TVS Orbiter Electric Scooter: First Impressions & Honest Revie #new #family #scooter
जब मैं इसको चला रहा था ना तो मेरे को एक चीज का फील हुआ कि यह स्कूटर बनाया गया है अलग कैटेगरी के लोगों के लिए जिनको अभी चाहिए कि एक लाइट वेट स्कूटर मिल जाए। देखो अब मैं इसको लेके निकल गया हूं ट्रैक पे। अब क्या सीन है इसमें कि ये एक ना इसका मुझे बैलेंस बहुत सही लग रहा है। हैंडल बिल्कुल सीधा है इसका। क्रूज कंट्रोल है। ठीक है। लेकिन हैंडलिंग अच्छी होनी चाहिए स्कूटर की। बिकॉज़ अब इसके अंदर जो फ्रंट टायर है वो 14 इंचेस का है। उसकी वजह से जायरोस्कोपिक इफेक्ट जो है वो बढ़िया तरीके से काम कर रहा है। एक बारी एक बारी कैमरा घुमा के वहां दिखाओ पीछे की तरफ। यह सारा का सारा जो है रन मैं करके आ रहा हूं इस पे से। बहुत सही लगा मुझे। इतनी सही हैंडलिंग है इसकी। बिकॉज़ इसके अंदर जो जायरोस्कोपिक इफेक्ट है वो फ्रंट से आपको ज्यादा मिलता है। और हैंडलिंग में हमें जायरोस्कोपिक इफ़ेक्ट चाहिए होता है। बिकॉज़ हमारा जो हैंडल है वो सीधा हो जाएगा। चलने में तो कोई प्रॉब्लम नहीं है इसके अंदर। इसके अंदर जो फीचर्स हैं जो जैसे कि इसका जो क्रूज़ कंट्रोल हुआ। अब मैं यह क्रूज़ कंट्रोल एक्टिव कर रहा हूं। तो क्रूज़ कंट्रोल एक्टिव करने के लिए आपको पहले इसको एक बारी प्रेस करना है। और जैसे ही वो रेडी मोड पे आ जाएगा तो आपको स्पीड डिसाइड करने के बाद में दोबारा से क्रूज़ कंट्रोल को एक्टिव कर देना है। अब इलेक्ट्रिक स्कूटर दो टाइप से बनाए जाते हैं जो उनका मैनेजमेंट सिस्टम होता है। क्या होता है? बैटरी यहां रख दी। सेंट्रल माउंटेड मोटर है मिड माउंट। उसको बेल्ट से या फिर चैन से यहां चलाया जाता है। इसके अंदर यहां पे ये जो आप देख रहे हो ये हब माउंटेड मोटर है। बीएलडीसी टेक्नोलॉजी है इसकी। टेक्नोलॉजी बीएलडीसी यूज़ करी है। हब माउंटेड मोटर यूज़ कर ली। और वही है जो TVS IQ का टैक है। लेकिन हम ये बोल नहीं सकते कि इसमें हब मोटर है तो टूट जाएगी, क्रैश हो जाएगी, खराब हो जाएगी, जंग लग जाएगा, पानी में खराब हो जाएगी। क्योंकि IQ एक ऐसा स्कूटर है जो बहुत टाइम से चल रहा है और बहुत बिक रहा है। तो जब वहीं से ही चीजें कैरी फॉरवर्ड हो के आ रही है तो फिर ये बहुत ही बढ़िया है। इस मोटर की जो पीक वैल्यू आपको मिलेगी वो है 2.5 kवा पीक वैल्यू है। और कंपनी बोलती है कि यह मोटर जो अपनी जो मोटर वाली जो वैल्यू है उस पे 120 एनm ऑफ़ टॉर्क दे देगी। बट वो 120 एनm ऑफ टॉर्क कोई काम का नहीं होता। इन सब चीजों में वो यूज़लेस होता है। जब आपको एक्सीलरेशन चाहिए होता है। जैसे कि इसका जो एक्सीलरेशन है 0 टू 40 तो वो 6.8 सेकंड के अंदर ये जाता है। अब ये कोई स्पोर्ट्स टू स्कूटर स्पोर्ट्स बाइक तो है नहीं जो कि कम सेकंड के अंदर चली आए। ये एक है भला लड़का है स्कूटर ले लिया आसपास घूम रहा है जिम जा रहा है कभी इंस्टट्यूट जा रहा है कभी कहीं जा रहा है या फिर कोई लड़की है उसको ट्यूशन जाना है बैडमिंटन खेलने जाना है स्विमिंग करने जाना है तो उन लोगों के लिए इंटरनल यूज़ के लिए ये वो भगाने वाली चीज नहीं है अब इस स्कूटर के ऊपर बैठ के कहीं पे चढ़ोगे भी तो सही जैसे चढ़ाई-वढ़ाई हो गई तो 7° का ये स्केल ले सकता है यानी कि डिग्री 20 की स्पीड पे तो ग्रेडेबिलिटी के अंदर आती है वो तो 7° चढ़ सकता है या 20 की स्पीड पे चढ़ सकता है 150 किलोग्राम्स का पेलोड कैपेसिटी है। अब ऐसा नहीं है कि आपने एक 150 किलो की जगह अगर 160 किलो के 170 180 किलो के दो लोग बिठा दिए तो यह चलेगा नहीं चलेगा। लेकिन माइलेज और थोड़ा सा आपको स्पीड के अंदर फर्क महसूस हो सकता है। [संगीत]