर्म्स में। देखो पेट्रोल डीजल गाड़ियों का क्या है ना 100 साल से इवोल्यूशन होते हुए आ रही है और आज वहां बैठी है लेकिन इलेक्ट्रिक व्हीकल्स नई है। अगर आप इनिशियल टू व्हीलर्स वाले पार्ट को छोड़ दो जो इनिशियल लो क्वालिटी टू व्हीलर्स आए थे इंडिया में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स उनको छोड़ दो तो मोस्टली जो ईवीस के इशूज हैं वो सॉफ्टवेयर ओरिएंटेड ही रहे हैं। और जो व्हीकल्स 2020 के बाद डिजाइन किए गए हैं जो नए टेक्नोलॉजी के व्हीकल हैं उनको वो सारे सॉफ्टवेयर या थोड़े बहुत जो भी हार्डवेयर इश्यूज हैं उनको दिमाग में रख के ही डिजाइन किया गया है। तो अब उनमें जो है वो रिलायबिलिटी इश्यूज वगैरह जो है बहुत ज्यादा कम हुए हैं। Mahindra की इन बीवीस का अगर एग्जांपल लेते हैं 10,000 कि.मी. से ज्यादा मेरा एक्सपीरियंस है जो कि बहुत ज्यादा नहीं है। लेकिन ऐसे मेरे जैसे कई लोग हैं जो कि इन गाड़ियों को चलाते हैं और मैं ओवरऑल उनका कलेक्टिव फीडबैक जो है वो दिमाग में लेके यह बात बोलता हूं। यह बात सोचता हूं कि देयर इज हार्डली एनी क्रिटिकल इशू जो हमें इन व्हीकल्स के साथ में देखने को मिला है। गाड़ी जो है कभी भी ऐसा नहीं हुआ कि बैटरी एरर या ऐसा कुछ आया हो या कभी ऐसा नहीं हुआ कि स्टार्ट नहीं हुई हो। अब्रप्टली रेंज ड्रॉप हुई हो या कोई ड्राइव से न्यूट्रल में नहीं जाना या ऐसे एकदम फनी इशूज जो है वो नहीं हुए। हां कुछ चीजें जो है मैंने भी फेस करी है। जैसे कि इसमें जब आप स्टीयरिंग बटन दबा रहे हो तो कभी-कभी हॉर्न दब जाता है। म्यूजिक सिस्टम की वॉल्यूम जो है वो अप डाउन होने का। बट यह वो छोटे-मोटे इशूज़ हैं जो कि प्रोबेब्ली ओवर द ईयर या नेक्स्ट सर्विस में जब जाकर रिपोर्ट करूंगा तो यह सॉर्ट हो जाएंगी। यह क्लियर हो जाएंगे। दीज़ आर नॉट क्रिटिकल इश्यूज जिनकी वजह से गाड़ी जो है वो बंद पड़ जाए या वैसे वाले रिलायबिलिटी वाला चक्कर आ जाए। एक्चुअली एक बड़ा कंसर्न जो है वो रिलायबिलिटी का गाड़ियों से रिलेटेड नहीं चार्जर से रिलेटेड है। देखो गाड़ियां तो Mahindra की ये वाली गाड़ियां भी बहुत बढ़िया और हाल फिलहाल कुछ और कंपनीज़ ने हमें गाड़ियां लांच करी है जो कि काफी रिलायबल रही है अब तक। लेकिन जो चार्जरस लगे हुए हैं पब्लिक में उनकी रिलायबिलिटी जो है कभी कबभार आज भी क्वेश्चन में आ जाती है। इसका एक बड़ा यूनिक सॉल्यूशन जो है वो निकल के आया है और वो सॉल्यूशन जो है कन्वीनियंस के साथ-साथ में ये अश्योर करता है कि आपको जो चार्जर दिख रहा है वो चालू है या नहीं है और सही चार्जर ये जो है दिखे। तो मैं भी अब तक जो है अपने उन चार्जेस पे रिलाई करता था जो मुझे लगता था कि चलो यहां यहां यहां यहां रिलायबल है। बट देन फिर अब मैंने अपने-अपनी एप्स वगैरह निकाल लिया है। इस X एक्सवी के साथ में आपको जो है ये जो नेविगेशन इनमेट आता है उसको अगर ज़ूम आउट करोगे तो देखो दुनिया भर के चार्जर जो यहां लिस्टेड है। इनफैक्ट अगर आप नेविगेशन नहीं भी खोल रहे हो या गाड़ी के पास नहीं भी हो अपनी सिंपली Mi फॉर यू एप खोलो। वहां पे नेविगेशन में अगर आप जाओ और उसमें डाल दो कि भैया मुझे चाहिए कहां पे? यहां पे आता है ऑप्शन। मुझे चाहिए चार्जर्स। और अगर आप इसमें चल जाओ तो सारे चार्जर दिखा रहा है कहां पे क्या किसकी क्या रेटिंग है कितना दूर है क्या टाइप का जो है उसका खर्चा है और वहां पे जाने के बाद में अवेलेबल है या स्लॉट नहीं है वो भी आप देख सकते हो और अगर आप वहां पे पहुंच गए हो उसके बाद में कौन सी गन से क्विक चार्ज करना है एस्टीमेट एंड चार्ज करना है हर चीज जो है आप यहीं से कर सकते हो उसको चार्ज चालू करके चार्ज कर सकते हो तो ये एक जो है डेफिनेटली सॉल्यूशन यहां पे निकल के आया है जो कि थोड़ा सा एक्सेसिबिलिटी भी बनाता है और ओवरऑल एक्सपीरियंस जो है उसको स्मूथ करता है हम ये ऐप वाला पता था मुझे इसलिए चार्जर ढूंढने में तो मुझे कभी कोई दिक्कत हुई ही नहीं एक्चुअली अब दूसरी दिखाता हूं मैं [संगीत] रिसेल ये एक ऐसी चीज है भाई साहब भारत के मार्केट में जो कि मुझे लगता है शायद यूनिक भी हो सकती है इंडियन मार्केट में मतलब कुछ और मार्केट्स में भी है कि अगर किसी गाड़ी की रीसेल वैल्यू बढ़िया नहीं है मार्केट में खबर फैल गई है तो उसकी नई व्हीकल जो है वो भी नहीं बिकती है मतलब उसकी न्यू व्हीकल की सेल पे भी इफेक्ट पड़ता है बाद में बेचो तो चलो तो फर्क पड़ेगा ही पड़ेगा। तो यह एक जो चीज है इस वजह से इलेक्ट्रिक व्हीकल्स जो है वह भी प्रॉब्लम फेस करती है। आप कोई भी 5 सात साल पुरानी इलेक्ट्रिक व्हीकल लेके आज मार्केट में निकल जाओ। सेम टाइम कि आप पेट्रोल डीजल व्हीकल लेके निकल जाओ। सिमिलर रनिंग करी हुई सिमिलर तरीके से चलाई हुई। आपको डेफिनेटली इलेक्ट्रिक व्हीकल जो है उसकी रीसेल वैल्यू कम मिलेगी। बट ये सिचुएशन थी अब नहीं है। उसका रीज़न बताता हूं। रीज़न प्योरली इलेक्ट्रिक नहीं है। इसका रीज़न जो है वह बेकार टेक्नोलॉजी या पुरानी टेक्नोलॉजी वाली इलेक्ट्रिक व्हीकल्स हैं जिनमें रिलायबिलिटी इशूज़ रहे हैं। अगर आप आज देखोगे क्योंकि ऑब्वियसली एक्सपीरियंस वैंड्स वगैरह को ओवर द टाइम हो गया है तो उनको रियलाइज़ हुआ कौन सी बैटरी टेक्नोलॉजी, कौन सी मोटर्स वगैरह जो है किस टाइप की ईवीज़ या कौन सी चीज जो है यूज़ करने से यहां पे बेहतर रिलायबल इलेक्ट्रिक व्हीकल्स बनेगी वो इंप्लीमेंटेशन यहां पे हो चुका है। तो वो बेटर टेक्नोलॉजी फिर उसकी वजह से लाइफटाइम वारंटीज जो बैटरी पे ऑफर की जा रही है जो कि एक मेजर कॉस्ट है एक इलेक्ट्रिक व्हीकल का उन सब की वजह से जो है ओवरऑल रीसेल वैल्यू जो है वो स्टेबल हो के ऊपर की तरफ जा रही है। वेल एज इंटरेस्टिंगली चेंजिंग फ्यूल टाइप और इमिशन नॉर्म्स की वजह से डीजल और पेट्रोल व्हीकल्स जो है उनकी रीसेल कम होती जा रही है। तो ये एक बड़ा इंटरेस्टिंग फिनोमिनन जो है यहां पे होता जा रहा है जो कि पता नहीं इंटेंशनली या अनइटेंशनली जो है इलेक्ट्रिक व्हीकल्स के फेवर में प्ले कर रहा है। तो ये तीसरी वीडियो हां ये बात यार मेरे भी मन में थी रीसेल वाली रीसेल वाली हां वैसे मोस्टली ना लोगों को ये दो तीन चीजें जो अब तक हमने बात करी यही होती है उनके दिमाग में यही डाउट्स होते हैं ईवी से रिलेटेड मैंने तेरी फोर्थ वीडियो में क्या है भाई फोर्थ वीडियो स्पेशल है वीडियो का ये वाला पार्ट एक्चुअली जो है कोई मिस बस्ट ही नहीं करता है। यह वाला पार्ट इनेशन है जो कि मोस्टली आपको किसी ना किसी फॉर्म में पता होगी। ईवीस जो है उन पे 5% जीएसटी लगता है। जबकि पेट्रोल डीजल गाड़ियां जो है उस पे या तो 18 या 40% जीएसटी लगता है। डिपेंडिंग क्या साइज क्या इंजन वगैरह है। बट अगर आप किसी सेम साइज की ऑलमोस्ट सिमिलर जो है कहते हैं ना कि सेगमेंट की गाड़ी को ईवी सेगमेंट और आइस पेट्रोल डीजल में कंपेयर करोगे तो भी ईवी महंगी क्यों होती है जब जीएसटी उस पे कम लगता है। ये बड़ा इंटरेस्टिंग केस है एक्चुअली। इसका रीजन जो है वो सिंपली यह है कि ईवीज जो है वो ज्यादा लोडेड होती है। आमतौर पे उनमें ज्यादा फीचर्स वगैरह जो है वो ऑफर किए जाते हैं। और ये बड़ा इंटरेस्टिंग चीज इसलिए भी है क्योंकि आपको कोई भी ऐसी इलेक्ट्रिक व्हीकल नहीं मिलेगी जो कि इन जनरल थोड़ी सी कम लोडेड हो या उनको जो है कमतर बनाया गया हो। उनमें फीचर ठूसे ही होते हैं भाई। क्या नहीं देखा है आपने ईवीज के साथ में? मल्टीपल स्क्रीन्स हमने देखी है। बढ़िया म्यूजिक सिस्टम उनमें ऑफर किए जाते हैं। आपको जो है चाबी से आगे पीछे घुमाने वाली चीजें दी जाती है। और कन्वीनियंस फीचर्स कई तरीके के जो है वहां पे ऐड किए जाते हैं। Mahindra की इन xv और बी का एग्जांपल ही ले लीजिए। इनमें आपको जो है पैसेंजर स्क्रीन मिलती है। एआर एचयूडी जो है मिलती है। मल्टीपल स्टोरेज ऑप्शन जो है वो भी मिलते हैं। ऊपर की तरफ यह ग्लास मिलता है जो कि पैटर्न उसमें बना हुआ आता है। Mahindra का लोगो है जो कि ग्लो करता है और उसके बाद में जो है एडस जो है वो भी एडवांस है। तो बहुत सारी ऐसी चीजें जो है वो दी जाती है जो कि अदरवाइज आइस व्हीकल में डिमांड नहीं थी। ये अब तक जो है ऑफर इन जनरल नहीं की जा रही ईवीस को थोड़ा सा स्पेशल ट्रीटमेंट वहां पे दिया जाता है। उनको फीचर से जो है लादा जाता है। एक और चीज है कि ईवीस जो आमतौर पे नई है, अच्छी है वो सारी की सारी ईवीज जो है उनका प्लेटफार्म नया है, टेक्नोलॉजी नई है। उस वजह से भी वो थोड़ी महंगी है। बट एक इंटरेस्टिंग चीज और है और वो ये कि ये सारी ईवीज जो है वो इन जनरल अगर आप नोटिस करोगे तो आप पाओगे कि क्रैश वर्दीनेस में बहुत अच्छे स्कोर करती है। उसका रीजन है और स्पेशली मैं उन गाड़ियों की बात कर रहा हूं जो कि नई है और जो कंप्लीटली ईवी प्लेटफार्म के हिसाब से बनी है। उसका रीजन यह है कि ईवीज में मूविंग पार्ट्स वगैरह कम होते हैं। यानी कि ऐसे कॉम्पोनेंट जो चलते वक्त मूव हो रहे होते हैं। जैसे कि एक नॉर्मल गाड़ी में इंजन है उसमें जो है एक्सेल्स वगैरह भी होंगे, गियर बॉक्स भी होगा और हो सकता है बीच में सेंटर टनल भी हो। अगर ऑल व्हील ड्राइव वगैरह है तो। तो तो उनमें बहुत ज्यादा चीजें जो है इनवॉल्वड होती है और पैसेंजर के लिए भी जगह बनानी होती है। तो काफी कॉम्प्लेक्स होता है एक चैसी को डिजाइन करना। ईवीज में पैसेंजर को भी स्पेस मिल जाता है। सीधे-सीधे डिज़ बनते हैं। लोड पार्ट डिवाइड करना इजी होता है। बैटरी जो है वो भी बहुत सही तरीके से माउंट हो जाती है। तो वो सारी चीजें जो है वो एक कमाल सांचा बनाती है। कमाल जो है सिचुएशन बनाती है। जहां पे उनको क्रैश वर्दीनेस के हिसाब से ईजीली बेहतर बनाया जा सकता है। सेफ बनाया जा सकता है। तो EVS जो है वो इन जनरल स्पेशल हो गई। बिकॉज़ उनमें फीचर्स भी ज्यादा ऑफर किया गया। लोडेड है ही और वो सेफ भी है। नोटिस करना कभी ये बात। ये है भाई चार वीडियोस जो मैंने बनाई थी। अब जाके मुझे थोड़ा मामला समझ में आ रहा है। थोड़ा कॉन्फिडेंस भी आया कि यार ठीक है ले तो सकते हैं। तो यार ये सही तो है वीडियोस तू क्यों नहीं डाल देता अपने YouTube चैनल पे इनको। ये वाली हां YouTube पे ही देख रहे हैं लोग ये। ये वीडियो वैसे तो मुझे अंदर लैपटॉप पे भी दिखा सकता था। फील जो है ना वो गाड़ी में बैठ के आती है। मैं लोगों को बोलता भी हूं कि गाड़ी जाके टेस्ट ड्राइव किया करो तुम लोग।

Namaste, Electric cars and their tech has changed rapidly in last decade. To a point that cars that came 10 years back now feels absurdly outdated or even joke in some cases. But, we still have majority of car buyers confused and shying away from electric cars even if their use case fits electric vehicle. I recently had a conversation with my school friend Harsh ladha about the same.

Timestamps:
00:00 Gagan and his friend Harsh talks about confusion around electric cars.
01:03 Gagan asks his friend to come along and sit in Mahindra XEV 9e.
01:46 Myths and facts about Range of electric vehicles in 2025
05:40 Gagan talks about reliability of Electric cars and their charging infrastructure in India
08:50 Resale value situation of Electric cars in India in 2025
10:44 Why Electric cars are more loaded and safe in general ft. Mahindra XEV 9e and BE6 SUVs
13:40 Electric car confusion ends

Transparency Note:

This video is in paid collaboration with the respective brand/manufacturer. Consider it an advertisement where we talk about things or key product features that a brand likes to highlight. However, we make sure that the video story is truthful and has no false claims. If the entire video is not sponsored and only a section is sponsored, the brand gets to see and alter the sponsored/integration section only and has no say in the remaining video.
I am committed to my viewers and will always remain honest and truthful.

This disclaimer is voluntary and posted to maintain transparency.

Join this channel to get access to perks:
https://www.youtube.com/channel/UCA2utdbkuY6PfX0Exi2Y16w/join

Help channel indirectly when you buy from Amazon: https://www.amazon.in/shop/gaganchoudhary