Real Ride Review of Ultraviolette X47 crossover electric motorcycle | King Indian

बाइक लवर्स को एक और गिफ्ट दे दिया दिवाली पे। हमारी इंडियन कंपनी यानी के जो इंडियन स्टार्टअप है वो बड़ी कंपनी से ज्यादा सोच रहे हैं आज की डेट में। इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल्स पे काम कर रहे हैं। और ये है X47 क्रॉसओवर जो कि कुछ अलग कैटेगरी की बाइक है बिकॉज़ हमने सुनी है स्ट्रीट एडवेंचर स्पोर्ट्स बाइक। क्रॉसओवर तो स्कूटर या फिर हम कार में सुनते थे। अब ये क्रॉसओवर सेगमेंट की एक बाइक ले आए हैं इलेक्ट्रिक। इसका नाम है X47। इसके ऊपर वादे बहुत सारे किए जा रहे हैं कि यह ऐसी है, यह ऐसी है। देख लेते हैं कि कंपनी इसमें जो वादे कर रही है, उस पे खरी उतर रही है क्या? ओके गाइस, टाइम टू राइड दिस बाइक ऑन द रोड बिकॉज़ ये X47 जो है ना, यह बहुत ही खतरनाक मशीन है। मैं इसको बहुत देर से चला रहा हूं। तो मैंने सोचा कि आप लोगों को भी दिखा दूं। इसमें रडार वाली नहीं है। ना ही इसके अंदर फ्रंट कैमरा है ना ही बैक कैमरा है। बट यह वाला कलर जो है यह काफी सेक्सीी और ऑसम लग रहा है। तो चलो एक बारी इसको भगा के देख लेते हैं कि टॉप स्पीड कितनी छुपाती है। इसके अंदर ना तीन मोड होते हैं। तो सबसे पहले जैसे अगर मैं यहां से स्टार्ट करता हूं तो मैंने इसको बैलास्टिक पे अलाइन कर रखा है। यह बैलास्टिक। एक मोड है इसका ये ग्लाइड। दूसरा मोड है कॉम्बैट। तो सबसे पहले देखते हैं कि ग्लाइड पे कितनी स्पीड में जा सकते हैं। फिर चेक करेंगे अगला मोड। थ्री टू वन गो। ये 40% बैटरी पे और मैं ग्लाइड पे फुल काउच किया मैंने और मैं चलने लग गया। तो ग्लाइड पे ये मुझे लेके जा रही है 890। यहां पे इसने रोक दिया। अब मैं मोड चेंज करता हूं। कॉम्बैट पे आ जाता हूं। अब मैं कॉम्बैट पे भगा के देखता हूं कितनी स्पीड हो जाती है। तो 100 तक छू लेगी। अब मैं बैलेस्टिक मेन मेन जो है यह वाला मोड जो है यह है मेन चीज इस बाइक की जिसमें कि हम टॉप स्पीड इसकी ऑलमोस्ट ऑलमोस्ट 130 तक तो छू ही सकते हैं। 145 की कंपनी बोल रही है। अभी आगे भी लगा के देखता हूं। 180 की टॉप स्पीड तो अभी आ गई है कैमरा में। अब देखते हैं। मैंने काउस कर रखा है पूरा पूरा और ये 130 तक भी अगर पहुंच जाए तो भी ठीक है। बट 126 के पास जाके ये जो है एक स्टॉप ले रही है। लेकिन यहां पे हमें जो ब्रेक भी करनी पड़ती है। तो इस वजह से वैसे मैं तो इसकी ये जो फिजिकल ब्रेक है इसकी तो यूज़ ही नहीं कर रहा। मैं तो सिर्फ बॉडी पोश्चर ही यूज़ कर रहा हूं। अब देखते हैं क्या होता है। ओके। और मतलब इस इससे ज़्यादा अगर आपको लेके जा रही है जैसे मैं 126 पे जब लेके गया तो यहां पे थ्रोटलन कंट्रोल वहां पे जाके ना स्टॉप हो जाता है। दोबारा चेक करता हूं थोड़ा सा लंबा रन मिल जाए अगर तो ओके अगेन अटेमप्ट और भाग जा भाई भाग जा भाग जा भाग जा भाग जा भाग गया भाग जा भाग जा भाग जा चल ते चले लेकिन ये 126 पे जाके एक जो है इनिशियल ब्रेकिंग पे आ जाती है बट इसका मतलब ये नहीं है कि ये भागेगी कि नहीं। अगर आपके पास में ट्रैक लंबा है तो वहां पे भाग सकती है। अब एक बारी देख लेते हैं कि बैलेंसिंग कैसी है बाइक की। वो मैं ऑन द रोड ही देखना चाहता हूं। बिकॉज़ यही होते हैं हमारे सबके जो एक्चुअल जो कंडीशंस होती है। तो यहां पे देखते हैं 100 ये इस पे हूं मैं। यहां पे यहां पे देखते हैं। बैलेंस कैसा है? वोबिंग। अगर ऐसे करके हिलाओगे भी तो यहां पे कुछ ऐसा है नहीं सीन। मैं ज्यादा नहीं हिला पा रहा हूं। बिकॉज़ मैं रोड पे हूं। रोड पे गिर जाऊंगा तो फिर लोग हसेंगे मेरे पे। बट ऐसा कुछ वोबलिंग कुछ खास है नहीं इसके अंदर। अब वो तब पता चलेगी जो जिसको कि डेथ वोबल कहते हैं वो तब पता चलता है जब बाइक अपने आप ही वोबल करे। बट ये ऐसा एस सच कुछ वोबल कर नहीं रही है। यह बात तो खैर इसकी मेरे को बहुत ही सही लगी। ओके गाइस अब इस बाइक का मैं एक ट्रैक लेने वाला हूं एक्सपीरियंस। तो उसमें देखते हैं कि क्या होता है हमारे साथ में। तो सबसे पहले ग्लाइड पे इसको ग्लाइड करके देखते हैं क्या होती है। फिर चेंज करता रहूंगा। देखते रहेंगे आगे-आगे क्या है। तो यहां से मैंने अपने जो है साइड व्यू मिरर्स को एडजस्ट कर लिया है। अब देखते हैं कि लीन एंगल मैं कितना ले पाता हूं इस पे। फिर मैं इसके ब्लास्टिक मोड पे आऊंगा। फिर नेक्स्ट चेक करेंगे। ओ वाओ भाई कॉन्फिडेंस तो क्या कॉन्फिडेंस आ रहा है इस पे। अच्छा जी। इतना कॉन्फिडेंस कैसे आ रहा है इस पे? मेरे ख्याल से इन्होंने वेट मैनेजमेंट पे बहुत अच्छे से काम किया है और मैंने यहां पे थोड़ी सी ब्रेक किया था क्योंकि अभी मेरा यह फर्स्ट रन है। अभी नेक्स्ट वाले में पता चलेगा और क्या तो भाई साहब कॉन्फिडेंस है बाइक में। ये चीज तो बढ़िया है। इन्होंने बैटरी जो है उसकी जो प्लेसमेंट है वो बड़ी सही तरीके से की है। बट जैसे अगर मैं इतने ज्यादा लीन कर रहा हूं। देखो मैं कितना ज्यादा लीन कर रहा हूं। मैं बहुत ज्यादा एंगल पे हूं इस वक्त अगर गोप दिखा रहा होगा तो। उसके अंदर भी आपको कुछ ऐसा खास पता नहीं चलेगा कि आप क्या कर रहे हो, क्या नहीं कर रहे हो। बिकॉज़ बहुत सही तरीके से लीन हो रही है भाई साहब। बाइक। वाओ वेरी गुड। अब मोड चेंज करते हैं। ये मोड चेंज। कम ये है अ कॉम्बैट मोड। कॉम्बैट मोड। ओ भाई कॉम्बैट मोड। इंस्टेंट टॉर्क। कॉम्बैट मोड में इंस्टेंट टॉर्क है। बट प्रॉब्लम यह है कि यह जैसे मान लो अगर ट्रैक पे आपको कोई खुला एरिया मिले तो वहां पे जो है ये इतना अच्छे से काम नहीं कर रहा। बिकॉज़ इसमें कुछ ज्यादा ऐसे करके मैं हाइप नहीं ले पा रहा। अब मैं ले लगाने वाला हूं इसका सबसे डेंजरस मोड बैलास्टिक। ओए होए होए होए होए। इसमें है पावर 100 एम ऑफ़ टॉर्क मोटर पे कंपनी जो बोलती है वो है। नो डाउट फील आ रहा है। यहां से इसको पूरा का पूरा एक बारी पूरा मैंने लिटा दिया बाइक। अब देखो क्या ही होता है। अब यहां से भी एक बार लिटा के देखते हैं। फिसल गए तो फिसल गए। अब क्या ही कर सकते हैं क्योंकि मेरे पास ग्लव्स नहीं है इसलिए मैं थोड़ा सा कम सोच रहा हूं कि मैं डेंजर के अंदर ना जाऊं। बट अगर ग्लव्स व्लव्स होते तो ज्यादा मजा आता। इसको और ज्यादा मैं पुश कर रहा हूं अपनी लिमिट्स को। बिल्कुल ही लेट चुके हैं हम इस वक्त। यहां से भी देखते हैं क्या होता है। अब अच्छा टायर्स के अंदर ग्रिप जो है एमआरf के टायर्स हैं। ठीक है। जो रियर टायर है वो 150 एमm का है जो कि मतलब 150 एमm का है। 70 की उसकी प्रोफाइल है और 17 इंचेस का है। तो अच्छे से काम कर रहा है। एक क्रॉसओवर मोटरसाइकिल को ट्रैक पे चला के देख रहा हूं मैं। इससे तो कोई मतलब बनता नहीं। लेकिन फिर भी काफी सारी चीजें जो है इससे हमारी नजर में जो आ सकती हैं। देखो क्या मिलता भाई साहब आपको जो पावर है ना वो आपको पावर ऐसी मिलती है कि आप ऐसे करके ग्लाइड करते हुए जाओगे और आपको पता भी नहीं चलेगा कि आप कहां ही जा रहे हो। यहां से मैं राइट टर्न इंडिकेटर देके चला। और यहां पे ये जो वार्निंग है ये आएगी। तो मैं मेंटेन कर रहा हूं 40 की स्पीड। और यहां पे ये जो है ये वो वार्निंग आ गई है। अब वो मेरे से निकल गए हैं आगे। अ यहां पे देखते हैं। मैं चलाऊंगा अपनी बाइक को सेंटर में। बट यहां पे भी ये जो वार्निंग्स है ये दिखाएगा शो करेगा। नो डाउट। तो यार मतलब टेक जो है वो हर जगह ही घुसा दिया है कंपनी ने। और मेरे को ये बाइक चलाने में ना इतना जैसे मैं कट मार रहा हूं। है तो स्पीड कम। लेकिन जब मैं यह दिखा रहा हूं ना यह देखो। यहां से आए वो। तो यहां पे आ गया है। वार्निंग यहां पे आ गई है। अब एक और चीज सिमुलेट होगी जो कि है रिवर्स कोजन अलर्ट। तो वो भी बहुत अमेजिंगली ये जो है काम हो रहा है इसका। एक बारी चेक कर लेते हैं कि वो कैसे काम करेगा। अब वो यहां यहां पे दिखाएंगे। ये आएंगे पीछे से। ये आए। ये देखना। ये ये जो चीज आई है। अमेजिंग अमेजिंग। बहुत बढ़िया। वेरी गुड। सो ड्राइव तो मेरी हो गई कंप्लीट। मजा बहुत आया। लेकिन देखो मेरे सामने ये ओपन नीडेड रखी हुई है मशीन। तो टेक्नोलॉजी तो अभी हम देखेंगे बट सबसे पहले मैं दिखा दूं कि प्रोविज़न क्या-क्या है हमारे पास में। तो प्रोविज़न है यह लॉन्ग टूरिंग के लिए जा सकती है। यह वाला चार्जर लो या ऑनबोर्ड। बाकी इसमें यहां पे ये पेनियर्स बाकी टीपीएमएस यहां पे लगा हुआ है। ऑक्सिलरी लाइट, नकल गार्ड्स आपको बॉक्सेस लगाने हैं। कुछ इस टाइप के जो कि बहुत ही ज्यादा अट्रैक्टिव लग रहे हैं। यह देखो। यहां से यह बॉक्सेस हैं जो इस बाइक पे बहुत ज्यादा सूट कर रहे हैं। सीरियसली बहुत ही ज्यादा। अब वो क्या है कि मेरा जो एक्सपीरियंस रहा है इसके साथ में वो ये है कि मेरे को कुछ चीजें ऐसी लगी कि चेंज हो जानी चाहिए। जैसे कि मैं जब चला रहा था तो यहां पे ये जो स्क्रूज़ हैं स्टील स्क्रूज़ ये दिखते हैं। तो फिट एंड फिनिश का पार्ट आया कहीं ना कहीं। बैलेंसिंग बहुत अच्छी है। बिल्ड क्वालिटी बहुत अच्छी है। बट मैं चाहता था कि इसमें ना चैन नहीं हो। इसमें बेल्ट ड्राइव होनी चाहिए थी। बिकॉज़ यह कोई हार्ड कोर ऑफ रोडर नहीं है। यह एक क्रॉसओवर मोटरसाइकिल है जिसको लोग ज्यादातर रोड पे चलाएंगे। इससे छोटी-मोटी जो है रोड मंचिंग करेंगे। दूसरा कि चलो ठीक है हमारे पास में सब कुछ है। एक क्रूज़ कंट्रोल ये तो इलेक्ट्रॉनिकली कॉन्फ़िगर हो सकता था। क्रूज़ कंट्रोल का एक बटन आ सकता था। क्रूज़ कंट्रोल का एक छोटा सा मेथड है। बिकॉज़ ईवी है तो उसके अंदर हो सकता है। बाकी यहां पे लगी हुई है यह एक खुली हुई बाइक जिसके अंदर हम देख सकते हैं कि कहां-कहां पे कौन-कौन सी चीजें मैनेज हुई हुई हैं। जैसे कि ऑनबोर्ड चार्जर, कंट्रोलर, नीचे बीएएमएस फिर साइड से देखोगे बैटरी। इस तरफ देखोगे तो सेंट्रल माउंटेड मोटर। अब ऊपर की तरफ अगर देखोगे तो एक ऑिलरी बैटरी भी होती है। बिकॉज़ हमारे जो ये वाले इलेक्ट्रॉनिक्स होते हैं इनको चलाने के लिए होती है। मेन पावर उससे नहीं ली जाती कभी भी किसी भी ईवी में। फिर यहां पे एक बीएएमएस टाइप जिसमें कि हॉट सरफेस वार्निंग क्योंकि भाई ये हाई वोल्टेज पे काम करती हैं। दैट्स व्हाई कि इनको इतना सब कुछ चाहिए होता है। इस तरफ से आगे देखोगे तो यहां पे और भी इलेक्ट्रॉनिक्स है। इस तरफ इलेक्ट्रॉनिक्स है। फिर रिलेज़ वगैरह यूज़ हो जाती हैं। हाई वोल्टेज को कट आउट करने के लिए। तो कुछ इस टाइप से यह नेकेड मोटरसाइकिल लगती है। जगह-जगह पे इसके यह जो यह पाइप देख रहे हैं ना यह जो पाइप है यह यह कहां से निकल रहे हैं? ये ट्रांसमिशन में से निकल रहे हैं। तो मोटर यह है। सिंगल ट्रांसमिशन यह है या सिंगल गियर और ट्रांसमिशन आरपीएम सेट किए जाते हैं सॉफ्टवेयर के थ्रू। और इस टाइप से ये जो ईवीज होती हैं ये चलती हैं। इनमें देखा जाए तो साइंस बहुत ज्यादा वैसे नहीं है चलाने में नहीं है। टेक्नोलॉजी में है। अब मोटर की टेक्नोलॉजी क्या होगी? बैटरी की क्या होगी? तो वो पार्ट ऑफ द फ्यूचर है। बाकी आज की राइड के लिए इतना ही। आप और वीडियोस देखने के लिए हमें प्लीज सब्सक्राइब कर लीजिए। नेक्स्ट वीडियो में मिलते हैं। तब तक के लिए बाय-ब।

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Experience the real ride review of the Ultraviolette X47 Crossover Electric Motorcycle! ⚡🏍️
In this video, we take the Ultraviolette X47 EV on the road to test its performance, handling, range, comfort, and real-world capabilities. This crossover electric motorcycle is designed to deliver a perfect balance of power, technology, and futuristic design.

🔥 What you’ll see in this review:
Real ride experience & performance test
Handling, comfort & suspension feedback
Battery range & charging insights
Features, design & riding modes explained
Price & expected launch details in India

The Ultraviolette X47 Crossover Electric isn’t just about looks – it’s about how it rides in the real world. Watch this ride review to find out if it’s the next big thing in the electric motorcycle segment!