Say NO to EV Car after GST 2.0 . DONT MAKE MISTAKE !!

हां जी साहब वेलकम टू माय कार हेल्पलाइन कैसे हैं आप लोग देखिए आज का जो सेशन है उसमें बात कर रहे हैं जीएसटी 2.0 के बाद अब 22 सितंबर से क्या इलेक्ट्रिक कार आपको लेनी चाहिए क्या उसके मायने रह जाएंगे क्योंकि अभी जो जीएसटी कम हो रहा है वो हो रहा है इंटरनल कंबस्शन इंजंस पे छोटी गाड़ियों में अब हो जाएगा फ्रॉम 28% टू 18% और जो लार्ज सेगमेंट कार्स है उस पे भी जिस पे अब तक जीएसटी और कंपेशन लगता था 45 टू 50% उस पे अब हो जाएगा 40% एक्सपेक्ट कर रहे हैं स्मॉल कार्स आर गोइंग टू गेट अ प्राइस कट इन द रेंज ऑफ़ ₹1 लाख टू 1 लाख और मिड एसयूवी पेट्रोल कार्स आर गोइंग टू गेट गेट इकोनमिक इन द रेंज ऑफ़ ₹40,000 टू ₹70,000 डीजल कार्स 1 से ₹1.5 लाख तक सस्ती हो रही है मिड सेगमेंट के अंदर। तो अब इलेक्ट्रिक कार्स जिस पे जीएसटी सीमेंस सेम एट 5% क्या उसको लेने का कोई औचित्य है? देखिए थोड़ा सा मैं आपको अपने बिल्कुल क्लियर कट विचार कहता हूं क्योंकि वैसे मेरे बड़े स्ट्रांग ओपिनियंस हैं। जो लोग सोचते हैं ईवी को गो ग्रीन के बारे में बॉस थोड़ा सा आप फैक्ट्स को चेक करेंगे। हिंदुस्तान में जो बिजली प्रोड्यूस होती है उसमें एक रिपोर्ट निकल के आई थी कि अब 50% एनर्जी रिन्यूएबल सोर्सेस के थ्रू प्रोड्यूस होगी। लेकिन बॉस जो यह रिन्यूएबल सोर्सेस ऑफ़ एनर्जी है उसकी कैपेसिटी रिलेशन इज़ टू लो। सोलर की विंड की इनकी कैपेसिटी रिलेशन इज़ इन द रेंज ऑफ़ 20 टू 30% और इसके कारण वर्तमान 2025 के मिड में भी भारत के अंदर 75% से ज्यादा बिजली थर्मल सोर्सेस कोल से उससे प्रोड्यूस हो रही है। रिन्यूएबल सोर्सेस का जो आंकड़ा है वो केवल 25% है। और दूसरी बात जो यह ईवी कार्स की सबसे बड़ा कॉम्पोनेंट होता है वो होती है कार की बैटरी। उसके रिसाइकलेबिलिटी पे एक बहुत बड़ा सवाल है। जब वो ईवी कार्स एंड ऑफ लाइफ टुवर्ड्स पहुंचेगी। वर्तमान में बता रहा हूं देयर इज नो वे। लोग कह तो रहे हैं फ्यूचर में डेवलप होगा आएगा। लेकिन साहब आपने एक चीज बना दी जिसके वर्तमान में कोई चीज नहीं है कि उसकी रिसाइक्लेबिलिटी कैसे होगी। अगर वो अर्थ में डंप हुई तो अर्थ का पोल्यूशन हो गया। और जो ये बिजली से कार चार्ज हो रही है उसका पोल्यूशन हो गया। और जो ईवी कार्स की बैटरी बन रही है उस बैटरी को बनाने में जो कॉम्पोनेंट्स इस्तेमाल हो रहे हैं लिथियम निकल कोबाल्ट उससे पोलशन हो रहा है। माइनिंग के थ्रू पोलशन हो रहा है। तो आप कान को ऐसे पकड़े ऐसे पकड़े पकड़ तो कान रहे हैं। तो गोइंग का जो नारा लगा रहे हैं वो बंद कर दीजिए। दूसरी बात जो ईवी का सबसे बड़ा इशू आज की तारीख में है वो है बॉस रेंज एंजाइटटी। ईवी कार्स का जो चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर है वो बिल्कुल सर्टेनली वो डेवलप नहीं हुआ जिस हिसाब से इंटरनल कंबस इंजन जैसे हमारी पेट्रोल कार्स है उसके पेट्रोल पंप डीजल कार्स के फ्यूल स्टेशंस वो हर किलोमीटर 2 किलोमीटर के दायरे में आपको एक दो मिल जाएंगे। ईवी कार्स के जो चार्जिंग का सेटअप है, नेटवर्क है, वो बड़ा लिमिटेड है। आप हाईवे पर जा रहे हैं, लॉन्ग डिस्टेंस प्लान कर रहे हैं। देयर इज एब्सोलुटली अ सेट ऑफ एंजाइटटी व्हिच वुड बी देयर इन द बैक ऑफ द माइंड। आप छोटा-मोटा डिस्टेंस प्लान कर रहे हैं। सपोज दिल्ली से मेरठ जा रहे हैं। कोई बात नहीं है। आप जा सकते हैं, आ सकते हैं। बट इफ यू प्लान फॉर अ लॉन्ग डिस्टेंस यू चंडीगढ़ हो गया। वो आपसे अनब सोचेंगे। तो बॉस मन में एक बार सवाल आएगा। अंटिल एस यू आर हैविंग अ वेरी हायर रेंज यूवी। जिसकी रेंज ज्यादा है। Mahindra की XUV B6 हो गई, B9 हो गई। तो अलग बात है। लेकिन मैं बता रहा हूं मोस्ट ऑफ द EV कार्स में लॉन्ग डिस्टेंस में चार्जिंग की एक रेंज एंजायटी है। वो इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप नहीं हुआ है। और आपको यहां तक कहना चाहता हूं एक दो बार आपकी ईवी कार अगर रोड प्रेस ट्रैंडेड हो गई ना जो आपने ईवी का मजा लेके सोचा कि मैं ईवी कार लूंगा गोइंग के हिसाब से लूंगा। रनिंग कॉस्ट कम आएगी। वो एक दो बार आप खड़े हो गए अगर आपकी बैटरी की रेंज पूरी खत्म हो गई वो चिंता वहां आ जाती है। तीसरी बात ईवी की रनिंग कॉस्ट के बारे में भी। अब यह भी बताना चाहता हूं देयर आर सो मेनी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन आरडब्ल्यूएस दिल्ली में, बॉम्बे में, अलग-अलग शहरों में, बोर के अंदर वो सोसाइटी के अंदर एनकरेज नहीं कर रहे हैं ईवी कार्स। देयर हैव बीन सो मेनी इंस्टेंस व्हिच आर देयर ऑन द सोशल मीडिया। आप खुद भी चेक कर सकते हैं। एक रहेगा मन में कि चार्जिंग करूं तो क्या करूं? अगर आपके पास इंडिपेंडेंट हाउस है या आपका आरडब्ल्यूए सपोर्ट कर रहा है या ऐसी नई सोसाइटी है जहां पे इलेक्ट्रिक का आपका सेटअप हो सकता है तो इट इज वेल एंड गुड। पर जहां पे यह सेटअप होने की समस्या है। मैं बता रहा हूं। कमर्शियल चार्जर में जाएंगे तो 30 से ₹35 प्रति यूनिट कमर्शियल चार्जर चार्ज कर रहे हैं। तो 40 किलो वाट की अगर बैटरी फुल चार्ज करने जाएंगे। इट्स ऑलमोस्ट गोइंग टॉस्ट यू ₹1200 ₹100 और रेंज रहेगी कितनी 300 कि.मी. तो ₹4 यूनिट आपके कार की रनिंग कॉस्ट ऑलरेडी आने लगी है। इसको आप पेट्रोल से कंपैरिजन मत करिए कंपेयर वि द सीएनजी और कंपेयर वि द डीजल। डीजल में भी 4 से ₹5 की रनिंग कॉस्ट है और सीएनजी में भी ₹4 की कॉस्ट है। तो वो जो एडवांटेज है कॉस्ट की अगर आप कमर्शियल चार्जेस में जाएंगे वो आप वहां पे डिफिट हो जाएगा पर्पस कि एवी कार्स की रनिंग कॉस्ट कम है। सो अगर आप ईवी कंसीडर कर रहे हैं मैं आपको दो तीन चीजें कहना चाहता हूं। एक तो अपने बैक ऑफ पीछे पैट मत करिए कि गोगरिंग के बारे में जा रहे हैं। वह गलत बात है। यस अगर आपके पास ईवी का चार्जिंग सेटअप हो सकता है। आप अपने मकान के वहां पे ही कार चार्ज कर रहे हैं तो आप कंसीडर कर सकते हैं बेसिस रैंक कॉस्ट। लॉन्ग डिस्टेंस में सर्टेनली आपको थोड़ा सा प्लान आउट करना पड़ेगा। मैं बता रहा हूं देयर हैव बीन फ्यू जो कहते हैं ना कि मैं चैंपियन हूं इसका कि मैं दिल्ली से बॉम्बे चला जाऊंगा। मैं बहुत 1000 कि.मी. की ड्राइव ले जाऊंगा ईवी पे। लोग कर लेते हैं। ऐसा असंभव नहीं है। वह ऐप के थ्रू देखते हैं। यहां है, वहां है। कई बार कुछ जो चार्जिंग स्टेशंस होते हैं। वहां पे कुछ मैल फंक्शन होता है। कुछ और इशू होता है। लेकिन लोग कर लेते हैं। लेकिन पारिवारिक लोग मैं बता रहा हूं। थोड़ा सा उसमें एक इशू है। लॉन्ग डिस्टेंस में जाएंगे। दिल्ली से जयपुर जाना है। जयपुर से वापस आना है। ऐसा नहीं कि जयपुर में चार्जिंग सेटअप नहीं है। आप कर सकते हैं। लेकिन थोड़ा सा आपको उसके लिए प्लान आउट करना पड़ेगा। वो यह वो एक बात है। Tata इज़ नंबर थ्री यू नीड टू कंसीडर इन। नंबर फोर्थ अ वेरी बिग थिंग अबाउट द ईवी कार्स। देखिए ईवी सेगमेंट ग्रो तो हो रहा है बट EV इज़ अ टेक्नोलॉजी इज़ आल्सो चेंजिंग रैपिडली। और यही रीज़न है कि जो कार्स 2020 में आई थी Tata Motor वास व्हाट द पाइनियर। Nexon EV के रूप में Tigor EV के रूप में मॉरिस गराज की Z सेस EV जो स्टार्टिंग में आई थी बॉस EV का की जो सबसे बड़ा कोशनेबल फैक्टर है लॉन्ग टर्म ओनरशिप में वो है रिसेल वैल्यू। देयर हैव बीन इंस्टेंसेस। जैसे आपको पता होगा ब्लू स्मार्ट एक कैब एग्रीगेटर था। वो अब बंद हो गया है बिकॉज़ ऑफ़ सम ऑफ़ द इशज़। लेकिन उनकी जो Tata Tigor EC कार्स थी वह ओनेपौने भाव में 2 से 3 लाख के बीच में सुनने में आ रहा था। वर बीन गेटिंग सोल्ड ऑन एज इट इज बेसिस और मुश्किल से चारप साल पुरानी गाड़ियां थी। ईवी कार्स के अंदर बैटरी की वो वारंटी रह रही है वो रह रही है 8 साल। हालांकि कंपनी ने हाल फिलहाल में इंट्रोड्यूस किया है कि बैटरीज आर गोइंग टू गेट अ लाइफ टाइम वारंटी। लेकिन अगर वो अपनी ईवी कार को सेल करेंगे। द सेकंड ओनर वुड बी डिप्राइव ऑफ़ द बैटरी वारंटी जो लाइफ टाइम पहले उन लोगों को मिल रही थी। उसको 8 साल की वारंटी मिलेगी। जो सबसे बड़ा कॉम्पोनेंट है ईवी कार्स का वो है उसका बैटरी कॉम्पोनेंट। इट्स ऑलमोस्ट गोइंग टू कॉस्ट अ सब्सटैंशियल ह्यूज अमाउंट ऑफ मनी। मेरी जितनी पहचान है टू द सेगमेंट जो यूज़ का के शोरूम्स हैं, डीलर्स हैं, मैंने उनसे कई बार बात करी ईवी की वो रिसेल वैल्यू नहीं है। लॉन्ग टर्म बेसिस पे बता रहा हूं जो आपको एक इंटरनल कंबस्शन इंजन में मिलती है। आप ईवी को देख सकते हैं। दूसरी कार के रूप में, कन्वीनियंस के रूप में, लोअर रनिंग कॉस्ट के रूप में। अगर आपके मकान में चार्जिंग का सेटअप है। शॉर्ट डिस्टेंस के रूप में या उस डिस्टेंस के रूप में सपोज दिल्ली से मेरठ 100 कि.मी. जाना है, 100 कि.मी. आना है, 150 कि.मी. जाना है, 150 कि.मी. आना है, वहां तक भी कंसीडर कर सकते हैं। बट, EV मेरे हिसाब से प्राइमरी कार के रूप में एक सवाल है। और जो पांचवी चीज है, EV का बारे बिल्कुल यह कहा जाता है कि ईवी कार्स की सर्विस कॉस्ट कम है। बिकॉज़ ईवी कार के मूविंग पार्ट्स कम है। ईवीज़ बिल्कुल लोग इसके बारे में तवज्जो देते हैं कि ईवी ईवी लेकिन बॉस ईवी में भी एक और बात है जो उसके मेजर सारे ये बैटरी ये सब चीजें सब जुड़ी हुई हैं और जितने ज्यादा फीचर्स आ रहे हैं वो सब सॉफ्टवेयर से जुड़े हैं। सॉफ्टवेयर क्लिच एक बड़ी समस्या है। आई डू नॉट नीड टू मतलब मैं अगर कुछ इंस्टेंसेस आपको दूंगा तो आपको लगेगा ब्रांड डिफेम कर रहा हूं। बट देयर हैव बीन एन नंबर ऑफ इंस्टेंसेस इन द ईवी का जिसमें कस्टमर्स को इशू आ रहा है। क्या इशू आ रहा है वो अब आप या तो Twitter सर्च कर लीजिए या आप सोशल मीडिया के अकाउंट्स चेक कर लीजिए। देयर हैव बीन मेनी इशूज़। ईवी रिलायबल तो है। मैं बता रहा हूं कि उसमें मूविंग पार्ट्स कम है। लेकिन अगर आपकी बैटरी सडनली डिप्लीट हो गई 80% से 20% आपने देखा। आप चार्ज कर रहे हैं 70% से और 40% दिखाई देने लग गई। वो मन में आएगा ना आपने तो कोई ट्रिप प्लान किया और यह क्या हुआ सडनली बैटरी काम की हो गई तो बॉस कहते हैं 100 सुनार की एक लोहार की तो इंटरनल कंबशन इंजन को भले आप बोले आउटडेटेड है थोड़ा सा यह है ईवी इज व्हाट गोइंग टू बी द फ्यूचर लेकिन 100 सुनार की एक लोहार की बात वो है तो कुछ बातें थी आने वाले समय में यस इन द नेक्स्ट फोर टू फाइव इयर्स रिन्यूएबल जो सोर्सेस होंगे हालांकि सरकार ने 50% अचीव तो कर लिया है पर जैसे उसका कैपिटल इंप्रोवाइज होगा। अगले चारप साल में आप कह सकते हैं अगर रिन्यूएबल सोर्सेस के अंदर इंप्रोवाइजेशन हुआ चार्ज बिजली जो हो रही है उसमें 50% अगर रिन्यूएबल सोर्स आना शुरू हो गया। ईवी का चार्जिंग इंफ्रा इंप्रूव हुआ। आर डब्ल्यूएस कमेटी को इंस्ट्रक्शंस दिए जाए कि चार्जिंग के बारे में प्रमोट करना है। चार्जिंग को मना नहीं करना है। ईवी की रनिंग कॉस्ट बिल्कुल कम होगी। और उस टाइम में अगर ईवी स्टेबल होती है तो बिल्कुल लीजिए। बट दीज़ कार्स आर बॉट फॉर द लॉन्ग टर्म। अभी वर्तमान में जीएसटी 2.0 के बाद जब इंटरनल कंबशन या कार्स की प्राइस में कमी हो रही है। EV कार्स को लेने का मेरे हिसाब से अभी कोई औचित्य नहीं है। तो जरूरी सेशन था। आप बताइए आपके क्या विचार है। इफ इन केस यू आर सिंग विद मी थॉट। वीडियो को अपवर्ड करिए। वीडियो को शेयर करिए और चैनल माइक्रोफाइन पे नए हैं सब्सक्राइब करिए फॉर द बेस्ट ऑफ़ अपडेट्स ऑन द ऑटो सेक्टर। थैंक यू।

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