EV Panic: Can CV Engines Kill Electric Cars

अगर आप लोग भी चाहते थे कि इलेक्ट्रिक कार्स फ्यूचर ना बने, हमारी पेट्रोल कार्स हमेशा जिंदा रहें, तो यह वीडियो आपको बहुत पसंद आएगी। आपको बहुत अच्छा लगेगा यह जान के, आपके चेहरे पे भी मुस्कान आएगी यह जान के कि जो मैजिक हम ढूंढना चाह रहे थे कि शायद कुछ तो ऐसा आएगा जिसकी वजह से शायद हमारे पेट्रोल इंजन हमेशा चलते रहें। ऐसी चीज आ चुकी है और बनी है अपनी खुद की कंट्री में। हमारी कंट्री के अंदर ही एक ऐसा इंजन डेवलप हुआ है जो कि सिंगल हैंडेडली इस इलेक्ट्रिक कार मार्केट को खत्म कर सकता है। तो आई एम हर्षवर्धन मलिक, अ मैकेनिकल इंजीनियर एंड योर होस्ट एंड विदाउट वेस्टिंग एनी टाइम लेट्स जस्ट गेट रोलिंग। सो गाइस जिस टेक्नोलॉजी की मैं बात कर रहा हूं वो है सीवी इंज यानी कि कंटीन्यूअस वेलोसिटी इंज। एंड ये इंज के अंदर क्या खास मिलता है हमें मैं अब आपको बताता हूं। तो सबसे पहले अगर मैं उन इंजंस की बात करूं जो ऑलरेडी हमारी कार के अंदर आ रहे हैं। तो उनको बनते हुए लगभग 230 साल हो चुके हैं। एंड 230 साल में हमने उन इंजंस को काफी ज्यादा अपग्रेड किया है। उनके अंदर काफी चेंजेस किए हैं। एंड इतना एडवांस करने के बावजूद आज भी उनमें दो इशूज़ हैं जिसको हम सॉल्व नहीं कर पाए। सबसे पहला इशू है उनके अंदर इमिशंस। जब भी एक इंजन चलता है उससे धुआं बनता है। एंड यह इमिशंस की प्रॉब्लम उनका सबसे बड़ा दुश्मन बन के रही है। सेकंड उनके अंदर एनर्जी एफिशिएंसी नहीं है। यानी कि जब भी हम उसके अंदर फ्यूल डालते हैं लेफ्ट से आपने ₹100 का फ्यूल डाला तो 70 से ₹80 का फ्यूल तो सिर्फ हीट और एग्जॉस्ट में बर्बाद हो जाता है। जिसकी वजह से इनकी एनर्जी एफिशिएंसी भी काफी ज्यादा कम है। वहीं पे जो नए टीवी इंजंस बने हैं। टीवी इंजंस के अंदर आपको अप टू 90% स्ट्रोक पावर मिलती है। आपको 71% कम एमिशंस देखने को मिलते हैं। एंड साथ ही साथ इनका साइज भी बिल्कुल हाफ हो चुका है। तो इससे हमारी बहुत सारे इशूज़ बिल्कुल ईजीली खत्म हो जाते हैं। एंड हमें देखने में पता चलता है कि हमें क्या-क्या एडवांटेजेस मिलते हैं। तो मैं अगर आपको वर्किंग समझाऊं कि कैसे इंजंस काम कर रहे हैं। क्या-क्या इनके अंदर खासियत है। तो उसके लिए सबसे पहले जरूरी चीज है कि हमारा जो नॉर्मल इंजन है उसकी हम एक बार वर्किंग समझें। तो जो हमारे नॉर्मल इंजन जो हमारी कार में आज तक आते हैं उनमें क्या होता है? एक पिस्टन सिलेंडर अरेंजमेंट होता है। उसमें एक तरफ से फ्यूल आता है, एक तरफ से एयर आती है। उस एयर फ्यूल को हम कंप्रेस करते हैं। कंप्रेस करने के बाद या तो उसके अंदर स्पार्क क्रिएट किया जाता है या कंप्रेस करने की वजह से वो अपने आप ही इग्नाइट हो जाता है। जैसे ही हमारा फ्यूल इग्नाइट होता है, इग्नाइट होने के बाद वो पिस्टन को नीचे धकेलेगा। धकेलने से क्रैंक गोल घूमेगा। क्रैंक घूमने से हमें पावर मिलेगी हमारे व्हील्स पे। हमारे व्हील्स भी घूमेंगे। इस इंजन को चलाने के दो मेथड है हमारे पास। या तो टू स्ट्रोक या फोर स्ट्रोक। टू स्ट्रोक एंड फोर स्ट्रोक मैंने आपको इस वीडियो में समझाया था ऑलरेडी। आप चाहो तो देख सकते हो पर बेसिक बता देता हूं। टू स्ट्रोक के अंदर दो ही स्ट्रोक्स होंगे। एक इंटेक एंड कंप्रेशन और सब कुछ करके आप दो स्ट्रोक के अंदर इंटेक, कंप्रेशन, पावर एंड एग्जॉस्ट को मैनेज कर लेते हो। वहीं आप इन चारों प्रोसेससेस को अगर इक्वली डिवाइंड कर दो तो चार स्ट्रोक बन जाएंगे। स्टार स्ट्रोक में हमें पावर थोड़ी कम देखने को मिलती है पर इमिशंस भी काफी ज्यादा कम हो जाते हैं। तो गाइज़ यह तो था हमारा नॉर्मल इंजन जो कि क्रैंकशाफ्ट इंजन है। अब हम बात करते हैं टॉक ऑफ द डाउन हमारी लेटेस्ट टेक्नोलॉजी जो कि इंडिया की एक कंपनी अरावत ने सीवी टेक्नोलॉजीस के साथ मिलके बनाया है। तो आप जैसा देख सकते हो सामने इस इंजन के अंदर कोई भी क्रैंकशाफ्ट नहीं दिखाई देगी आपको। तो इसको मूव करने के लिए इसके अंदर रॉ रैक एंड पावर सिस्टम दिया हुआ है। जो इसके अंदर पावर शाफ्ट दी है वो घूमती है वि द हेल्प ऑफ अ रॉ रैक। तो आप अंदर देख सकते हो एक फ्लावर लाइक स्ट्रक्चर बना हुआ है जिसकी वजह से इंटरनेट पे कई लोगों ने इसे नाम दिया है फ्लावर इंजन। तो यह एक्चुअली काम कैसे करता है? इसको चलाने के लिए बेसिक डिमांड है। सबसे पहले इसके अंदर इवन नंबर ऑफ सिलडर्स होने चाहिए। यानी कि 2 4 6 8 10 इस तरीके से हो सकते हैं। ऑड नंबर में आप इसके अंदर सिलेंडर नहीं डाल सकते। तो क्रैंकशाफ्ट ना होने की वजह से इसमें एक रॉ रैक दिया हुआ है। एंड इस रॉ रैक में एक रेक्टेंगल है हमारे पास जो टोटली सॉलिड है। उस सॉलिड रेक्टेंगल के ऊपर फिक्स्ड पिस्टंस लगे हुए हैं। जो आप हमारे नॉर्मल इंजन में देखते हो कनेक्टिंग रोड लगी है जो टिल्ट होती है। इसमें किसी भी टाइप का टिल्ट नहीं होता। यह बिल्कुल फिक्स लगे हुए हैं। एंड यह फिक्स्ड रेक्टेंगल के ऊपर जो पिस्टन लगे हैं, जब वो साइड बाय साइड हॉरिजॉन्टली मूव करते हैं, तो अंदर दिया हुआ जो फ्लावर लाइक स्ट्रक्चर है, वो गोल घूमता है। एंड गोल घूमने से हमें पावर मिलती है। तो आप देख सकते हो कि इसके अंदर दो पिंस भी लगी हुई है जो कि उस गाइडेड फ्लावर लाइक डिज़ाइन में गोल-गोल घूमती है। एंड एक टाइम पे जब एक पिन अंदर है तो दूसरी बाहर है और जब दूसरे वाली अंदर है तो पहली पिन बाहर चली जाती है। तो आप ध्यान से अगर देखोगे अंदर आपको टीथ भी दिखेंगे। तो ये टीथ का क्या काम है? जिस टाइम एक पिन बाहर है तो उसको टोटली लाइन के अंदर रखना। इन टीथ के ऊपर यह नहीं चलता। सिर्फ उन पिंस के ऊपर चलता है। एंड ये जो हमारा रॉ ड्रैक सिस्टम है यह पूरे लुब्रिकेटेड गेट्स के ऊपर चल रहा है। जिसकी वजह से इसके अंदर आपको लुब्रिकेशन का भी कोई इशू देखने को नहीं मिलेगा। एंड आप देखोगे जैसे-जैसे ये मूव हो रहा है जितनी इसके अंदर रेवोल्यूशन आ रही है तो आप देखोगे पिस्टन और सिलेंडर के बीच में कोई डायरेक्ट कांटेक्ट नहीं है। जिसकी वजह से हम चाहे तो इसे टू स्ट्रोक में भी चला सकते हैं। चाहे इसे फोर स्ट्रोक में भी चला सकते हैं। जैसे हमारे नॉर्मल वाले इंजंस में उनको चलाने के लिए टू स्ट्रोक में हमें उसके अंदर ऑयल भी डालना पड़ता था। तो ये इशू इसके अंदर हमें देखने को नहीं मिलता। तो गाइज़ ये थी इस इंजन की एक बेसिक तरीके से मैंने आपको वर्किंग समझाई। तो अब मैं इसके बारे में और बताऊं आपको तो जो हमारा नॉर्मल इंजन होता है जब वो टॉप डेड सेंटर पर जाता है तो आपने देखा होगा कनेक्टिंग रोड क्रैंक से बिल्कुल ही सेम एंगल पे आ जाती है जिसकी वजह से उसे मूव करने में उस टाइम कोई टॉर्क नहीं होता और हमारा बहुत सारा टॉर्क इंजन का वेस्ट हो जाता है। एस पर कैलकुलेशंस लगभग 40% टॉर्क इंजन अपना लूज कर देता है जब वह टॉप डेड सेंटर पे होता है। पर आप देख सकते हो कि इस सिस्टम के अंदर जो कि रॉ ड्रैक सिस्टम है इसमें हमारा इस टाइप का कोई पावर लॉस नहीं होता। एंड एस पर अहरावत हमारा यह इंजन 40% ज्यादा पावर जनरेट कर लेता है इसी रीजन की वजह से। एंड मैं आपको बताऊं यह टॉर्क तो ज्यादा क्रिएट कर ही रहा है पर 58% ज्यादा पावर भी जनरेट कर रहा है। और यह एग्जांपल से समझने के लिए अहरावत ने एक एग्जांपल दिया है कि अगर एक कार है जिसके अंदर 2500 सीc का इंजन है एंड लगभग 170 हॉर्स पावर है तो उसी सेम चीज को अचीव करने के लिए अहरावत को एक 450 सीc का इंजन चाहिएगा। उससे वो 193 हॉर्स पार बना लेंगे। उससे हाफ आरपीएम में, उससे हाफ साइज में एंड वो भी उससे 58% लेस फ्यूल यूज करते हुए। एंड साथ ही साथ उससे एमिशन भी ना के बराबर होंगे। तो देखने में ही लग रहा है कि कितनी अमेजिंग चीज है। कितनी ज्यादा कमाल की चीज है और एस्टोनिशिंग है कि कैसे यह इंजन दूसरे इंजन से इतना ज्यादा वेल इंप्रूव्ड है। और मैं आपको एक और कमाल का फैक्ट बताऊं इस इंजन के बारे में। इस इंजन के अंदर जो पावर शाफ्ट यूज़ हो रही है वो है टोटली होलो। उसका फायदा क्या है? इस होलो पावर शाफ्ट का यह फायदा है कि आप एक इंजन के पीछे दूसरा इंजन भी माउंट कर सकते हो। साथ ही साथ आप चाहो तो वहां पे इलेक्ट्रिक मोटर भी माउंट कर सकते हो। तो ये हाइब्रिड व्हीकल्स के लिए बहुत कमाल की चीज है। एंड जो मैंने आपको दो इंज ऑप्शन बताया उससे मतलब यह है कि मान लो आपके पास एक ट्रक है। आपने ट्रक में एक बड़ा इंजन लगाया और एक छोटा इंजन लगाया। जिस टाइम आपको जरूरत है, आपने दोनों इंज को ऑन किया। हैवी लोड को लेके आप ट्रांसपोर्ट कर रहे हो। पर जब आपका ट्रक सीधा रोड पर चल रहा है एंड उसको ज्यादा पावर की जरूरत नहीं है। कहीं 100 कि.मी. चलने वाला है तो आप बड़े इंजन को टर्न ऑफ कर दो एंड नॉर्मल वाला अपना छोटा इंजन चलता रहेगा और हमारे ट्रक को पावर दे देगा। तो इससे क्या यूज़ केस आता है कि हम बहुत ज्यादा फ्यूल भी बचा सकते हैं। एंड साथ ही साथ क्योंकि इंजन इतने कम एमिशंस करता है इसलिए पोल्यूशन पे भी काफी अच्छी यह चोट दे सकता है। और मैं बताऊं आपको तो यह इंजन चलने पे कैपेबल है एथेनॉल पे, सीएनजी पे एंड हाइड्रोजन पे। इसमें नॉर्मल पेट्रोल से ज्यादा कामयाब यह वाले फ्यूल्स रहेंगे जिनका ऑक्टेन नंबर थोड़ा ज्यादा है क्योंकि यह हाई कंप्रेशन इंजन होने वाला है इसलिए इन पे क्लीन फ्यूल ज्यादा अच्छे चलेंगे एंड इससे बहुत कम पॉल्यूशन भी होगा। साथ ही साथ गाइस हर एक चीज के अंदर थोड़े बहुत पॉजिटिव नेगेटिव्स दोनों होते हैं। इसमें नेगेटिव्स अभी तक थोड़े से यह हैं कि जैसे जो मैंने आपको सिस्टम बताया था इसके अंदर टीथ वाला सिस्टम तो केस ऐसा है कि ज्यादा हाई यूसेज में या फिर थोड़े से ज्यादा रफ यूसेज में हो सकता है उन टीथ की अलाइनमेंट थोड़ी सी हिल जाए जिसकी वजह से हमें थोड़ी प्रॉब्लम आ सकती है। पर अहरावत इसके ऊपर काम कर रहा है। एंड करेंटली वो एक टू व्हीलर और एक थ्री व्हीलर पे काम कर रहे हैं। वो सबसे पहले टू व्हीलर और थ्री व्हीलर लेके आएंगे जिसमें इंजन इंट्रोड्यूस होगा। एंड धीरे-धीरे यह आगे चलके और कंपनीज अपने वर्जन के अंदर इसे यूज करने वाली हैं। कैसा लगा आपको जान के सारी इंफॉर्मेशन? अगर आपको ये अच्छी लगी देन मेक श्योर यू लाइक द वीडियो। आपको अगर बहुत अच्छी लगी तो आप चैनल को सब्सक्राइब कर दो। बहुत अच्छा लगा मुझे। थैंक यू सो मच। आपने हमारे 1000 सब्सक्राइबर्स पूरे करा दिए हैं। सी यू इन द नेक्स्ट वन। अनंटिल देन स्टे स्मार्ट। [संगीत]

In this video we explain the complete working of a Continuous Velocity (CV) Engine – a revolutionary concept that could transform the future of automobiles. We also cover the basics of a normal IC engine including 2 stroke engines, 4 stroke engines, crankshaft mechanism, and how traditional internal combustion engines generate power compared to modern EVs (electric vehicles).

The highlight of this video is the deep dive into CV Engine technology (Continuous Velocity Engine) and why many experts believe it has the potential to even outperform EVs and change the future of cars, bikes, trucks, and heavy vehicles. Unlike conventional IC engines or single-speed EV motors, CV Engines deliver smooth and continuous velocity, improving efficiency, torque delivery, and performance.

We also talk about Ahiravata – an Indian company developing this groundbreaking CV Engine, showing how Made in India automobile technology is gaining global attention.

⚡ What you’ll learn in this video:

What is a Continuous Velocity (CV) Engine?

How a 2 stroke IC engine works

How a 4 stroke IC engine works

Role of crankshaft in IC engines

Why EVs use single gear vs why IC engines need multiple gears

Complete working of a CV Engine explained

Advantages of CV Engines over IC Engines and EVs

How Ahiravata’s CV Engine innovation can change the future of mobility

🚗 Whether you are a car enthusiast, mechanical engineering student, or auto industry follower, this video will give you a complete understanding of CV Engines vs EVs vs IC Engines in simple Hinglish.

💡 Don’t forget to Like, Share, and Subscribe for more detailed videos on car engines, automobile technology, EVs, IC engines, and futuristic innovations.cv engine, continuous velocity engine, cv engine explained, cv engine working, ahiravata cv engine, indian cv engine, made in india engine, future of cv engine, cv engine vs ev, cv engine vs ic engine, ic engine explained, 2 stroke engine working, 4 stroke engine working, crankshaft explained, ev vs cv engine, future of cars in india, indian automobile innovation, continuous velocity technology, know your engine series, automobile technology explained, car engine explained hinglish
#automobile #e20 #engine #engineer #cvengine #icengine #ev #facts #ahiravataMotor #ahiravata