EV CARS PROBLEM IN 2024. NO TAKERS FOR EV CARS NOW !!
हाज साहब वेलकम टू माय कार हेल्पलाइन कैसे हैं आप लोग देखिए आज बात कर रहे हैं इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट के बारे में क्योंकि 2020 से जब भी ईवी स्पेस के बारे में बात होती है ऐसा कहा जाता है कि भारत के ऑटोमोबिल सेगमेंट का भविष्य होगा इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट के रूप में ऐसा
पड़ च था कि 2030 में वुड बी द डोमिनेंट भारत के अंदर हर तीन में से एक कार ईवी के रूप में उभर के आएगी लेकिन बॉस इसके विपरीत रियलिटी क्या हुई पिछले तीन से 4 साल के अंदर इस वीडियो में आपको संक्षेप में बताने वाला हूं देखिए e स्पेस में
2024 में हो क्या रहा है अगर मैं बात करूं ₹ लाख के आसपास के डिस्काउंट कंज्यूमर्स को ऑफर कर रहे हैं और फिर भी उनकी गाड़ियां नहीं बिक रही है mgs5 कम कर दिए हैं ती से 4 लाख कीमत कम करी है 2024 में और उससे पहले 2023 में भी
कीमत कम की थी सो एज टू रिड्यूस द इंटरेस्ट एज की कमे टीवी जो सबसे सस्ती गाड़ी है उसकी कीमत भी कंपनी ने स्लैश करी है एक से ₹ लाख अब एमजी कॉमे टीवी स्टार्ट होती है जस्ट 6.99 लाख एंड गोज अप टू 8 ए2 लाख tata’s की
Ti0 से 70000 के आसपास अब t e की कीमत स्टार्ट होती है 99000 के आसपास टग e के उतने ग्राहक नहीं है nex1 e जो इस सेगमेंट को लीड कर रही थी 15 से ₹ लाख में अब 23 में द कंपनी वाज ऑफर डिस्काउंट टन ऑफ
ऑलमोस्ट 2.7 टू 2.8 लाख ऑन nex1 एवी और अब स्पेस को पसंद करेंगे गवर्नमेंट का सपोर्ट होगा विद द 5 पर जीएसटी स्टेट गवर्नमेंट का सपोर्ट होगा इलेक्ट्रिक कार होगी लोएस्ट रंग के साथ साथ आएगी बहुत बढ़िया रहेगा यही भविष्य होगा लेकिन व स्पेस में
ऐसा क्या हो गया कि कंपनीज आर सेलिंग ईवी कार्स विद सेवरल सेवरल लैक ऑफ डिस्काउंट्स सेल्स भी कुछ भी नहीं है ईवी का मार्केट शेयर वर्तमान में 2024 में भी इज लेस दन 5 पर बहुत कम मार्केट शेयर है और उसमें डिस्काउंट्स की बोचार चल रही है देखिए ई
स्पेस का जो फंडामेंटल इशू है जो आज भी लोगों के मन में है वो है भारत में कि मैं एक इलेक्ट्रिक कार ले लूं तो बॉस मेरी कार एक क्योंकि ईवी कार है उसकी बैटरी की स्पेसिफाइड रेंज रहेगी एक फला फला डिस्टेंस पे ही जा पाएगी लेकिन उसके बाद
चार्जिंग के बारे में क्या क्योंकि भारत में ईवी कार के जो चार्जिंग के इंफ्रा सेटअप है व बहुत बहुत लिमिटेड है जब कार की बैटरी बहुत लो जाती है तो कार का एसी भी काम करना बंद कर देता है सम हाउ द स्पीड भी लिमिटेड हो हो जाती है और जो
व्यक्ति को अपने गंतव्य पर पहुंचना होता है डेस्टिनेशन पे उसके लिए वो चैलेंज बन सकता है याद रखिए अगर आपने ईवी कार ले रहे हैं आपको आज भी चार्जिंग के लिए सरदर्द का सामना करना पड़ सकता है द वे यू आर गेटिंग द पेट्रोल पंप्स फॉर रिफिलिंग जो पेट्रोल
का जो मिनट के अंदर आपकी कार दो से तीन मिनट में पेट्रोल फुल हो जाता है डीजल फुल हो जाता है या सीएनजी गैस भर जाती है वो सिनेरियो ईवी कार में नहीं है यू मे हैव टू फाइंड ए कि मेरे को चार्जिंग स्टेशन कहां मिलेगा अगर अगर आपका
डेस्टिनेशन थोड़ा सा दूर है और कार की बैटरी डिप्लीट हो रही है बिकॉज यू आर इन ट्रैफिक इट कैन बी अ चैलेंजिंग सिचुएशन फॉर यू और यही वो रीजन है जिसमें कंज्यूमर्स अभी भी ईवी कार को पसंद नहीं कर रहे हैं क्योंकि जो भी ईवी कार्स है वो
भारत में प्रैक्टिकल बता रहा हू रेंज है 200 से 300 किमी के बीच में मास मार्केट के अंदर आप एजी z ले लीजिए टाटा म ले लीजिए हालाकि कंपनी बोलती है 350 किमी पर रियल वर्ल्ड बता रहा हूं फॉर अ डे टू डे यूसेज आपको 300 किमी की रेंज रियल मिलेगी
और वही एक चैलेंजिंग बात है और व्यक्ति जब अपने जब देखता है कि मेरी कार की बैटरी डिप्लीट होने को है या मैं आउट स्शन ट्रिप भी कर रहा हूं इंडिया एक बहुत बड़ी कंट्री है उसमें उसको ईवी कार अगर प्राइमरी कार के रूप में लेगा तो वहां पे बहुत बड़ी
समस्या है और दूसरी बात यह कि e कार सस्ती भी तो नहीं आती है बॉस अगर टा m ने e कीग ई की कीमत कम करी है उसका बेस मॉडल 8 लाख से शू हो रहा है तो बॉस आज भी टॉप मॉडल ₹ लाख का है ₹1 लाख में एक हैचबैक जिसकी
लंबाई 3.9 मीटर से भी कम है जिसकी रेंज प्रैक्टिकली 300 किमी से कम है तो वहां पे एक बात है ना अगर एज z एवी 181 लाख से अब शुरू हो रही है तो भी तब भी टॉप मॉडल ₹ लाख का जा रहा है सस्ती तो नहीं है ना एजी
की कॉमे टीवी भी करीब ₹ लाख से शुरू होती है तो टॉप म 85 लाख के आसपास सेट्र की c3b 10 लाख से ऊपर शुरू हो रही है टाटा की nex1 15 से ₹ लाख के बीच में है t मोस हैर maruti’s ग आ रही है लेकिन बस ग्राउंड बता
रहा हूं यह जो टेक्नोलॉजी ईवी की आज चल रही है यह टेक्नोलॉजी के अंदर आपको जमीन आसमान का परिवर्तन मिलेगा अगले चार से 5 साल के अंदर द वे व एज अ टेक्नोलॉजी इज गोइंग टू चेंज इन मैं बता रहा हूं आपको जो आज की कार्स है वो कंपलीटली आउटडेटेड हो
जाएंगी तो जो व्यक्ति पैसा इन्वेस्ट कर रहा है अपनी कार में 12 -20 लाख उसकी कार की रिसेल वैल्यू पे भी एक बड़ा सवाल है जो कंज्यूमर्स इसके बारे में रिसर्च कर रहे हैं दे आर अवेयर द काइंड ऑफ़ चैलेंज व्हिच दे मे हैव टू फेस इन द फ्यूचर टेक्नोलॉजी
इज़ गोइंग टू चेंज इ इन अ ह्यूज वे तो वो एक बात है कंज्यूमर जो पैसा खर्च कर रहा है उससे आके पूछिए उसके अंदर रिसेल वैल्यू उसके बाद यह बैटरी की जो कॉस्ट है अब कंपनी बोल रही है कि बैटरी की जो कॉस्ट है अब बैटरी मैन्युफैक्चरिंग इ नॉट
टर्निंग आउट टू बी इकनॉमिक लेकिन बहुस जो बैटरी की कॉस्ट है वो बहुत सब्सटेंशियल है 30 टू 40 पर अप टू 50 पर ऑफ द कॉस्ट ऑफ कार जो बैटरी और मोटर की कॉस्ट है आठ साल की हालांकि कंपनीज वारंटी तो दे रही है 8 1.6 लाख किलोमीटर लेकिन फिर भी लोगों के
मन में सवाल है कि 10वें साल में अगर ये बैटरी में कुछ हो गया तो मेरी कार तो बिल्कुल डब्बा बन जाएगी स्क्रैप हो जाएगी मैं क्या करूंगा हु इज गोइंग टू बीट द कॉस्ट ऑफ द बैटरी देखिए बात यही है कि कंज्यूमर्स को जो दिखाया जाता है वो वो
दिखाने की प्रक्रिया अलग होती है लेकिन जो ग्राउंड रियलिटी होती है वो उसके पीछे होती है अब ऐसा भी उम्मीद कर रहे हैं आने वाले समय में जिस हिसाब से गवर्नमेंट ने फेम के इंसेंटिव्स कम कर दए हैं ऐसी भी उम्मीद कर रहे हैं कि जैसे-जैसे गवर्नमेंट
सपोर्ट तो कर रही है यवी इंडस्ट्री को लेकिन गवर्मेंट को समझ में आ रहा है कि भैया ईवी से कोई ज्यादा फायदा नहीं हो रहा है सो दे मे जो उनके 5 पर जीएसटी के स्लैब्स है उसको वो रिपुल कर लेंगे 5 पर को बढ़ा के धीमे इंक्रीज इट टू 12 पर 18
पर और दैट वुड बी द कॉफिन ऑन द नेल फॉर द ईवी सेक्टर आप यह बोल सकते हैं कि ईवी कंपनीज जो बना रही है कार को वो अपने मार्केटिंग कर रही है कि हम अपनी कार को सस्ता कर रहे हैं बिकॉज ईवी के जो बैटरी
सेल्स है वो अब सस्ते हो गए हैं लेकिन बॉस जो ग्राउंड रियलिटी है ना वो यही है कि ईवी कार्स आर नॉट सेलिंग विद द ऑफ नंबर्स वि दे वर सपोज टारगेट बाय द कंपनी तो वह एक बात है जो मैंने आपके साथ शेयर करी आप
बताइए क्या ईवी स्पेस लग रहा है कि भविष्य में ग्रो कर पाएगी मेरे हिसाब से फंडामेंटल इशू सरकार का है द वे दे वर प्रोजेक्टिंग ईवी सारे सब्सिडीज रिबेट्स ईवी को फॉरवर्ड कर दि आई थिंक हैड दे मूव द सेम इन द हाइब्रिड सेटअप जो बहुत आसान था स्केल करना
कार के अंदर हाइब्रिड ला सकती थी जिसमें कार में सेल्फ चार्जिंग बैटरी होती कार के अंदर फ्यूल एफिशिएंसी भी अच्छी होती और बढ़िया कार के अंदर आउटपुट मिलता इन टर्म्स ऑफ लोअर कार्बन एमिशंस कार की माइलेज अच्छी होती तो मतलब पेट्रोल कार कम लेती और कम स्पीड्स पे सिटी के अंदर कार
ऑटोमेटिक बैटरी भी चलती दैट कुड हैव बीन अ बिगर ट्रांसफॉर्मेशन लेकिन लोगों को ईवी का ऐसा सपना दिखाया एक सेक्टर को प्रमोट किया लेकिन मैं बता रहा हूं व सेक्टर अब अपने पूरे बिल्कुल नीचे बैठ गया है 2024 में हालांकि आप बोल सकते हैं काफी सारी e कार्स प्लान है
Hyundai’s की हैरियर आने वाली है सफारी आने वाली है लेकिन मैं बता रहा हूं टा m की कर्व ईवी आने वाली है जितनी उम्मीद थी ईवी के अंदर वो सारी उम्मीद अब मैं बता रहा हूं जब भी य कार्स आएंगी हाइप बनेगा लेकिन बाद में वो कर्व नीचे की तरफ ही
आएगा क्योंकि कीमत बहुत ज्यादा होने वाली है वो भी एक आपके लिए अपडेट है तो एक बात है ईवी के अंदर हो क्या रहा है आप बताइए आपके क्या र है ईवी सेक्टर में डू यू थिंक ईवी डिजर्व द काइंड ऑफ अटेंशन चच ज बीन
गिवन टू द ईवी सेक्टर राइट नाउ या पॉसिबली हाइब्रिड कुड हैव बीन अ बेटर अप्रोच तो यह आज का डिटेल सेशन था बाकी कोई कार्स के बारे में जानकारी चाहिए प्लीज डू विजिट द वेबसाइट www.my help.com मा का हेल्पलाइन फोरम में आके आप प्रोफेशनल सपोर्ट ले सकते हैं कोई
कंफ्यूजन है न्यू कार यूज कार फाइनेंस इंश्योरेंस एक्सेसरीज और इस वीडियो को आगे शेयर गु शेयर जरूर करिए चैनल माइक में नए है सब्सक्राइब करिए फॉर द वेरी बेस्ट ऑफ अपडेट्स ऑन द ऑटो सेक्टर थैंक यू
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