Windsor EV Ownership: The Problems You Only Know After Months
EV लेनी होगी तो मैं दो बार सोच लूंगा। दो-दो वीक में गाड़ी चार्ज। दो-दो वीक में। ठंड में तो ये इट इज़ कंपेरेबल टू एनी आइस स्पीकर। इस गाड़ी में शायद वो एक माल फंक्शन है। वी आर सेंडिंग योर कार्स डाटा टू चाइना। लेकिन सलूशन कभी नहीं आया। बिकॉज़ मैं उस दिन के बाद इतना स्केप्टिकल हो गया हूं कि मुझे उसको बंद ही करके चलाना पड़ता है। कि स्क्रीन स्टक होता है। तो रजिस्ट्रेशन कॉस्ट पे जो बेनिफिट हो रहा था दो. लाख रुपए का वो नहीं मिलेगा। सेंटर ऑफ द लेन ब्रेक मार दिया। इस गाड़ी का बिल्ड क्वालिटी मुझे उस वजह से पता चला। इसे किसे में डालोगे? पेट्रोल से ज्यादा कन्वीनिएंट है। पेट्रोल जैसा ही है। जो ड्राइवर साइड का ग्लास है वो हल्का सा मूवमेंट कर रहा है। यह आपके टेस्ट के अकॉर्डिंग है या फिर गाड़ी की नोज़ बहुत लंबी नहीं है। और फिर 360° कैमरा जो इसका Eको और Eco प्लस मोड है ना वो तो ऑलमोस्ट अनयूजेबल है। और अब मैं कॉन्फिडेंटली कह सकता हूं क्योंकि अब मुझे चलाते हुए अच्छा टाइम हो गया। उस एंगल से सस्पेंशन मेरे को लगता है। अब क्षितिज भाई की Windsर EV Pro का हमने ऑलरेडी तीन-4 महीने पहले एक वीडियो बनाया था। जहां पे हमने इस गाड़ी का वॉक अराउंड देखा था। इंटीरियर, एक्सटीरियर जो भी इनके इनिशियल एक्सपीरियंसेस थे वो देखे थे। लेकिन इस वीडियो में हम डिटेल में यहां पे लॉन्ग टर्म रिव्यु करेंगे। जहां पे भाई ने 9 से 10,000 कि.मी. चला ली है। उसके बाद इन्होंने डिटेल में इंसाइट शेयर करी है इस वीडियो में। चाहे वो पॉजिटिव हो, चाहे वो नेगेटिव हो। छोटी-मोटी दिक्कतों से लेके क्या-क्या इस गाड़ी में इन्हें अच्छा लगा सब कुछ इन डिटेल। अगर आपको भी ऐसा रिव्यु अपना देना है तो डिस्क्रिप्शन में फॉर्म है। उसे जाके फिल कर लो। साथ ही में WhatsApp नंबर भी मैंने वहां पे दे रखा है। आप उस पे मैसेज हमें कर सकते हो। यह वीडियो बहुत ज्यादा हेल्पफुल होगा आपके लिए अगर आप इस कार को लेने की सोच रहे हो। मैंने टाइम स्टैंप भी डाल दिया। आप अकॉर्डिंगली कोई चैप्टर देखना है देख सकते हो और अब एंजॉय करो इस वीडियो को। यूपी सब्सिडी को आप एक बार डिटेल में बताओ। बहुत बार क्वेश्चन आता है ये। श्योर तो उसमें एक्चुअली कुछ डॉक्यूमेंटेशन होता है जो आपको देना होता है और उसके बाद आपकी गाड़ी पे ₹1 लाख का आपको रिबेट या सब्सिडी आपको मिल जाती है। उसमें आपको गाड़ी की आरसी लगती है। फिर आपने जो फोटो गाड़ी की रजिस्ट्रेशन के टाइम दी थी वही वॉलेट 43 होती है। एक्साक्ट्ली आपकी? हां। अच्छा। तो जो पर्सन आपने जो दी है उस टाइम रजिस्ट्रेशन के लिए वो फोटो अगर नहीं होगी तो वहां से रिजेक्शन आएगा। अच्छा। तो दैट फोटो इज वेरी वेरीरीेंट। इसके अलावा आपका एड्रेस प्रूफ होता है। ये ऐसे तीन या चार डॉक्यूमेंट्स होते हैं। मुझे एक्सक्टली तो याद नहीं है। बट आई थिंक ये तीन ही हैं। और ये आपको अपलोड करना होता है उनकी वेबसाइट पे विद ऑल द नीडेड थिंग्स परफॉर्म भरना है। आपको सारी चीजें करनी है और फिर विद इन अ वीक आपको सब्सिडी आ जाती है। तो द प्रोसेस इज़ सुपर फास्ट। बहुत जाना नहीं है। कहीं कुछ नहीं करना। हां हां। ग्रेट। सो इट इज़ अ वैरी गुड प्रोसेस। और आई थिंक बहुत अच्छा इनिशिएशन है यूपी गवर्नमेंट का। आई एम वैरी हैप्पी। ये सही चीज़ करी ना? कहीं नहीं जाना। घर से ही काम करना है। यस यस। अब चेंज क्या है? अभी राइट नाउ जो हुआ है वो ये हुआ है कि और अगेन इसमें कुछ चेंजेस हुए हो तो मुझे पता नहीं बट अब आपको वो रिबेट नहीं मिलेगा। एक तो आपको पहला कि आपको रजिस्ट्रेशन कॉस्ट पे जो बेनिफिट हो रहा था दोाई लाख का वो नहीं मिलेगा। ओके। सेकंड चीज जो आपको 1 लाख की सब्सिडी वापस मिल रही थी वो भी नहीं मिलेगी। सो अभी राइट नाउ अगर आप कॉस्ट देखोगे इस वाले वेरिएंट का तो वो करीबन ₹1.5 लाख है। अच्छा मुझे पड़ी थी सिर्फ ₹1.5 लाख की। उसमें भी ₹1 लाख वापस आ गया था। सो अभी कॉस्ट में बहुत डिफरेंस आ गया है। अगर मुझे आज ईवी लेनी होगी तो मैं दो बार सोचूंगा। इसकी बात नहीं है कोई भी। ढाई तीन लाख का अंतर आ गया। और अगर आप पूरा इंडिया लेवल पे भी देखेंगे तो मेरे ख्याल से अब दिल्ली और शायद दो-तीन स्टेट्स और हैं जहां ये सब्सिडी बची है। अच्छा। अदरवाइज सब जगह रजिस्ट्रेशन कॉस्ट चार्ज होना स्टार्ट हो गया है। तो अब कंपटीशन विद पेट्रोल या आइस कार्स बहुत डिफरेंट हो गया है। क्योंकि जीएसटी भी कम हो गई है। हम तो नाउ इट इज़ लाइक वो सस्ती हो गई है। ये थोड़ी महंगी हो गई है। हां। ऑलमो मैं ₹4 लाख बचा रहा हूं। प्लस जीएसटी में वहां डिस्काउंट मिल रहा है। ₹6 लाख का डिफरेंस हो रहा है। व्हिच मींस कि शायद अब उतनी इफेक्टिव ना हो। मतलब वो जो वैल्यू फॉर मनी चीज़ दिख रही थी वो अब नहीं दिखेगी उतनी। हां हां ठीक है। बट आपकी तो मजे आ रहे हैं। आई एम वैरी हैप्पी। इनफैक्ट मेरा तो एमआरपी बढ़ गया गाड़ी का। मैं कल बेचने जाऊंगा तो इट विल बी वैरी। आपको कुछ तो हायर प्राइस मिलेगा ही मिलेगा। राइट? ठीक है। तो आपने ये सब्सिडी वाली चीज़ बड़ी अच्छी बताई है भाई। अब नहीं मिल रही है। बस ये है कि थोड़ी लेट पता चली है हमारी ऑडियंस को बाय के थ्रू। ठीक है। नेक्स्ट आते हैं। 9000 कि.मी. चलाने के बाद क्या एक्सपीरियंस में चेंज आया? ऐसा कुछ हुआ है कि पहले मैंने यह सोचा था लेकिन वो ना होके कुछ और हुआ है गाड़ी को यूज करने में डेली लाइफ में। मोर और लेस जो मैंने जैसे आपके साथ पहले वीडियो शूट किया था। चीजें बहुत सिमिलर है। आई वुड से अबाउट 90% लेकिन वो जो 10% का चेंज है वो कुछ ना कुछ ऐसी चीजों से है जो शायद मैं उस टाइम एक्सपेक्ट ही नहीं कर रहा था कि कंसर्न होगी। हम सो अगेन मैं फिर से पॉजिटिव की अगर बात करूं सस्पेंशन मोर और लेस वैसा ही है। इनफैक्ट हल्का सा इंप्रूव हुआ है। मुझे शायद ये लगता है कि कोई चीज आप जब नई लेते हो तो चीजें थोड़ी सी हार्ड होती हैं। वो तो धीरे-धीरे थोड़ा सा सस्पेंशन अपना ट्यून लेने लग सेट होने में टाइम लगता है। चीजें सेट हो जाती है। तो उस एंगल से सस्पेंशन मेरे को लगता है पहले से थोड़ा सा इंप्रूव ही हुआ है। बट अगेन वो लार्जर प्रॉब्लम तो है कि आपको ऑड्यूुलेशंस फील होती है गाड़ी के अंदर। हम सिंग में मेरे को याद है मैंने आपको एक इनपुट दिया था कि इसके अंदर जिस तरह का डिजाइन है जब बैठते हैं हां वो मुझे लार्जली कोई प्रॉब्लम अब देता नहीं है। अच्छा तो वो बहुत ही नॉर्मल हो गया मेरे लिए। तो अब मैं लॉन्ग ड्राइव्स पे जाऊं, शॉर्ट ड्राइव्स पे जाऊं मुझे वो फील नहीं होता। तो आई थिंक वो मुझे लगता है एक टेंपरेरी फील था जो ऑलमोस्ट चला गया। स्क्रीन के बारे में मैंने आपको बताया था कि स्क्रीन स्टक होता है। उसके बाद एक अपडेट आई थी। मेरी गाड़ी जब सर्विस के लिए गई थी 5000 कि.मी. पे उस अपडेट के बाद अब बिल्कुल भी यह स्टिक नहीं कर रहा। स्क्रीन इज परफॉर्मिंग लाइक वेरी वेरी गुड। और मैंने कुछ और भी इनपुट्स देखे थे फ्रॉम फ्रॉम डिफरेंट कंपनीज़। तो इस इस स्क्रीन के पीछे मैग्नीशियम अलॉय करके इन लोगों ने कुछ मटेरियल का यूज़ किया है। ब्रांड इज़ नॉट सेइंग इट। तो जो कंसर्न हो सकता था जो मुझे लगता था कि शायद होगा बड़ा स्क्रीन है हीटिंग होगी तो अटकेगा स्क्रीन वो प्रॉब्लम बिल्कुल सॉल्वड है अपडेट से तो बिल्कुल ही सॉल्व हो गया सो ये मोर और लेस ऐसे हैं। एडस से रिलेटेड मुझे एक कंसर्न आया है व्हिच आई वांट टू पॉसिबबली टेल यू अबाउट। सो जो यह जो एडस है वो कैमरा बेस्ड है व्हिच इज़ एक्चुअली मुझे लगता है ये प्रॉब्लम कॉज कर रहा है। एंड मुझे ये प्रॉब्लम से ज्यादा ये नेचुरली जो लोग बोलते हैं कि अच्छा एडस के अंदर तो ऑटोमेटिक ब्रेकिंग सिस्टम एक चीज होती है जो वो तो होती ही है और उस वजह से आपको थोड़ा सेंसिटिवली चलाना चाहिए। मुझे लगता है इस इस गाड़ी में शायद वो एक माल फंक्शन है। हम मेरे साथ क्या हुआ था? मैं एक्चुअली नोएडा की जो रोड है जो एक्चुअली गाजियाबाद को नोएडा से कनेक्ट करती है सेक्टर 59 मेट्रो के आसपास वहां पर इस गाड़ी ने दोनों क्या सेंस किया? सो करीबन 2:00 बजे का टाइम था और दोपहर के टाइम इतना कोई ट्रैफिक भी नहीं होता। गाड़ी को जहां तक मुझे क्लियरली याद है गाड़ी के फ्रंट और राइट लेफ्ट में कुछ भी नहीं था। मैंने गाड़ी को थोड़ा सा पिक लिया था। तो आई ऑलमोस्ट टच्ड 55 60 इन स्पीड और इसने कुछ सेंस किया और गाड़ी ने सेंटर ऑफ द लेन ब्रेक मार दिया। ओ और मेरा कोई भी इनपुट नहीं था। अब हुआ ये कि मेरे पीछे एक्चुअली Hyundai की एक गाड़ी थी। हम अ वो गाड़ी आके मुझे हिट हुई। ओके। और वो गाड़ी का तो ऑलमोस्ट हाफ एरिया ऑफ द फ्रंट अंदर चला गया था। अच्छा। इस गाड़ी का बिल्ड क्वालिटी मुझे उस वजह से पता चला। दो ऐसे पता नहीं चलना चाहिए था। बट वेरी गुड बिल्ड क्वालिटी। अह तो पीछे से मेरी गाड़ी का जो राइट साइड का बंपर एरिया है जहां पे कि सेंसर्स होते हैं नीचे की तरफ हम वो हिट हुआ था। तो वो गाड़ी अंदर चली गई थी। उसके बाद गाड़ी सर्विस सेंटर गई। करीबन पांच छ दिन में आई। कोई लार्जर प्रॉब्लम नहीं था। लेकिन उस पूरे इंसिडेंट से मैं बहुत सेंसिटिव हो गया इस गाड़ी। कॉन्फिडेंस थोड़ा लूज़ हो गया उस चीज को लेके। की वजह से और सोचा क्या हम परमानेंटली ऑफ नहीं कर सकते? हां। तो इसका यह कंसर्न है कि इस गाड़ी में जब आप उसे बंद कर देते हो तो हर बार जब गाड़ी वापस रीइग्नाइट होगी मतलब इग्निशन ऑन करोगे उस टाइम पर ये वापस से वही स्टेट में चला जाता है। अच्छा मतलब डिफॉल्ट ऑन ही है। डिफॉल्ट ऑन ही है। तो आप बंद करोगे फिर आपको फिर से हर बार करना पड़ेगा। वो मुझे करना ही पड़ रहा है। बिकॉज़ मैं उस दिन के बाद इतना स्केप्टिकल हो गया हूं एडर्स के प्रति इस गाड़ी के कि मुझे उसको बंद ही करके चलाना पड़ता है। मैं उसे ऑन करके चलाता ही नहीं हूं। बिकॉज़ इट इज़ मुझे ड्राइव करते हुए अब अराउंड 15 इयर्स हो गए हैं। अलग-अलग गाड़ियां और जिस तरह का यह एक्सपीरियंस था, इट वाज़ इट वाज़ नॉट गुड एट ऑल। और फिर उसके बाद मुझे लगा कि शायद मेरी गाड़ी में प्रॉब्लम है तो मैंने थोड़ा सा रिसर्च किया फोरम्स पे गया। मैं अलग-अलग जगह बहुत सारे लोगों को बिलीव मी फॉर दिस कार। ये कंसर्न आ रहा है। हां, ये तो मैंने भी सुना है। हां। सो देयर इज समथिंग इन इट। और फिर यही हो जाता है कि आप गाड़ी को थोड़ा सा तरीके से चलाते हो। मैंने सारे पॉइंट्स MG इंडिया को रेज किए थे। ओके। मुझे कभी सशन नहीं आया उसका और मुझे लगता भी नहीं है सशन आएगा तो सशन यही है कि आप ढंग से चलाएं आप फ्रंट कॉलेज असिस्ट को बंद करके चलाएं मतलब जो हमने 15 साल में गाड़ी ढंग से नहीं चलानी सीखी है वो अब सीख लें आप कैसा है नहीं तो मेरे हिसाब से तो यार वो तो एटलीस्ट किया जा सकता है ना कि हम डिफॉल्ट ऑफ कर दें। मुझे लगता है ना कुछ गवर्नमेंट नॉर्म्स चेंज हुए हैं बट आई एम अगेन नॉट श्योर आई एम जस्ट सेइंग बेसिस जो इनपुट मुझे एमजी इंडिया से उस टाइम पर आया था हम ये बेसिकली कह रहे हैं कि कुछ नॉर्म्स चेंज हो गए हैं तो अब शायद अथॉरिटीज ये अलाउ नहीं करती कि आप उसे मैनुअली बंद करो जो पहले नहीं था अच्छा तो जैसे एमजी हेक्टर इनकी आती है उसमें आप बंद कर सकते हो उसे परमानेंटली ओके बट पता नहीं ये अथॉरिटीज का इशू है या मुझे कोई बहाना दे रहे हैं ये लोग हम हम बट ये बंद नहीं हो सकता एस पर ओके हर बार आपको बंद करना पड़ेगा फ्रंट कोजन ठीक है। एक क्वेश्चन जो लोगों के दिमाग में बहुत भरभर के आया था कि भाई गाड़ी का ग्लास एरिया बहुत ज्यादा है। तो अंदर जब हम बैठते हैं स्पेशली ज्यादा धूप में तो क्या सिचुएशन होती है? आपको कैसा एक्सपीरियंस रहा? तो मैंने जब गाड़ी ली थी वो मेड हो रहा था। तो उसके बाद मैंने एक्सट्रीम गर्मी देखी। इनफैक्ट मुझे याद है जब हम लोग आपसे बात कर रहे थे तो उस टाइम मौसम बहुत अच्छा था। हां। तो उस टाइम इतना मुझे पता नहीं चला। एक महीने के बाद फिर मुझे वो समझ में आने लग गया। मुझे लगता है लार्जली कोई प्रॉब्लम नहीं है। हम ये ऐसी चीज है कि अगर आप एसी को एक्सट्रीम गर्मी में अगर आप जो मेरा हैबिट है मैं 25 या 24 पे ही एसी रखता हूं। ओके। लेकिन जब आपको एक्सट्रीम गर्मी है तो उसे 22 23 तक ले जाओ और जो ब्लोअर स्पीड है वो करीबन 45 पे ले जाओ। इंस्टेड ऑफ़ टू जो मैं रखता हूं। हम इससे कोई ऐसी प्रॉब्लम मुझे नजर नहीं आती। अब इसकी दो साइड्स हैं। हम एक क्या होता है कि इसमें बहुत सारा ग्लास एरिया है। तो गाड़ी में ग्रीन हाउस इफेक्ट बंद हो। व्हिच इज बेसिकली कि हीट आएगी अंदर जो चीजें हैं उसमें ट्रैप हो जाएगी और क्योंकि ग्लास बंद है और धूप कंटीन्यूअसली आ रही है वो हीट बाहर नहीं निकलेगी। हम हम लेकिन इसका एक फ्लिप साइड यह है कि क्योंकि इतना सारा ग्लास है तो जो हीटिंग है वो छोड़ती भी इजीली है। अच्छा हां बाय दैट व्हाट आई एम सेइंग इज जब आप गाड़ी को हटा लोगे एक धूप वाले एरिया से और कंटीन्यूअसली धूप नहीं आ रही है। तो गाड़ी की हीटिंग कम भी बहुत जल्दी होती है। अब व्हाई आई एम सेइंग दिस इज मेरे पास इससे पहले जो गाड़ियां थी उनमें ग्लास एरिया ऑब्वियसली कम था। हम् अह पिछली गाड़ी में तो मेरे पास अ यू नो अह जो सनरूफ थी वह भी बहुत छोटी सी थी। सो उसमें मैंने देखा था कि जब गाड़ी बहुत हीट हो जाती थी तो उसके बाद जब मैं उसे अंडरग्राउंड में लाके मेरी पार्किंग में खड़ा करता था तो वो बहुत देर तक हीट नहीं छोड़ती थी। चाहे मैं उसका ग्लास भी खुला छोड़ दूं। इस गाड़ी में वो डिफरेंट है। 202 मिनट में अगर आपने शेड में गाड़ी खड़ी कर दी और हल्का सा आपने ग्लास नीचे कर दिया तो वो हीट लूज भी जल्दी कर लो। तो मेरे लिए तो इनफैक्ट वो दोनों चीज़ बैलेंस आउट हो जाती है। बस ये जरूर है कि जब एक्सट्रीम गर्मी होगी तो आपको थोड़ी हीट तो फील होगी। बट फिर आप एसी उसके हिसाब से मैनेज करोगे। तो मुझे नहीं लगता इट्स अ प्रॉब्लम। ठीक है। नाइस इनसाइड दिया भाई ने। गाड़ी को मेंटेन करना, यूज करना, चार्जिंग इसके ऊपर रोशनी डालो थोड़ी। हां। सो चार्जिंग वही अगर मैंने फॉर एग्जांपल 10 या 20% से 100% किया 8 घंटे में गाड़ी चार्ज हो जाती है। अच्छा मैंने एक चीज़ ये बहुत क्लियरली डिफरेंस देखा कि अभी जैसे थोड़ा सा एटमॉस्फियर ठंडा हो गया तो थोड़ी सी जल्दी चार्जिंग कंप्लीट हो जाती है मेरी। ओके। पहले मुझे लग रहे थे करीब-करीब 9 घंटे। अभी 8 घंटे के आसपास हो गया है। विद 7 किलो वाट। हां, 7.2 7.4 kवाट का चार्जर है। इससे फटाफट चार्जिंग कंप्लीट हो जाती है। घर के साथ-साथ जब आपने बाहर चार्ज करा हो वहां पे क्या एक्सपीरियंस था? कभी कुछ रुका हो, कुछ चार्जिंग ना हुई हो ऐसा कुछ। अच्छा अच्छी बात ये है कि मैंने शायद आपको पिछली बार भी ये शायद बताई थी यार बताई थी या नहीं। अ जनरली जो डिस्टेंससेस हैं फ्रॉम दिस प्लेस टू एनी प्लेस जहां आप घूमने जाते हो। नैनीताल, जयपुर मैं इन बी क्लास सिटीज की बात कर रहा हूं जहां आप घूमने जाते हो मसूरी, देहरादून। तो ना ये बहुत ही अचीवेबल डिस्टेंस में है इसकी रेंज के मैच से। तो इसकी रेंज अब गाड़ी मुझे लिटरली क्या रेंज देती है? मैं जब इसे हाईवे पे लेकर कंटीन्यूअसली एसी चलाता हूं तो ये बिटवीन 350 टू 400 मुझे दे। ठीक है? और उसमें मैं कह रहा हूं जब तीन या चार लोग लोडेड हो, नॉर्मल अपनी रेंज चल रही हो, एसी ऑन हो, नीचे थोड़ा सा सामान लोडेड हो। इसी को जब मैं कंपेयर करता हूं सिटी में जब मैं अकेला चल रहा हूं और गाड़ी की स्पीड भी 506 से ऊपर नहीं जा रही है। तब तो ये रेंज मुझे 430 440 भी दे देती है। व्हिच इज लाइक क्लेम्ड रेंज के आसपास पहुंचती है। नाइस। ये बढ़िया चीज बताई है भाई ने। अभी पिछले एक हफ्ते से क्योंकि ठंडक हो गई है और मेरा टाइमिंग भी जाने का ऐसा है जब मुझे एसी की जरूरत पड़ती नहीं है। अब हम बिना एसी के गाड़ी चल रही है। एंड आप बिलीव नहीं करोगे अभी मेरी गाड़ी में करीबन 45% चार्ज लेफ्ट है और मेरी 325 कि.मी. गाड़ी चल चुकी है। ओके। सो अभी 45% पे अगर मैं 30% भी और चला देता हूं तो मुझे ऐसा लगता है इस बार शायद गाड़ी 500 की रेंज दे देगी। अगेन डिपेंड्स कि आगे क्या होता है। बट बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम इस कार का बहुत ही अच्छा है। कोई मैच नहीं है। और अब मैं कॉन्फिडेंटली कह सकता हूं क्योंकि अब मुझे चलाते हुए अच्छा टाइम हो गया। कोई एरर्स नहीं है। कोई ग्लिच नहीं है गाड़ी में। किसी तरह के मुझे इशूज़ नहीं आ रहे। एक अडास का इशू था जो मैंने आपको बता दिया। बट ऑल इन ऑल एक्सपीरियंस बहुत ही अच्छा। सो रेंज का जो बहुत से लोगों को इशू रहता ही रहता है कि भाई कंपनी अगर 430 बता रही है, 451 बता रही है तो ये 300 350 ही देगी। आपके एक्सपेंस से तो मुझे नहीं लग रहा है ये। मैं कह रहा हूं अगर आप कैसे भी चलाओ 350 तो ये दे ही देगी। राइट? हां। अगर आप फिर मुझे जाता है आप ना ये तो ये बहुत क्लियर सी चीज है कि इंडिविजुअल उसे कैसे मैनेज कर रहा है? हां। कैसे चला? मेरा चलाने का तरीका थोड़ा सा अलग है। मैं रात को जब आ रहा होता हूं तो मेरी गाड़ी में एसी ऑफ ऑन होता रहता है। इट्स लाइक मेरा 45-50 मिनट्स का रन है। तो उसमें शायद 30 मिनट्स एसी मिस हो रहा हो। दिन में कंटीन्यूअसली चलता है। मैं गर्मी की बात कर रहा हूं। तब मेरे को बहुत आसानी से ये गाड़ी सिटी में 400 दे देती है। लेकिन जब वो हाईवे जाते हो तो आप ऑब्वियसली कंटीन्यूअस एक्सीलरेशन पे हो, 90 चला रहे हो, 100 चला रहे हो। तब ये 350 370 तक आती है। आप डेली कैसे चार्ज करते हो? मतलब फ्रीक्वेंसी क्या है चार्ज करने की? सिटी में तो मेरे लिए बहुत ही अच्छा है। इनफैक्ट जो अभी मैं ठंड का बता रहा हूं इसमें तो मेरे दो-दो वीक में गाड़ी चार्ज दो-दो वीक में। सो ये मैं जानबूझ के पता है क्यों पूछ रहा हूं? लोगों के दिमाग में ये है कि भाई मैंने गाड़ी तो ले ली है। अब यार मैं उसे डेली 8 घंटे चार्ज कर रहा हूं। डेली का गेम नहीं है भाई। भाई को देखो भाई का जो डेली रन है कितना होगा? 30-40 कि.मी. डेली 45 कि.मी. मोस्टली लोगों का इतना ही होता है। ठीक है? मैं कह रहा हूं 40 से 100 कि.मी. के बीच में ही होता है। मोस्टली लोगों का जो रन होता है। उसके अकॉर्डिंग भाई डेढ़ दो हफ्ते में चार्ज कर रहे हैं। मतलब यह इसे किस्से में डालोगे? पेट्रोल से ज्यादा कन्वीनिएंट है। पेट्रोल जैसा ही है। कैसे बताओगे आप? सीएनजी से बहुत कन्वीनिएंट है। और पेट्रोल के कंपैरिजन में ऑब्वियसली थोड़ा कम कन्वीनिएंट है। आई विल बी वेरी वेरीरी ऑनेस्ट विथ दैट। बट जब ठंड आ जाती है ना तो मुझे लगता है फिर जो फुल टैंक में मेरी गाड़ी देती थी छोटी गाड़ी i20 मेरे पास Nexon थी रादर Nexon तो चलो EV में थी बट Swift थी तो वो जो फुल टैंक में 600 चल जाती थी 550 उसके आसपास ही आ जाएगी ये तो ठंड में तो ये इट इज़ कंपेरेबल टू एनी आइस स्पीकर देखो कितने अच्छे इंसाइट दे रहे हैं भाई एक एक और भी है दिमाग में जो लोगों के दिमाग में बहुत ज्यादा आता है कि भाई सडनली मुझे कहीं निकला हूं इमरजेंसी वाली सिचुएशन आ गई है और भाई ये चार्ज ना मिली तो ऐसा कभी होता है या आपके साथ हुआ है अ नहीं हुआ है अ शायद ये ये भी हो हो सकता है। यह भी रीज़न हो सकता है कि गाड़ी की रेंज बेटर है। तो, मेरे पास एक रिजर्व वाला जो पार्ट होता है ना, वो थोड़ा ज्यादा रहता है। अच्छा। हां। लाइक मेरी जब वीक में 200 सवा5 कि.मी. चल रही है बेस्ड ऑन माय रनिंग ऑफ़ डेली तो मेरे पास 100 150 कि.मी. की रेंज बची हुई रहती है। तो मैं ये मैं आपको ऑलवेज वो मैं इसलिए पूछ रहा हूं ना कि कहने का मतलब मेरा ये है कि भाई जब आप एक ईवी यूज़ करते हो ना तो आपकी खुद की हैबिट बन जाती है। आपका फोन कभी स्विच ऑफ नहीं होता। भाई आप उसे टाइम आने पे खुद चार्ज लगा देते हो। इवन इमरजेंसी सिचुएशन में बहुत रेयर होगा कि आपका फोन बंद होगा। राइट? सेम इसके साथ एक हैबिट बन ही जाती है कि हां भाई मुझे अब चार्ज पे लगानी है। आप कितने परसेंट पे चार्ज लगा देते हो इसे? मेरे को कभी ना तीन चार वीक में थोड़ा सा ये होता है कि मैं उसे बिल्कुल नीचे तक ले जाऊं। सो दैट सेल्स पूरे चलते रहे। हम तब तो मैं इसे 10% के आसपास करता हूं। लेकिन फ्रीक्वेंटली लॉजिकली 25 या 30% पे मैं इसे चार्ज कर। ठीक है? और जो पब्लिक डीसी पास्ट चार्जर है उनप कभी कोई दिक्कत वगैरह कभी नहीं। मेरा इंटरेक्शन बहुत कम रहा है। जो पब्लिक वाला इंफ्रास्ट्रक्चर है। Nexon में ज्यादा होता था। ऑब्वियस रीज़ंस। लेकिन मैंने जहां भी इसे चार्ज किया है। मुझे कभी कंसर्न नहीं आया और यू नो विदाउट टॉकिंग अबाउट अ स्पेसिफिक ब्रांड मेरा तो पर्सनल ओपिनियन ये रहा है कि मैं Satic की ऐप यूज़ करता हूं। ओके। और मुझे बड़ा सेटिस्फेक्शन मिलता है। मेरे को कभी ऐसा नहीं हुआ कि मेरे को वहां से खाली हाथ जाना पड़ा हो। दूसरे चार्जेस पे मुझे कई बार कंसर्न हुआ। पर स्टैटिक पे मुझे कभी कोई गुड वर्क स्टैटिक। ठीक है। सो अब मैं आता हूं सर्विस वाले पार्ट पे। सर्विस हो गई है इसकी? हां। क्या हुआ सर्विस तो दो सर्विस हुई है। एक 1500 कि.मी. पे हुई थी। उसके बाद अभी बिल्कुल रिसेंटली रादर नॉट रिसेंटली 5000 कि.मी. पे दूसरी हुई थी। अ कुछ मेजर नहीं है। पहली वाली सर्विस में तो क्लीनवन करके दे देते हैं। कोई सॉफ्टवेयर अपडेट्स हो वो करके दे देते हैं। तो उन्होंने वो 1500 कि.मी. पे मेरा सॉफ्टवेयर अपडेट हो गया था। उसके बाद जो मैं आपको स्क्रीन वाला पार्ट बता रहा था सुबह का वो वाला इशू सॉल्व हो गया था। 5000 कि.मी. पे मेरे को लगता है शायद इन्होंने ट्रांसमिशन ऑइल चेंज किया है। दो मैंने उसको ढंग से चेक नहीं किया था। अमाउंट के पॉइंट ऑफ व्यू से करीबन 26800 का बिल मेरे को 5000 कि.मी. पे आया था। जब मैंने पहली सर्विस कराई थी तो शायद 1200 या ₹1300 था। और इफ आई एम नॉट रोंग शायद 1200 1300 में मैंने कुछ करवाया था उसमें। अदरवाइज वो फ्री थी। ओके। और उसके बाद जो फ्रीक्वेंसी है वो हर 15,000 कि.मी. पे है। इज़ लाइक पांच के बाद अब 15 पे कराना है। फिर 30 पे कराना है, 45 पे कराना है। जो फ्रीक्वेंसी भी बहुत अच्छी है। हम्। इन कंपैरिजन टु अदर ब्रांड्स। सो अदर ब्रांड्स में अह जैसे फॉर एग्जांपल Tata में 7500 पे होती है। 15 पे होती है। फिर ऐसे करके 7500 के मल्टीपल्स में होती है। वहां भी एक चीज मुझे लगती है कि आपको बार-बार सर्विस सेंटर नहीं जाना है। ठीक है? और सर्विस रिस्पांस कैसा है? सर्विस सेंटर में एक्सपीरियंस कैसा फील होता है आपको? अगर रेट करना चाहो तो रेट यहीं कर दो। मुझे लगता है सर्विस तो बहुत एवरेज ब्रांड है ये। ओके? इट्स अ वै एवरेज ब्रांड। मुझे इवन एट द टाइम ऑफ़ सेल बाइंग दिस व्हीकल मुझे तब भी कंसर्न्स आए थे। कंसर्न्स किस तरह के आए थे कि आप कमिट कुछ करते हो करते कुछ और हो आपको आपको नीड कुछ और होती है। ब्रांड बताता कुछ और है। और फिर एडस वाला पार्ट तो मैंने आपको बड़ी क्लियरली बताया कि मुझे सशन नहीं दिया इन लोगों ने। मुझे इस तरह के कम्युनिकेशन आते रहे कि अच्छा वी आर सॉल्विंग द प्रॉब्लम। वी आर सेंडिंग योर कार्स डाटा टू चाइना। वी आर सेंडिंग योर कार्स डाटा टू द हेड क्वार्टर्स। ओके। लेकिन सशन कभी नहीं आया। वो हमेशा गोल-गोल घूमता। ओके। जो इन अ डिफरेंट वे मेरे साथ Tata में नहीं थे। अच्छा। टाटा में ग्लचेस तो रेगुलरली आ रहे थे लेकिन टाटा कम से कम मुझे जवाब साफ देते थे। हम कि भाई अभी वी आर ट्राइंग या सॉल्व नहीं हो रहा या जब सॉल्व ना होने की सिचुएशन होती है तो वो पार्टी चेंज कर देते। अच्छा। तो एटलीस्ट वो सशन देते हैं आपको। चाहे उसमें डिले हो, चाहे उसमें ग्ल ग्लिचेस हो। एमजी इज़ नॉट लाइक दैट। आपको इनपुट्स आ रहे हैं। आपको फीडबैक्स मिल रहे हैं। बट आप उस पे काम नहीं करना चाहते। ओके? तो दैट इज अ प्रॉब्लम। आई सिंसियरली। सो आई थिंक एमजी के बंदे देख रहे होंगे भाई वीडियो को। इस चीज पे वर्क होना चाहिए डेफिनेटली। एक चीज और पूछूंगा कि एक कंसर्न जो लोगों के दिमाग में आता है कि भाई मैं पेट्रोल यूजर हूं। अब मैं ईवी पे आने वाला हूं। खर्चा कितना होगा इसे चलाने में? इसकी रनिंग कॉस्ट क्या होगी? मेरा बिल कितना बढ़ के आ रहा है? इसको बताओ। जब मैं 7.2 7.4 से चार्ज करता हूं। मुझे लगता है मेरे को पर किलोमीटर 809 पड़ता होगा। अच्छा ₹1 पर किलोमीटर से भी नहीं पड़ता। हां और ठंड में तो मेरे ख्याल से वो शायद 60 70 60-70 पैसे चला जाता होगा। ओके तो ये ये कॉस्ट है। आप समझ लो मैं फॉर एग्जांपल अगर मेरी गाड़ी से एक एवरेज यूजर को 350 370 या 400 की रेंज मिल रही है। उस हिसाब से आप 8090 पैसा लगा लो। मुश्किल से ₹100 में 300 प्लस है। तो 400 कि.मी. चलती होगी। ठंड में तो वो बहुत ही लो हो जाता। तो फिर आपको क्या लगता है कि वैसे तो आप ईवी यूजर ऑलरेडी थे जिन्हें नहीं पता बता दूं भाई के पास Nexon EV भी थी जो कि इन्होंने इस गाड़ी को लेने से पहले बेच दी थी। तो अगेन वही वाला क्वेश्चन है जो लोगों के दिमाग में आता है कि भाई जो आइस और ईबी के बीच में जो डिफरेंस होता है प्राइस का आपकी रनिंग के अकॉर्डिंग वो ठीक है या फिर उल्टा हम उसे रनिंग कॉस्ट के अकॉर्डिंग अचीव कर सकते हैं। उससे ऊपर भी निकल सकते हैं। मुझे लगता है ना इलेक्ट्रिक कार्स अभी राइट नाउ जो मार्केट में हैं जो अवेलेबल है। अगर उसकी रेंज आपको प्रैक्टिकल वर्ल्ड में 400 प्लस मिल रही हो। हम हम अह वेदर इट इज़ दिस कार और Mahindra की जो गाड़ियां आई हुई हैं चाहे वह Harrier है तो वह एक बिल्कुल सही व्हीकल है कंपेरेबल टू एनी आइस व्हीकल। अ आप उसको बहुत टेंशन फ्री होके आराम से चला सकते हो। लेकिन ये बिल्कुल आपको बेंचमार्क रखना है कि जो रेंज है वो 400 से नीचे क्योंकि तब वो आपको एंग्जायटी देना स्टार्ट कर। ये बहुत मैं कहूंगा तगड़ा पॉइंट भाई ने यहां पे रेज करा है। और ये कैसे रेज कर पा रहे हैं मैं बता दूं। भाई Nexon EV के अंदर इन्होंने रेंज जो है थोड़ी कम देखी थी और सडनली जब इन्होंने रेंज में जंप देखा तो इनका जो एक्सपीरियंस है मैं कह सकता हूं बहुत अच्छा हो गया। हां हां हां और विथ दैट मेरे को एक एक और इंपॉर्टेंट फैक्टर जो लगता है जो आई थिंक इंडस्ट्री में अभी बहुत जरूरी भी है और जहां कई ब्रांड्स बहुत लैग करते हैं वो है बीएएमएस। ओके? व्हिच इज़ बेसिकली द बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम ऑफ़ द कार। हम ये बेसिकली हम सिंपल वर्ड्स में जो भी सॉफ्टवेयर्स हैं जिसके थ्रू ये गाड़ी रन हो रही है। आपने क्या इंस्टॉल कर रखा है? क्या नहीं कर रखा है और फिर गाड़ी उस हिसाब से एफिशिएंसी क्या दे रही है यह बहुत इंपॉर्टेंट है और इसमें कुछ स्पेसिफिक कंट्रीज विदाउट नेमिंग देम बहुत अच्छा काम कर रहा है और वहीं से कहीं ना कहीं ये गाड़ी भी सोर्स होती है या दूसरी गाड़ियां जो सिमिलर रेंज की हैं वो सोर्स होती है तो उस वजह से इसका बीएएमएस इतना सॉर्टेड है कि आपको प्रॉब्लम नहीं देता। अगेन एक एग्जांपल देता हूं मैं आपको। सो Nexon में मुझे क्या होता था कि गाड़ी में जो कंजमशन होता है वो्स पर किलोमीटर का कंजमशन होता है। तो इनिशियली जो सात या 8%ेज का जो कंजमशन हो रहा है आपको जब 100% आपने चार्ज कर लिया गाड़ी को तो वो जो कंजमशन होता है वो थोड़ा सा हायर साइड रहता है। उसका रीज़न ये होता है कि उस टाइम उस गाड़ी में रीजनरेशन नहीं चल रहा होता। हम् हम्। इस गाड़ी में राइट फ्रॉम से 99% या 100 से थोड़ा सा वह नीचे आए वहीं से रीजेनरेशन अवेलेबल है। ओके। तो जब रीजनरेटिव अह रीजनरेशन होगी गाड़ी आफ्टर अ सर्टेन परसेंटेज तो वहां से आपकी गाड़ी की बैटरी सेव होनी स्टार्ट हो जाएगी। राइट? तो यहां वो डिफरेंट होता है। फिर 90 टू 93% से जब आपको इन द केस ऑफ से टाटा आपको रीजनरेशन मिलना स्टार्ट होता है। वहां पर ये होता है कि आपकी जो कंसमशन है वो ऑलरेडी थोड़ी सी हाई चली गई होती है बिकॉज़ ऑफ़ दोज़ से और 8% तो उसको एक कंट्रोल में रखना थोड़ा सा मुश्किल है। ये मैं क्यों कह रहा हूं वॉट्स पर किलोमीटर का कंसमशन अगर आपका 100 के नीचे है इन द केस ऑफ़ Tata कार्स तो आपको वो रेंज ऑलमोस्ट उतनी मिल जाएगी जो क्लेम कर रही है। हम सो फॉर एग्जांपल अगर 325 कि.मी. की रेंज है Nexon 30 kवाट की तो अगर आप उसको 100 के नीचे किलोवाट कंसमशन को मैनेज करके चल रहे हो तो आप बहुत क्लोज उसके आ सकते हो। 275 280 300 यहां पे वो कैलकुलेशन ही नहीं दिया इन लोगों ने। हम हम एक तो ये पार्ट है। दूसरी चीज ये कि जो मैंने आपको बताया री रीजनरेशन आपको नीचे से मिल रहा है। तीसरी चीज मुझे लगता है कि इसका जो रीजनरेशन है वो इसके इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम में इन्होंने अटैच कर रखा है। ओके? व्हिच मींस कि अगर मैं इस गाड़ी का इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी प्रोग्राम बंद कर देता हूं जो मैं करके देखता हूं तो इसकी रीजनरेशन बंद हो जाती है। ओके ठीक है व्हिच इज़ नॉट द केस विल ओके सो दैट दैट इज व्हाट आई फील ठीक है अगर ड्राइव क्वालिटी की बात करूं अ 10,000 किलोमीटर कंप्लीट हो चुके हैं। कोई नॉइस आती हो, कोई रेटलिंग साउंड आती हो, अंदर हो कोई ऐसी नॉइज़ जो कि थोड़ा एनॉय करती हो, हाई स्पीड, लो स्पीड, सिटी वगैरह कहीं भी। नहीं वैसा कोई भी प्रॉब्लम कोई भी प्रॉब्लम नहीं है। कोई स्पेसिफिक पार्ट हो जिसकी क्वालिटी हल्की लगती हो। मैं ये कह सकता हूं जो जो ड्राइवर साइड का ग्लास है वो कभी-कभी जब मैं उसे हाफ खोल देता हूं तो मुझे लगता है वो हल्का-हल्का बहुत हल्का सा मूवमेंट कर रहा है। वैसे बहुत हल्की सी साउंड आती है। मुझे कोई मेजर वहां पे प्रॉब्लम नहीं लगती। ठीक है। एक एक शायद रीज़न ये भी हो सकता है। मैंने एक्चुअली गाड़ी को आपके साथ पहली बार मिलने के बाद मैंने इसमें एक्चुअली टिंटिंग भी करा ली है। तो अगर आप ध्यान से देखोगे तो हो सकता है वो टिंटिंग जब हल्की सी टच होती हो ग्लास नीचे आता हो तो वो आवाज करता हो बट वैसे कोई ओके और सीट को लेके आपने ऑलरेडी बता दिया है। पीछे आप बैठते हो नहीं बैठते? बहुत रेयरली। ओके। बहुत कंफर्टेबल रहता है। राइट हैंड वो हल्का सा बाउंसी फंक्शन। वो वाला सीन करा है आपने जो इसका सोफा मोड होता है। आपने आगे वाली इधर कर दी। फिर पूरा बिल्कुल नहीं नहीं मेरे को एक्चुअली कभी क्योंकि मैं जनरली 80 90% सिंगलली अकेला ही ड्राइव करता हूं। कभी आप मंथली दो मंथली फैमिली के साथ जा रहे हो तभी सिचुएशन बनती है। नीड लगती नहीं है। शायद अभी मुझे नेक्स्ट मंथ में अमृतसर की तरफ जाना है। तो हो सकता है वो यूज़ हो। यार दूसरी चीज मुझे लगती है इसका जो इंसुलेशन है गाड़ी का वो अच्छा नहीं है। तो इंसुलेशन से क्या होता है कि मुझे पहले तो लगता था कि इंसुलेशन ठीक है। बाहर की साउंड अंदर इतनी नहीं आ रही। बट इंसुलेशन में भी तो है कि अंदर की साउंड बाहर ना जाए। ओके? तो जो अंदर से जब म्यूजिक चल रहा होता है या कुछ भी ऐसा हो रहा होता है तो वहां पर साउंड बाहर वालों को सुनाई देती है। अगर मैं कॉल पे बात कर रहा हूं और वॉल्यूम बहुत हाई है तो वो बाहर वालों को। तो वो मुझे लगता है। अब इंसुलेशन मुझे इसकी बॉडी मटेरियल की वजह से नहीं लगता। मुझे उसमें कंसर्न यह लगता है कि इसमें अंदर कहीं पैडिंग यूज़ ही नहीं करी। टीवी में होता भी है ना कि ट्रंक के एरिया में आई मीन फ्रंट के एरिया में या यू नो साइड डोर्स के एरिया में इतनी कोई इंसुलेशन मटेरियल यूज़ होता नहीं है। तो वो एक मुझे और नेगेटिव पार्ट लगता है। फ्रंट पार्ट जो है काफी मिनिलिस्टिक सा है। सो ये आपके टेस्ट के अकॉर्डिंग है या फिर ठीक है भाई गाड़ी में जो है वो है। ये भी ना अगर मुझे तो लगता है इट्स वै ईजी टू ड्राइव। एक तो क्या है कि ग्लास एरिया बहुत बड़ा है। फिर यह जो आप क्वार्टर पैनल्स हैं यहां पर इससे भी आपको बहुत अच्छा विज़न मिलता है। दूसरी चीज़ है आपकी गाड़ी की नोज़ बहुत लंबी नहीं है ना हम और फिर 360° कैमरा भी है। हम्म तो मुझे तो इनफैक्ट ये गाड़ी चलने में फार बेटर लगती है। देन अभी तक मैंने कोई छोटी गाड़ियां भी चलाई है उनसे। ओके। गाड़ी लेंथ में बहुत बढ़िया है। ये बढ़िया है। 4.3 आई गेस। हां। आई थिंक आप लेंथ की बात कर रहे हो। इसका व्हील बेस नॉट रोंग अराउंड 2700 mm है। अगेन मैं एक और पॉजिटिव पार्ट बताऊं। आप इमेजिन करो 2700 इस गाड़ी का Toyota Fortuner इज़ 2745 एमm और फॉर दैट केस Innov आई थिंक इज 2750 जस्ट 50 एमm कम है लेंथ में। एंड उनकी उनका साइज बहुत बड़ा है। हां वो तो अलग है। तो उस हिसाब से आप इमेजिन कर सकते हो अंदर कितनी स्पेस है। राइट राइट। स्पेस की तो खैर किंग है ये। कोई गाड़ी नियर है ही नहीं। अभी तक तो नहीं है यार। मुझे लग रहा है नियर फ्यूचर भी नहीं है। कोई किसी ब्रांड की तरफ से देखा नहीं। हां बहुत मुश्किल है। मतलब जो जो ये कर पा रही है बहुत ज्यादा मुश्किल है। विद ऑल द बेसिक्स बहुत मुश्किल है। और अगर हम बात करें परफॉर्मेंस की एक्सक्लरेशन की वो कैसा है? परफस या मोटर आउटपुट की बात करें कैसा लगता है अलग-अलग मोड्स में भी अगर आप चलाते हो तो नहीं मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं लगती। लेकिन जो इसका इको और इको प्लस मोड है ना वो तो ऑलमोस्ट अनयूजेबल है। अच्छा वो बहुत ज्यादा इंट्रोसिव है। आपको बिल्कुल भी पिकअप नहीं मिलती। हम नॉर्मल एंड स्पोर्ट्स अच्छे हैं। स्पोर्ट्स ऑब्वियसली आप चला नहीं सकते हो क्योंकि आपको रेंज नहीं मिलेगी। पर नॉर्मल जो इसका मोड है वो बिल्कुल परफेक्ट है। गाड़ी में कोई एक्सीलरेशन की प्रॉब्लम नहीं होती। जब मैं शुरू में सिर्फ सिटी में चला पाया था तो मुझे लगता था कि शायद ये हाईवे पे मुझे फील होगा कि इसमें पावर की कमी है। लेकिन जब मैंने हाईवे पे चलाया तो आप चलाते जाते हो कास्टेंटली। इनफैक्ट आपको कभी-कभी आराम से चला के भी यह पता नहीं चल पाता कि आप 100 पहुंच गए। 1120 पहुंच गए। तो ये आपको फील नहीं होने देती। लोड नहीं फील होता। चाहे आपकी गाड़ी में चार लोग बैठे हो, एक बंदा बैठा हो। तो पावर नॉट एन इशू। मोड के पॉइंट ऑफ व्यू से रिकमेंडेड इज़ नॉर्मल। अ यस। और ब्रेकिंग कैसी है? ब्रेकिंग बहुत अच्छी है। ब्रेक का एक्चुअली ट्रेवल बहुत ज्यादा है। तो जब आप ब्रेक प्रेस करते हो तो जितने में कोई भी दूसरी गाड़ी कंप्लीट ब्रेक लगा देगी। इसका ट्रैवल थोड़ा सा ज्यादा है। उस वजह से क्या होता है? आपका शायद कैलकुलेशन कहीं पर हल्का सा उतना बैठ नहीं पाता। तो आप ज्यादा दबा देते हो और इसका ब्रेक बाइट बहुत तगड़ा है। अच्छा तो गाड़ी बहुत अजीब तरीके से रुक जाती है। तो कई बार ऐसा होता है कि पीछे सामान पड़ा हो तो वो आगे आ जाएगा क्योंकि आपका वो कैलकुलेशन इतना परफेक्ट नहीं है। लेकिन वो स्लोली एंड स्विफ्टली मैंने उसे मास्टर कर लिया है। तो अब वो इशू नहीं होता बट शुरू में तो ये इशू और अगर मैं लाइट थ्रो वगैरह की बात करूं कैसी है? एवरेज है। मुझे लगता है बहुत स्ट्रांग नहीं है। इस पे बहुत सारा काम कर सकता था मतलब एमg मुझे लगता है मुझे एडिशनल लाइट शायद लगानी पड़गी बट ऑब्वियसली उसमें वारंटी कंसर्न्स होते हैं तो मैं कोई ऐसा तरीका निकालने की कोशिश कर रहा हूं कि वारंटी पे कोई कंसर्न ना आए बट लाइट इज ओके एवरेज बाकी जैसे कि साउंड सिस्टम वगैरह साउंड सिस्टम तो बहुत अच्छा है। बहुत अच्छा है। बहुत अच्छा साउंड सिस्टम है। आई थिंक इफ आई एम नॉट रोंग इसमें एट स्पीकर सिस्टम है। तो फ्रंट में दो स्पीकर्स हैं। फिर ऊपर उसके ट्विटर्स हैं। पीछे भी सिमिलर है। दो स्पीकर्स, दो ट्विटर्स और पीछे एक सबवफर है या वूफर बोल सकते हो आप। तो साउंड तो बहुत ही अच्छा आता है और खासकर अगर आपने Apple फोन से कनेक्ट कर रखा है तो तो बहुत बेटर साउंड आता है। जो अंदर चार्जिंग ऑप्शन अवेलेबल है वायरलेस वगैरह वायरलेस है इसमें? वायरलेस चार्जिंग है। उसका कैसा यूज़ कैसे? ठीक है। कैसे वर्क करता है? वेरी मच लाइक यू नो जैसे वो चलते हैं। अगर आपने ढंग से पोजीशन कर दिया तो ठीक से चल जाएगा। वरना बहुत हीटिंग भी होती है। और एक और चीज भी है इसमें नीचे कोई फैन वगैरह नहीं लगा रखा है। तो Tata की कार्स में फैन आता है नीचे। तो आपका फोन थोड़ा सा कूल भी होता है। तो मैं उसे यूज़ करता ही नहीं हूं। केबल इनफ है। ठीक है। कुछ ऐड एक्सेसरीज जो ली थी वो वर्थ इट लगी वो। हां। मैं मुझे अभी तक कोई प्रॉब्लम नहीं आई। सारी एक्सेसरीज प्रॉपर्ली लगी हुई है। मेरे को जो पहले सजेशन मिला था कि गाड़ी का जो ऊपर रूफ रेल्स आते हैं हम वो हीट की वजह से क्योंकि इसमें ग्लास का एरिया है तो वो निकल जाते हैं। कुछ ऐसा फीडबैक था तो मैंने उसे पहले ही नहीं लगवाया था। रूफ रेल्स लगवाए भी थे। सो दैट्स द ओनली थिंग। बाकी जो अभी एक्सेसरीज लगी हुई है बहुत अच्छी हैं। कोई प्रॉब्लम नहीं है। अब क्षितिज भाई सबसे मेन क्वेश्चन आता है। बहुत से बंदे जो इस वीडियो को देख रहे हैं उनमें से ऐसे भी हैं जो इस गाड़ी को लेने की कंसीडर कर रहे हैं। या फिर सोच रहे हैं या शॉर्टलिस्ट करके बैठे हैं। उनके लिए थोड़ा सा इजी करो कि अगर कोई इस गाड़ी को ले रहा है तो क्यों ले और या फिर कौन अवॉयड कर सकता है। मैं अगर प्रो के सपोर्ट में बोलूं तो प्रो के सपोर्ट में तो ज्यादातर जो फैक्टर्स हैं वो पॉजिटिव ही हैं। अगर आप इसे छोटी बैटरी से कंपेयर कर रहे हो तो तो मैं बहुत स्ट्रोंगली बोलूंगा कि छोटी बैटरी तो मैं कभी सजेस्ट करूंगा नहीं। उसका बहुत सिंपल रीज़न मुझे लगता है कि ये गाड़ी लॉन्ग है हम और ऐसा भी नहीं है कि बिल्कुल ही इजी टू ड्राइव हो लाइक अ स्मॉल कार व्हिच मींस कि अगर मेरे पास छोटी बैटरी है तो मैं इतनी लंबी गाड़ी क्यों चलाऊंगा अ तो इसलिए प्रो के सपोर्ट में तो मुझे सारे फैक्टर्स अच्छे ही लगते हैं। अगर आपको लगता है कि आपकी जो रनिंग है वो 506 कि.मी. की है दिन में हायर साइड पे 100 कि.मी. की भी है तो आपको ये गाड़ी आराम से तीन-चार दिन निकाल देगी बिना चार्ज के। ठीक है? और मेरे जैसे रनिंग में तो आपका एक वीक पक्का निकलेगा। चाहे वो ठंड हो, गर्मी हो, कुछ भी हो। दूसरी चीज ये कि बिल्ड क्वालिटी गाड़ी की अच्छी है। मुझे पर्सनली कोई कंसर्न आया नहीं है। एक बहुत ही क्लियर रेड फ्लैग एडस के बारे में मैंने आप लोगों को बता दिया। मैं पर्सनली अगर मुझे ये चीज पता चल गई होती पहले तो मैं एडस वाला वेरिएंट नहीं लेता। फिर मैं इससे नीचे भी pro का एक और वेरिएंट आता है। मैं वो वाला लेता। बट एडस विद दिस कार इज अ प्रॉब्लम। आई वुड नॉट सजेस्ट एनीवन दैट। और एडस इन इंडिया इज आल्सो मुझे लगता है बहुत हेल्पफुल नहीं है। अदर देन अगर आपका हाईवे ड्राइव बहुत ज्यादा है और मोर ओवर गाड़ी स्ट्रेट देख के ना चलाना या सिस्टम पे किसी चीज के लिए डिपेंड करना मुझे लगता है शायद वो सेफ्टी के लिए इतनी अच्छी चीज नहीं है। तो net मैं सभी लोगों को बहुत क्लियरली रिकमेंड कर सकता हूं। द प्रो वन नीचे वाला वेरिएंट आप अपनी नीड के हिसाब से चूज़ करें। वेरी स्मार्ट आंसर काफी डिटेल में बता दिया आपने। अब फाइनल अभी आपने लगभग 10,000 कंपनी कर लिए हैं। उसके अकॉर्डिंग 10 में से कितना रेट करोगे? मैं इसको एट तो रेट कर सकता हूं वेरी वेरीरी कॉन्फिडेंटली और मेरे को शायद याद नहीं है। मैंने आपको शायद ये नाइन रेट किया था इफ आई एम नॉट रोंग लास्ट टाइम। वो एक एक नंबर क्लियरली इसके एडस की वजह से कट गया। और मुझे अभी भी बड़ा एक्सपेक्टेशन है एमजे इंडिया से कि मुझे किसी तरह का हेल्प उस टाइम पता मतलब पता चला चले मुझे कि उस दिन क्या हुआ था क्योंकि मेरे दो क्वेश्चन थे उनके इससे रिलेटेड एक था कि भ मैकेनिकल फेलियर तो नहीं था कोई कि भ चलती हुई गाड़ी में कहीं मोटर में कुछ इशू हुआ और गाड़ी एकदम से रुक गई है ऐसा कुछ या फिर ये एक्चुअली एडस ने ही कुछ रीड किया था ये दो क्वेश्चन मेरे उन लोगों को थे जो मुझे कभी आंसर नहीं हुए तो आई एम रियली एक्सपेक्टिंग कि एमजी इंडिया मुझे इस इसका कोई आंसर से रेस्ट मुझे कोई गाड़ी में कंसर्न नहीं लगता और सस्पेंशन का पार्ट मैंने आपको बताया ही है। सस्पेंशन बहुत अच्छा नहीं है। अ लेकिन ये भी नहीं है कि आपको कोई ऐसा फील हो कि जैसे आप बहुत छोटी कोई हैचबैग चला रहे हो कि बार-बार आपको एंडुलेशंस फील हो रहे हैं वैसा भी नहीं है। लेकिन सस्पेंशन के मैच में तो इससे बेटर बहुत सारी गाड़ियां हैं। अगर आपका मेन फोकस है कि आपको कंप्लीटली कंफर्ट चाहिए इन टर्म्स कि मैं कभी भी जाऊं मुझे खड्डे भी फील ना हो या ना हो तो शायद ये गाड़ी आपको उतनी अच्छी नहीं लगेगी। बाकी सारे पैराटर्स में कोई कंसर्न नहीं है। ठीक है। ओके थैंक यू सिश भाई हमारे चैनल पे दोबारा आने के लिए। आई होप हम दोबारा से इसका रिव्यु करेंगे लॉन्ग टर्म में। और अगर आपको भी ऐसा ही अपना रिव्यु देना है तो भाई डिस्क्रिप्शन में मैंने फॉर्म डाल रखा है। आप वहां पे जाके उस फॉर्म को फिल कर दो। दिल्ली एनसीआर वाले करना है भाई। और हम आपका रिव्यु ले लेंगे।
Windsor EV Ownership: The Problems You Only Know After Months
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0:00 Intro — EV lene se pehle sochna kyun zaroori hai
0:37 Long-term summary — 9–10k km baad kya mila
1:21 UP subsidy aur registration cost ka breakdown
3:00 Subsidy ka impact — aaj EV lene ka decision kaise badla
5:06 Screen issue aur software update ka result
6:03 ADAS incident — kya hua aur result kya nikla
8:00 ADAS ko manually off rakhne ki wajah
11:30 Charging experience aur real-world range (city vs highway)
13:02 Thand ka effect aur 45% battery par 325 km ka case
15:31 Daily charging habit — kitni frequently charge karte hain
17:18 Service history aur service charges (1,500 / 5,000 km)
19:47 Company communication & support ka experience
22:00 BMS (Battery Management) aur regenerative braking ka effect
24:00 Build quality, insulation aur interior comfort notes
27:00 Driving feel, performance modes aur braking feedback
30:56 Kaun le aur kaun avoid kare — pro vs ads variant
32:56 Final rating after ~10,000 km — summary & red flags
34:14 Outro — aage ka plan / feedback form info
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